क्रूड ऑयल सिर्फ गाड़ियों तक सीमित नहीं है। हवाई जहाज, मालवाहक जहाज, ट्रक, बस, ट्रेन और भारी मशीनें सभी किसी न किसी रूप में तेल पर निर्भर हैं। अगर अचानक तेल की सप्लाई चेन रुक जाए, तो न सिर्फ आपकी कार खड़ी हो जाएगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार पूरी तरह ठप हो सकता है। एक देश से दूसरे देश तक सामान पहुंचाना नामुमकिन हो जाएगा और ग्लोबल सप्लाई चेन टूट जाएगी।
तेल का इस्तेमाल सिर्फ ट्रांसपोर्ट में नहीं होता। बिजली उत्पादन, खनन (माइनिंग), बड़े निर्माण कार्य और फैक्ट्रियों की भारी मशीनें भी डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों से चलती हैं। जब ऊर्जा का यह प्रमुख स्रोत कमजोर पड़ता है, तो उद्योगों की रफ्तार धीमी हो जाती है और इसका सीधा असर आर्थिक विकास पर पड़ता है।
क्रूड ऑयल महंगाई तय करने वाला सबसे बड़ा फैक्टर माना जाता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ जाता है। ट्रक महंगे होते हैं तो सब्जियां, फल, राशन, कपड़े और रोजमर्रा की हर चीज महंगी हो जाती है। यानी तेल की कीमत में थोड़ा सा उछाल भी आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालता है।
इसके उलट जब कच्चा तेल सस्ता होता है, तो फैक्ट्रियों की लागत घटती है, उत्पादन बढ़ता है और महंगाई पर कुछ हद तक लगाम लगती है। यही वजह है कि सरकारें और केंद्रीय बैंक क्रूड ऑयल की कीमतों पर बाज की नजर रखते हैं। तेल सस्ता होना कई देशों के लिए आर्थिक राहत लेकर आता है।
क्रूड ऑयल सिर्फ ईंधन नहीं, बल्कि हजारों चीजों का कच्चा माल है। प्लास्टिक, केमिकल, उर्वरक, सिंथेटिक कपड़े, पेंट, टायर और यहां तक कि कई दवाइयां भी पेट्रोलियम उत्पादों से बनती हैं। अगर तेल की सप्लाई रुक जाए, तो पेट्रोल पंप ही नहीं, फैक्ट्रियों में भी ताले लग सकते हैं।
तेल आज के दौर में सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक हथियार भी है। अमेरिका, रूस और OPEC देशों के फैसले पूरी दुनिया को प्रभावित करते हैं। मध्य पूर्व में तनाव हो या किसी बड़े देश की नीति बदले, तेल की कीमतें तुरंत उछल जाती हैं। भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह करेंसी, व्यापार घाटे और महंगाई से जुड़ा बड़ा मुद्दा है।
दुनिया में सबसे ज्यादा कच्चे तेल का भंडार वेनेजुएला के पास है, इसके बाद सऊदी अरब और ईरान आते हैं। वहीं खपत के मामले में अमेरिका सबसे आगे है, उसके बाद चीन और भारत का नंबर आता है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में बदलाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।