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Explained: रोबोटिक्स इंजीनियरिंग क्या है? जानें भारत में रोबोटिक्स का भविष्य, करियर स्कोप और कमाई

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग एक ऐसा फील्ड है जो रोबोट के कंस्ट्रक्शन, डिजाइन, एप्लीकेशन और ऑपरेशन से जुड़ा है। रोबोटिक्स इंजीनियरिंग इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग की एक ब्रांच है। रोबोटिक्स के फील्ड में हुए डेवलपमेंट ने हम इंसानों को टेक्नोलॉजी के एक नए दौर में ला खड़ा किया है। रोबोटिक्स इंजीनियर प्रोडक्शन, ऑटोमोटिव, सर्विसेज और बिजनेस के लिए प्रोग्राम या सेल्फ-सफिशिएंट मशीनें (जिन्हें ROBOTS भी कहा जाता है) बनाते हैं। आइये डिटेल में जानते हैं रोबोटिक्स इंजीनियरिंग के बारे में, क्या है करियर स्कोप, भारत में रोबोटिक्स का भविष्य क्या है और रोबोटिक्स इंजीनियर की औसत सैलरी क्या है?

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रोबोटिक्स इंजीनियरिंग (Image - ChatGPT)
Authored by: Neelaksh Singh
Updated Aug 8, 2026, 18:05 IST
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रोबोटिक्स इंजीनियरिंग एक 'मल्टी डिसिप्लिनरी' फील्ड है जिसमें इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग शामिल हैं। यह थ्योरेटिकल समझ और प्रैक्टिकल एप्लीकेशन के आधार पर रोबोट और रोबोटिक सिस्टम को डिजाइन करने, उन्हें बनाने, ऑपरेट करने और इंजीनियरिंग करने से जुड़ा है। रोबोटिक्स के फील्ड में हुए डेवलपमेंट ने हम इंसानों को टेक्नोलॉजी के एक नए दौर में ला खड़ा किया है। रोबोटिक्स इंजीनियर प्रोडक्शन, ऑटोमोटिव, सर्विसेज और बिजनेस के लिए प्रोग्राम या सेल्फ-सफिशिएंट मशीनें (जिन्हें ROBOTS भी कहा जाता है) बनाते हैं। आइये डिटेल में जानते हैं रोबोटिक्स इंजीनियरिंग के बारे में, क्या है करियर स्कोप, भारत में रोबोटिक्स का भविष्य क्या है और रोबोटिक्स इंजीनियर की औसत सैलरी क्या है?

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग क्या है? (What is Robotics Engineering)

'रोबोटिक्स इंजीनियरिंग' इंजीनियरिंग की वह शाखा है जिसमें रोबोट्स को डिजाइन करना, बनाना, प्रोग्राम करना और उनका मेंटेनेंस करना शामिल होता है। इसमें कई विषयों का मेल होता है:

  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  • कंप्यूटर साइंस
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • मशीन लर्निंग

रोबोटिक्स इंजीनियर ऐसे सिस्टम बनाते हैं जो इंसानों के लिए टाइम टेकिंग (ऐसे काम जिनमें समय ज्यादा लगता है), कठिन या बार-बार होने वाले काम को आसानी से और जल्दी कर सके।

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग (image - chatgpt)

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग (image - chatgpt)

भारत में रोबोटिक्स का भविष्य (The Future of Robotics in India)

भारत में रोबोटिक्स इंजीनियरिंग को एक हाई-एंड प्रोफेशनल करियर माना जाता है। रोबोटिक्स इंजीनियरिंग में प्रोफेशनल ट्रेनिंग लेने वाले कैंडिडेट के लिए नौकरी के शानदार मौके हैं। एक रोबोटिक इंजीनियर को मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, लैब, मेडिकल फील्ड, माइनिंग, ऑटोमेशन सेक्टर, लाइफ साइंसेज, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग वगैरह में नौकरी मिल सकती है। अगर कैंडिडेट का मेरिट रिकॉर्ड अच्छा है, तो वे टॉप प्रोफाइल में आ सकते हैं। इसके कुछ उदाहरण देखें:

1- एयरोस्पेस (Aerospace)

इसमें उड़ने वाले रोबोट, स्मार्ट बर्ड रोबोटिक सीगल (Seagull) और रेवेन (Raven) सर्विलांस ड्रोन शामिल होते हैं। एयरोस्पेस क्षेत्र में रोबोटिक्स की मांग लगातार बढ़ रही है। भविष्य में एयरोस्पेस सेक्टर में रोबोटिक्स का दायरा और भी बड़ा होने वाला है।

2- हेल्थकेयर (Healthcare)

चिकित्सा क्षेत्र में रोबोट्स का उपयोग भले अभी आम नहीं है, लेकिन भविष्य में क्लिनिकल और सर्जिकल कार्यों के लिए रोबोट्स की संख्या बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। ये रोबोट लंबी और जटिल सर्जरी करने के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

3- इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग (Industrial – Manufacturing)

इस तरह के इंडस्ट्रियल रोबोट में मैनिपुलेटर के हाथ होते हैं और वे कोई भी बार-बार होने वाला काम कर सकते हैं। इन्हें इंसानी काम करने वालों के साथ आसानी से चलाया जा सकता है।

4- आपदा प्रबंधन (Disaster Response)

इस प्रकार के रोबोट आपातकालीन स्थितियों में जीवित बचे लोगों की खोज के लिए उपयोग किए जाते हैं। ये भूकंप, सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों जैसी खतरनाक जगहों पर निगरानी कर सकते हैं।

5- शिक्षा (Education)

यह रोबोटिक्स की अगली पीढ़ी का क्षेत्र है, जिसका उपयोग क्लासेस में शुरू होने को है। जल्द ही देशभर में कक्षाओं में इसका इस्तेमाल देखने को मिलेगा। इसमें प्रोग्रामेबल किट्स (जैसे LEGO सेट), 3D प्रिंटर कई और भी चीजें शामिल हैं। ऐसे रोबोट छात्रों को व्यावहारिक (hands-on) अनुभव प्रदान करेंगे हैं। हालांकि, ये पूरी तरह से एक कुशल शिक्षक का स्थान नहीं ले सकते, लेकिन शिक्षा को अधिक इंटरैक्टिव बना सकते हैं।

6- मनोरंजन (Entertainment)

इस तरह के रोबोट इमोशनल रिस्पॉन्स डेवलप कर सकते हैं। ये आपको एंटरटेन भी करेंगे और आपका कहा भी मानेंगे। यह फिल्मिंग, एक्टिंग और भी बहुत से काम करके आपको प्रभावित कर सकेंगे।

7- सैन्य और सुरक्षा (Military and Security)

भारत की सेना विश्व की चौथी सबसे शक्तिशाली सेनाओं में से एक है। हमारी सेना युद्ध तथा तकनीक के क्षेत्र में लगातार एडवांस रिसर्च कर रही है। सैन्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स का व्यापक उपयोग शुरू हो चुका है।

8- रिसर्च (Research)

ये रोबोट शोध कार्यों में सहायक साबित होंगे। इनका मुख्य उद्देश्य शोधकर्ताओं को कठिन प्रयोगों और विकास कार्यों में सहायता प्रदान करना है। अनुसंधान एवं विकास (R&D) में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है।

9- टेलीप्रेजेंस (Telepresence)

टेलीप्रेजेंस रोबोट्स की मदद से व्यक्ति बिना किसी स्थान पर शारीरिक रूप से उपस्थित हुए वहां मौजूद हो सकता है। ये रोबोट लोगों से बातचीत करने और संचार के लिए उपयोग किए जाते हैं।

10- निजी संगठन (Private Organizations)

निजी कंपनिया धीरे-धीरे ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपना रही हैं। वर्तमान में भारत में कार्यस्थलों पर लगभग 14% ऑटोमेशन का उपयोग हो रहा है, जो यह बताता है कि भारत में रोबोटिक्स इंजीनियरिंग का भविष्य अपार संभावनाओं से भरा हुआ है।

11- जांच और खुफिया कार्य (Investigation)

रोबोटिक्स खुफिया एजेंसियों में कार्य करने का अवसर भी प्रदान करता है। ये एजेंसियां खतरनाक पदार्थों की पहचान करने और जांच प्रक्रिया में सहायता के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स का उपयोग करती हैं।

रोबोटिक्स का दायरा (Scope of Robotics)

ग्लोबल लेवल पर रोबोटिक्स का क्षेत्र कंप्यूटिंग और कंप्यूटर विजन (Computer Vision) से भी जुड़ा हुआ है। कई कंपनियां इमेज प्रोसेसिंग, एम्बेडेड सिस्टम्स और अन्य तकनीकों पर कार्य कर रही हैं। उनका लक्ष्य औद्योगिक ऑटोमेशन, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में विकास करना है। इसी तरह भारत में रोबोटिक्स का भविष्य अच्छा है, क्‍योंकि यहां खेती, लॉजिस्टिक्स, डिफेंस और यहां तक कि घरेलू मदद जैसे क्षेत्रों में भी इसके इस्तेमाल होगा।

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग (Image- ChatGPT)

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग (Image- ChatGPT)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के बीच क्या संबंध है? (Artificial Intelligence and Robotics)

रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में काफी अंतर हैं, लेकिन ये दो ऐसी ब्रांच हैं जो एक-दूसरे से फायदा उठाती हैं। मुख्य रूप से, AI का इस्तेमाल मूवमेंट, माहौल के हिसाब से ढलने, परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने, गलतियों का पता लगाने, कमियों पर समाधान बताने और मशीनों के ऑटोनॉमस काम करने जैसी स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है, यानी यह रोबोट की सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाता है। ये दोनों टेक्नोलॉजिकल फील्ड्स को उनके सही इस्तेमाल के लिए खास जानकारी की जरूरत होती है, यही वजह है कि इन एरिया में काम करने वाले एक्सपर्ट्स ने कंप्यूटर साइंस, फिजिक्स या इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है।

दूसरी तरफ, AI रोबोट को न सिर्फ इंसानी ऑपरेटरों के साथ, बल्कि दूसरे रोबोट के साथ भी समझदारी से बातचीत करने देता है। इस तरह, मशीनें जरूरतों को समझ सकती हैं और मिलकर समस्याओं को हल कर सकती हैं।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि रोबोटिक्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अभी भी टेक्नोलॉजी और नैतिकता दोनों के हिसाब से मुश्किल है। उदाहरण के लिए, रोबोट के खुद से फैसले लेने की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई है। इसके लिए, कामों की देखरेख करने वाले इंसान का शामिल होना जरूरी है। हालांकि मशीनें आमतौर पर गलतियां नहीं करतीं, लेकिन गलती की कुछ गुंजाइश हमेशा रहती है।

रोबोटिक्स इंजीनियर की औसत सैलरी क्या है? (What is the average salary of a Robotics Engineer)

रोबोटिक्स इंजीनियरिंग का एक बहुत डिमांडिंग फील्ड है और जॉब के मामले में भी यह फायदेमंद है। टॉप इंस्टीट्यूशन से ग्रेजुएट होने वाले रोबोटिक्स इंजीनियर को 12-15 लाख प्रति वर्ष की शुरुआती प्लेसमेंट सैलरी मिल सकती है। रोबोटिक्स इंजीनियरों के लिए एवरेज मीडियन प्लेसमेंट पैकेज 5-6 लाख प्रति वर्ष है। रोबोटिक इंजीनियरों के लिए स्कोप बहुत ज्यादा है और उन्हें स्पेस रिसर्च, एंटरटेनमेंट सेक्टर, बैंकिंग सेक्टर, मेडिसिन और हेल्थकेयर वगैरह में बहुत स्कोप मिलता है।

रोबोटिक्स भारत में एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें भारत और विदेश दोनों जगह कुछ बेहतरीन ऑर्गनाइजेशन में प्लेसमेंट पाने के बहुत सारे मौके हैं। मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से लेकर मेडिकल, मिलिट्री और ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए एक्सपेरिमेंटल रोबोटिक्स तक, रोबोटिक्स इंजीनियरिंग का भविष्य अपने नए प्रोफेशनल्स के लिए बहुत सारे मौके बनाता जा रहा है।

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