कई सालों तक ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में भारतीय मूल के सबसे अमीर लीडर्स की बात होती थी तो चर्चा Satya Nadella और Sundar Pichai तक ही सीमित रहती थी। लेकिन Hurun India Rich List 2025 ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया। इस लिस्ट के मुताबिक अब दुनिया की सबसे अमीर भारतीय मूल की प्रोफेशनल CEO हैं Jayshree Ullal। उनकी कुल संपत्ति करीब ₹50,170 करोड़ आंकी गई है, जो नडेला और पिचाई दोनों से कहीं ज्यादा है। यह बदलाव सिर्फ रैंकिंग का नहीं है, बल्कि यह बताता है कि टेक इंडस्ट्री में असली दौलत कैसे बनती है। जयश्री उल्लाल की कहानी हाई सैलरी नहीं, बल्कि सही समय पर सही कंपनी में हिस्सेदारी और लंबी लीडरशिप की ताकत दिखाती है।
जयश्री उल्लाल 2008 से Arista Networks की प्रेसिडेंट और CEO हैं। यह वही दौर था जब कंपनी के पास न के बराबर रेवेन्यू था और कर्मचारियों की संख्या 50 से भी कम थी। बीते 17 सालों में Arista क्लाउड डेटा सेंटर्स और हाई-परफॉर्मेंस नेटवर्किंग का बड़ा नाम बन चुकी है। साल 2024 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 7 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 20 फीसदी ज्यादा है। AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ते इस्तेमाल से Arista के प्रोडक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ी और इसका सीधा फायदा कंपनी के शेयरों को मिला। यही ग्रोथ जयश्री उल्लाल की संपत्ति की सबसे बड़ी वजह बनी।
जयश्री उल्लाल की अमीरी की असली कुंजी उनकी सैलरी नहीं, बल्कि Arista Networks में उनकी हिस्सेदारी है। उनके पास कंपनी के करीब 3 फीसदी शेयर हैं, जिनकी वैल्यू स्टॉक रैली के साथ कई गुना बढ़ चुकी है। पिछले पांच सालों में Arista के शेयरों ने 630 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है। यही वजह है कि उनकी नेटवर्थ नडेला और पिचाई जैसे दिग्गज CEOs से कहीं आगे निकल गई। जहां दूसरी ओर Microsoft और Alphabet के CEOs की दौलत बड़े पैकेज और परफॉर्मेंस-लिंक्ड स्टॉक ग्रांट्स पर निर्भर है, वहीं जयश्री उल्लाल की संपत्ति लॉन्ग-टर्म इक्विटी ओनरशिप से बनी है। यह फर्क दिखाता है कि टेक इंडस्ट्री में Ownership, Pay से कहीं ज्यादा ताकतवर है।
जयश्री उल्लाल का एजुकेशनल बैकग्राउंड उनकी सफलता की नींव रहा है। उन्होंने San Francisco State University से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया और Santa Clara University से इंजीनियरिंग मैनेजमेंट में मास्टर्स डिग्री हासिल की। इससे पहले उनकी शुरुआती पढ़ाई नई दिल्ली के Convent of Jesus & Mary स्कूल में हुई थी। टेक्निकल नॉलेज और मैनेजमेंट की समझ का यह कॉम्बिनेशन बाद में उनके करियर में साफ दिखाई दिया। यही वजह रही कि वह सिर्फ इंजीनियर नहीं रहीं, बल्कि बड़े स्केल पर बिजनेस को लीड करने वाली एग्जीक्यूटिव बन पाईं। 2025 में उन्हें इंजीनियरिंग में मानद डॉक्टरेट भी दी गई, जो उनके योगदान की अंतरराष्ट्रीय पहचान है।
Arista Networks से पहले जयश्री उल्लाल का करियर सिलिकॉन वैली की दिग्गज कंपनियों से होकर गुजरा। उन्होंने Cisco Systems में लंबे समय तक काम किया, जहां नेटवर्किंग और डेटा सेंटर बिजनेस को स्केल करने में उनकी अहम भूमिका रही। इसके अलावा वह Advanced Micro Devices और Fairchild Semiconductor जैसी सेमीकंडक्टर कंपनियों से भी जुड़ी रहीं। इन अनुभवों ने उन्हें हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और एंटरप्राइज नेटवर्किंग की गहरी समझ दी। यही अनुभव बाद में Arista को जीरो से अरबों डॉलर की कंपनी बनाने में काम आया।
जयश्री उल्लाल कभी सोशल मीडिया या पब्लिक लाइमलाइट की शौकीन नहीं रहीं। बावजूद इसके, उनकी 17 साल की लगातार लीडरशिप ने उन्हें दुनिया की सबसे अमीर सेल्फ-मेड महिलाओं में शामिल कर दिया। 2025 में वह Forbes 400 लिस्ट में भी जगह बना चुकी हैं और World’s Richest Self-Made Women की टॉप रैंकिंग में शामिल हैं। आज वह उस कंपनी की मालिकाना हिस्सेदार हैं, जिसकी नेटवर्किंग टेक्नोलॉजी पर Google, Microsoft और बड़े क्लाउड प्लेयर्स निर्भर करते हैं। जयश्री उल्लाल की कहानी बताती है कि टेक इंडस्ट्री में असली दौलत शोर से नहीं, बल्कि धैर्य, हिस्सेदारी और सही सेक्टर में लंबे समय तक टिके रहने से बनती है।