Sun Saturn Shadashtak Yog 2026: 6 सितंबर 2026 की सुबह 4 बजकर 15 मिनट पर सूर्य और शनि के बीच 150 डिग्री का संबंध बन गया है। सूर्य इस समय सिंह राशि में और शनि मीन राशि में स्थित हैं। वैदिक ज्योतिष में सूर्य और शनि के बीच बना यह षडाष्टक संबंध तनाव, विरोध, देरी और जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ाने वाला माना जाता है। दोनों ग्रह एक-दूसरे के शत्रु माने जाते हैं, इसलिए इस स्थिति का असर कुछ राशियों पर ज्यादा तीखा दिखाई देता है। चंद्र राशि के आधार पर देखें तो कुछ राशि वालों को इस दौरान सबसे ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए। इन राशियों के लिए सूर्य-शनि का संबंध करियर, स्वास्थ्य, मानसिक दबाव, धन और पारिवारिक मामलों में तनाव बढ़ा सकता है। हालांकि, इस योग का असर करीब 60 दिनों तक रहता है। इस कारण इन दिनों में आपको संभलकर रहने की आवश्यकता है।
सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य हैं और इस समय सूर्य आपकी ही राशि में बैठे हैं। दूसरी तरफ शनि आपके लिए आठवें भाव में स्थित होकर सूर्य से षडाष्टक संबंध बना रहे हैं। इससे आत्मविश्वास और परिस्थितियों के बीच टकराव बढ़ सकता है। नौकरी में सीनियर या मैनेजमेंट से मतभेद हो सकता है। अपनी बात मनवाने की कोशिश और सामने से आने वाला विरोध तनाव बढ़ा सकता है। ऑफिस में छोटी गलती भी बड़ा मुद्दा बन सकती है। करियर में अचानक बदलाव का विचार आए तो तुरंत इस्तीफा देने से बचें। पिता या किसी वरिष्ठ व्यक्ति से भी मतभेद की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही नहीं करनी चाहिए, खासकर पुरानी परेशानी हो तो उसे नजरअंदाज न करें। रविवार को सूर्यदेव को तांबे के पात्र से जल दें और 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप करें। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल का दान करें। इससे सूर्य और शनि दोनों से जुड़े पारंपरिक उपाय पूरे होंगे।
कुंभ राशि के लिए शनि लग्न में और सूर्य सातवें भाव में स्थित हैं। इससे षडाष्टक संबंध स्वयं और पार्टनरशिप के बीच तनाव पैदा कर सकता है। बिजनेस पार्टनर, जीवनसाथी या किसी करीबी व्यक्ति के साथ विचारों का टकराव बढ़ सकता है। बिजनेस करने वालों को कोई एग्रीमेंट, पेमेंट या पार्टनरशिप डील जल्दबाजी में फाइनल नहीं करनी है। रिश्तों में भी कठोर भाषा से बचें। किसी पुराने विवाद को दोबारा छेड़ने से बात बढ़ सकती है। धन के मामले में भी किसी दूसरे व्यक्ति पर पूरी तरह निर्भर रहना ठीक नहीं होगा। शनिवार को शनि देव की पूजा करें और जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल का दान करें। रविवार को सूर्य को अर्घ्य देकर पिता या किसी बड़े व्यक्ति का आशीर्वाद लें। इससे इस समय की ग्रह स्थिति में धैर्य और संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मीन राशि में शनि पहले से बैठे हैं और सूर्य उनसे आठवें-छठे का संबंध बनाकर षडाष्टक योग तैयार कर रहे हैं। शनि मीन राशि वालों के लिए सीधे व्यक्तित्व और जीवन की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि सूर्य छठे भाव में आकर नौकरी, कर्ज, विरोध और स्वास्थ्य से जुड़े विषय सक्रिय कर रहे हैं। इस दौरान काम का दबाव बढ़ सकता है। ऑफिस में किसी विवाद या जिम्मेदारी को लेकर तनाव पैदा हो सकता है। मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी और परिणाम मिलने में देरी हो सकती है। कर्ज, भुगतान या किसी पुराने विवाद को लेकर भी मानसिक परेशानी बढ़ सकती है। मीन राशि वालों को इस समय अपनी दिनचर्या और काम के बीच सही बैलेंस रखना होगा। शनिवार को काली उड़द या काले तिल का दान करें और रविवार को उगते सूर्य को जल चढ़ाएं। किसी विवाद में सीधे टकराने के बजाय शांत तरीके से स्थिति संभालना आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहेगा।
सिंह राशि के लिए सूर्य सीधे लग्न में हैं और शनि आठवें भाव में होने के कारण करियर व मान-सम्मान पर दबाव बढ़ रहा है। मीन राशि पर शनि का सीधा प्रभाव है और सूर्य छठे भाव को सक्रिय कर रहे हैं, जिससे नौकरी, स्वास्थ्य और विरोध से जुड़े मामले सामने आ सकते हैं। वहीं, कुंभ राशि वालों के लिए लग्न में शनि और सातवें भाव का सूर्य रिश्तों तथा साझेदारी में तनाव बढ़ा सकते हैं। इस दौरान इन तीनों राशियों के लिए सबसे जरूरी बात अहंकार से बचना, जल्दबाजी में फैसला न लेना और जिम्मेदारियों को टालने के बजाय समय पर पूरा करना है। सूर्य-शनि के इस षडाष्टक संबंध में जितना व्यक्ति संयम और अनुशासन रखेगा, उतना ही इसके नकारात्मक प्रभाव को संभालना आसान रहेगा।