कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के चुन्नीगंज से कानपुर सेंट्रल तक के नए भूमिगत सेक्शन का 30 मई को पीएम मोदी के हाथों उद्घाटन कर दिया गया है। इस रूट पर चुन्नीगंज, बड़ा चौराहा, नवीन मार्केट, नयागंज और कानपुर सेंट्रल जैसे 5 नए भूमिगत स्टेशन तैयार किए गए हैं। इस विस्तार से शहर के लाल इमली, जेड स्क्वायर मॉल, ग्रीनपार्क स्टेडियम, परेड मैदान, बुक मार्केट और सोमदत्त प्लाजा जैसे महत्वपूर्ण स्थान सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे। अभी तक आईआईटी कानपुर से मोतीझील तक 9 स्टेशन चालू हैं और इस विस्तार से मेट्रो सेवा और अधिक सुलभ, सुरक्षित एवं तेज होगी।
कानपुर ऑरेंज लाइन के 24 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-1 पर आईआईटी कानपुर (Kanpur IIT) से नौबस्ता के अंतर्गत मेट्रो की सेवाएं आईआईटी से मोतीझील के पहले 9 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर चल रही थी, लेकिन अब मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो के संचालन को हरी झंडी मिल गई है। नए स्टेशनों में चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज और कानपुर सेंट्रल होंगा। उसके आगे रूट का विस्तार नौबस्ता तक जारी है।
इस रूट के सभी स्टेशनों के नाम-आईआईटी, कल्याणपुर, एसपीएम अस्पताल, विश्वविद्यालय, गुरुदेव चौराहा, गीतानगर, रावतपुर, एलएलआर अस्पताल (हैलट), मोतीझील, चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज, कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन, झकरकटी बस टर्मिनल, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता है। इनमें से कानपुर सेंट्रल स्टेशन के आगे के रूट का कुछ हिस्सा निर्माणाधीन है। फिलहाल, आईआईटी से मोतीझील तक आने में करीब 15 मिनट का समय लगता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक पहुंचने पर अब करीब को 25 से 30 मिनट तक समय लगेगा।
कानपुर ब्लू लाइन मेट्रो ट्रैक का निर्माण कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है। हालांकि, इस रूट पर मेट्रो दौड़ने में अभी समय लग सकता है। मेट्रो का यह कॉरिडोर 8.9 किमी लंबा है, जो चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय (Chandrashekhar Azad Agricultural University Kanpur) से बर्रा-8 तक बन रहा है। इस रूट पर कुल 8 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इन 8 स्टेशनों में से रावतपुर में ऑरेंज लाइन के बीच ब्लू लाइन के साथ इंटरचेंज होगा। इस कॉरिडोर पर भूमिगत और एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों के नाम- कृषि विश्व विद्यालय, रावतपुर (ऑरेंज लाइन के लिए इंटरचेंज स्टेशन), काकादेव, डबल पुलिया, विजय नगर, शास्त्री चौक, बर्रा-7 और बर्रा-8 है।
यूपीएमआरसी साल 2035 तक शहर के 7 नए रूटों पर मेट्रो प्रोजेक्ट विकसित करेगा, जो 74.92 किलोमीटर के दायरे को कवर कर। इन परियोजनाओं को विकसित करने के लिए अनुमानित 34276.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नए सर्वे के मुताबिक, वर्तमान में निर्माणाधीन ऑरेंज लाइन और ब्लू लाइन मेट्रो कॉरिडोर के अंतिम स्टेशनों यानी नौबस्ता और बर्रा-8 5.9 किलोमीटर को आपस में जोड़ा जाएगा। ब्लू लाइन मेट्रो की कुल लंबाई 8.6 किलोमीटर है। दोनों कॉरिडोर को कनेक्ट करने के लिए चिन्हित रूट पर हाईटेंशन लाइन बाधा बन रही है। लिहाजा, लाइन को ऊंचा या शिफ्ट कर एलिवेटेड ट्रैक बिछाया जाएगा। इस परियोजना को विकसित करने में 1799.63 करोड़ रुपये है। इसमें जमीन अधिग्रहित करने की जरूरत नहीं है। यह कार्य साल 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस कॉरिडोर के कनेक्ट होने से यात्री इंटरचेंज कर सकेंगे।
कानपुर मेट्रो पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों को किराये के तौर पर एक स्टेशन तक 10 रुपये, 2 स्टेशन तक 15, 3 स्टेशन तक 20 रुपये, 3 से 6 स्टेशन तक 20 रुपये, 7 से 10 स्टेशन तक 40 रुपये और 11 से 14 स्टेशन तक 40 रुपये खर्च करने होंगे। ये टिकट यात्री काउंटर या क्यूआर कोड से खरीद सकते हैं। कानपुर मेट्रो में संबंधित स्टेशनों और अन्य मेट्रो यात्रा संबंधी जानकारी हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध कराई जा रही है। कानपुर मेट्रो की टाइमिंग सुबह 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक है। यह ट्रेन 80 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित होगी। इसे 90 की रफ्तार से चलाने के हिसाब से डिजाइन किया गया है। यहां आपको सभी स्टेशनों के बाहर फूड कोड, शॉपिंग स्टोर और एटीएम इत्यादि जरूरी चीजों की व्यवस्था की गई है। मेट्रो के अंदर धूम्रपान, गुटखा, शराब आदि का सेवन वर्जित है। ये नियम सभी रूटों पर सामान्य रूप से लागू रहेंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नए रूट में पनकी से केंद्रीय विद्यालय कैंट तक 9.41 किलोमीटर अंडरग्राउंड व 11.2 किलोमीटर एलिवेटेड मेट्रो रूट और नौबस्ता से चकेरी तक 17.6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बिछाने समेत ट्रेन चलाने सहित अन्य सभी तैयारियां पूरी करने का प्लान है। यानी आगामी 5 साल में 44.11 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो ट्रैक तैयार किया जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों को सुविधा मिलेगी। साल 2035 तक 4 अन्य नए रूट विकसित करने की योजना है। इनमें आईटी से मंधना, सीएसए से ख्यौरा कटरी, नौबस्ता से रमईपुर और केंद्रीय विद्यालय कैंट से उन्नाव तक मेट्रो प्रोजेक्ट शामिल है। इन चारों रूटों को एलिवेटेड रखा जाएगा, जिनकी लंबाई 30.81 किलोमीटर होगी और ये करीब 11994.14 करोड़ रुपये से विकसित किए जाएंगे।