महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का पारा चढ़ गया है। शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। ठाकरे की यह नाराजगी प्रधानमंत्री द्वारा एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना और अन्य बागी गुटों के सांसदों के साथ दिल्ली में की गई मुलाकात को लेकर सामने आई है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के पास देश के युवाओं और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे 'जनरेशन जेड' (Gen Z) के लोगों से मिलने की फुर्सत नहीं है, लेकिन वे उन लोगों से जरूर मिल रहे हैं जिन्होंने पार्टी के साथ गद्दारी की।
उद्धव ठाकरे ने इस बात पर गहरा असंतोष व्यक्त किया कि पिछले चार सालों से सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के विभाजन और अयोग्यता का मामला लंबित है और अब यह अंतिम सुनवाई के दौर में पहुंच रहा है। ऐसे वक्त में प्रधानमंत्री द्वारा बागी सांसदों से मिलना और उन्हें 'डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूं' का आश्वासन देना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। ठाकरे ने सवाल किया कि यह संदेश गृह मंत्री अमित शाह, देवेंद्र फडणवीस या फिर उन सभी लोगों के लिए है जो भविष्य में पार्टी से विश्वासघात करने की सोच रहे हैं?
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न्यायपालिका पर अप्रत्यक्ष दबाव बनाने की कोशिश-ठाकरे
ठाकरे ने अंदेशा जताया कि क्या इस तरह की मुलाकातों के जरिए न्यायपालिका पर यह दर्शाने के लिए अप्रत्यक्ष दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है कि देश का शीर्ष नेतृत्व इन बागी नेताओं के साथ खड़ा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें देश की न्यायपालिका और मुख्य न्यायाधीश पर पूरा भरोसा है।
2022 से कानूनी लड़ाई जारी
उल्लेखनीय है कि 2022 में शिवसेना में पड़े विभाजन के बाद से असली शिवसेना और उसके चुनाव चिह्न 'धनुष-बाण' को लेकर कानूनी जंग जारी है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ इस मामले पर लगातार सुनवाई कर रही है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री का शिंदे गुट के सांसदों से चाय पर मिलना उद्धव गुट को रास नहीं आ रहा है, जिसके बाद महाराष्ट्र का सियासी पारा एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है।
