अंबाला-कुराली एक्सप्रेसवे का 31.2 किलोमीटर लंबा हिस्सा आईटी सिटी चौक से कुराली तक बनकर तैयार हो चुका है और इसे ट्रैफिक के लिए खोल भी दिया गया है। इस 6-लेन एक्सप्रेसवे पर वाहन अब तेज रफ्तार से दौड़ रहे हैं, जिससे यात्रियों का काफी समय बच रहा है। यह हिस्सा खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है जो चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों की यात्रा करते हैं। सड़क की क्वालिटी और डिजाइन इसे एक आधुनिक हाईवे का अनुभव देती है।
जब अंबाला-कुराली एक्सप्रेसवे पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा, तब दिल्ली-एनसीआर से हिमाचल की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्रियों को जीरकपुर और चंडीगढ़ के जाम से छुटकारा मिलेगा। इससे सफर तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनेगा। खासकर वीकेंड और छुट्टियों में यात्रा करने वालों के लिए यह एक्सप्रेसवे गेमचेंजर साबित हो सकता है। यह परियोजना पर्यटन को भी बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस एक्सप्रेसवे को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए कई इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं। आईटी सिटी चौक के पास क्लोवरलीफ इंटरचेंज सरहिंद-मोहाली एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा रूपनगर-लुधियाना एक्सप्रेसवे से भी इसे कनेक्ट किया जाएगा। यात्रियों के लिए यू-टर्न की सुविधा के लिए विशेष फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। यह नेटवर्क पूरे क्षेत्र में सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा और लंबी दूरी की यात्रा को आसान बनाएगा।
आईटी सिटी चौक से कुराली के बीच करीब 19 किलोमीटर दूरी पर एक टोल प्लाजा बनाया गया है, जो पूरी तरह से चालू हो चुका है। यह प्रोजेक्ट NHAI के तहत विकसित किया गया है, जहां यात्रियों के लिए एनुअल पास की सुविधा भी उपलब्ध है। टोल के जरिए एक्सप्रेसवे के रखरखाव और संचालन को बेहतर बनाया जाएगा। इसके साथ ही यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा।
हालांकि, एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा चालू हो चुका है, लेकिन अंबाला से आईटी सिटी तक करीब 25 किलोमीटर का हिस्सा अभी निर्माणाधीन है। इस हिस्से पर तेजी से काम चल रहा है और उम्मीद है कि जून 2026 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। प्रोजेक्ट की डेडलाइन पहले ही पार हो चुकी है, लेकिन अब इसे तय समय में पूरा करने के प्रयास तेज हो गए हैं।
अंबाला-कुराली एक्सप्रेसवे पर दो बड़े स्पर रोड भी बनाए जा रहे हैं। पहला 5.8 किलोमीटर लंबा स्पर अंबाला-चंडीगढ़ रोड से जुड़ेगा, जबकि दूसरा 10.3 किलोमीटर लंबा 6-लेन स्पर जीरकपुर की ओर जाएगा। ये स्पर रोड ट्रैफिक को विभाजित करने और यात्रा को और भी अधिक सुगम बनाने में मदद करेंगे। इनके निर्माण से एक्सप्रेसवे की उपयोगिता और बढ़ जाएगी।
इस एक्सप्रेसवे पर आधुनिक इंटरचेंज सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिसमें ट्रम्पेट और क्लोवरलीफ इंटरचेंज शामिल हैं। ये इंटरचेंज यात्रियों को बिना रुके विभिन्न मार्गों पर जाने की सुविधा देंगे। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और यात्रा का अनुभव बेहतर बनेगा। खासतौर पर हिमाचल और पंजाब की ओर जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
अंबाला-कुराली एक्सप्रेसवे के बन जाने से हिमाचल और पंजाब के पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। तेज और आरामदायक यात्रा के चलते ज्यादा लोग वीकेंड ट्रिप प्लान कर सकेंगे। इससे स्थानीय व्यवसाय, होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री को फायदा होगा। साथ ही यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय आर्थिक विकास में भी अहम भूमिका निभाएगा और नए अवसर पैदा करेगा।नोट - सभी तस्वीरें और जानकारी इंफ्रा ब्लॉगर मोहित कुमार के सोशल मीडिया हैंडल x.com/DetoxTravellerr/ से साभार ली गई हैं।