भोपाल मध्य प्रदेश का दूसरा शहर बन गया है, जहां पर मेट्रो चल रही है। इससे पहले इंदौर में मेट्रो चलाई जा रही है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड भोपाल मेट्रो का निर्माण कर रही है।
भोपाल मेट्रो के शुरू होने से यहां ट्रैफिक कंजेशन को कम करने, यात्रा का समय कम करने, प्रदूषण नियंत्रण के साथ ही भरोसेमंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध होगा और शहर के रेजिडेंशियल, कॉमर्शियल व इंस्टीट्यूशनल इलाकों को इससे जोड़ा जाएगा।
भोपाल मेट्रो के फेस 1 की पूरी लंबाई करीब 31 किमी है। फेस-1 में दो लाइनें बनाई जा रही हैं, जिसमें से पहली ऑरेंज लाइन है और दूसरी ब्लू लाइन
भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन, करोंद से एम्स तक बनाई जा रही है। इस लाइन की कुल लंबाई 16.74 किमी की होगी, जिसमें से 13.35 किमी एलिवेटेड और 3.39 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड होगा। ऑरेंज लाइन पर कुल 16 स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिसमें से 2 अंडरग्राउंड और 14 एलिवेटेड होंगे।
अभी जिस हिस्से का उद्घाटन हुआ है, उसे प्रायोरिटी कॉरिडोर कहा जा रहा है। सुभाष नगर से एम्स तक के 7 किमी का हिस्सा इसमें आता है। इस हिस्से पर कुल 8 स्टेशन हैं। जिनके नाम सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, बोर्ड ऑफिस चौराहा, एमपी नगर, रानी कमलापति स्टेशन, डीआरएम ऑफिस, अलका पुरी और एम्स हैं।
भोपाल मेट्रो की दूसरी लाइन का नाम ब्लू लाइन है, जो भदभदा से रत्नागिरी तिराहा तक बनाई जा रही है। ब्लू लाइन की कुल लंबाई 14.16 किमी होगी। इसमें कुल 14 स्टेशन होंगे और सभी एलिवेटेड होंगे। दोनों लाइनों का एक कॉमन डिपो होगा, जो सुभाष नगर में होगा।
भोपाल मेट्रो में सफर करने पर आपको मोबाइल डिस्चार्ज होने पर परेशान होने की जरूरत नहीं। क्योंकि इसमें बड़ी वाली सीट से साथ भी चार्जिंग प्वाइंट दिए गए हैं। जबकि दिल्ली मेट्रो में कोच के अंत में आमने-सामने की सीटों के ऊपर ही चार्जिंग प्वाइंट होते हैं।
भोपाल मेट्रो में न्यूनतम किराया 20 रुपये और अधिकतम 40 रुपये रखा गया है।