लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। लगातार विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से बयानबाजी जारी है। इस बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि अबतक पार्टी ने 45 प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं और आने वाले दिनों में 20 प्रभारियों की लिस्ट जारी करने वाले हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि प्रदेश में अच्छी शिक्षा उपलब्ध नहीं है, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है और रोजगार के पर्याप्त अवसर भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अन्याय की स्थिति दिखाई दे रही है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी अपने लोगों को इस तरह तैयार कर रही है कि मौजूदा सरकार को हटाया जाए और उत्तर प्रदेश में आजाद समाज पार्टी की सरकार बनाई जाए।
2022 में कैसा था आजाद समाज पार्टी का प्रदर्शन
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 111 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। पार्टी को पूरे प्रदेश में कुल 1,19,564 वोट मिले, जो कुल मतदान का करीब 0.13 प्रतिशत था। पार्टी के सभी 111 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई और कोई भी प्रत्याशी किसी सीट पर 4 प्रतिशत वोट शेयर तक नहीं पहुंच सका।
2022 के चुनाव में उत्तर प्रदेश की अधिकांश सीटों पर मुख्य मुकाबला बीजेपी, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच रहा। इस त्रिकोणीय मुकाबले के बीच आजाद समाज पार्टी को अपने उम्मीदवारों के लिए अपेक्षित जनसमर्थन हासिल नहीं हो सका। हालांकि, पहले उनकी पार्टी के गठबंधन पर चर्चा चल रही थी, लेकिन अधिक सीटों की महात्वाकांक्षा के कारण समाजवादी पार्टी के साथ बात नहीं बन पाई।
क्या कहता है पार्टी के लिए चुनावी गणित
लेकिन, इस बार गणित अलग है। खुद चंद्रशेखर नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं और राजनीतिक रूप से काफी मजबूत नजर आ रहे हैं। उन्होंने सांसद बनने के बाद सदन में विभिन्न मुद्दों पर प्रमुखता से अपनी बात रखी। उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और दलित वोटर्स पर पकड़ भी मजबूत हो रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी का कमजोर होना और मायावती का राजनीतिक रूप से निष्क्रिय होना। ऐसे में कहा जा सकता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी को बढ़त मिल सकती है। यही कारण है कि अभी से चंद्रशेखर पार्टी को आगे ले जाने के लिए रणनीतियों पर काम कर रहे हैं।
