खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की 2024 की रिपोर्ट मुताबिक, शहद उत्पादन करने वाले टॉप 7 देशों की सूची में चीन पहले नंबर पर है। इसके बाद भारत, तुर्की, इथियोपिया, ईरान और ब्राजील का स्थान आता है। एक्सपर्ट का कहना है कि दुनियाभर में प्राकृतिक और ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग बढ़ने से शहद का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। भारत के लिए यह क्षेत्र रोजगार और निर्यात बढ़ाने का बड़ा अवसर बन सकता है।
खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक चीन दुनिया में शहद उत्पादन में पहले स्थान पर है और करीब 456.02 हजार मीट्रिक टन शहद का उत्पादन करता है। यह वैश्विक शहद आपूर्ति का एक चौथाई से भी अधिक हिस्सा है। चीन की अलग-अलग जलवायु, समशीतोष्ण से लेकर उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों तक मधुमक्खी पालन के लिए पूरे साल अनुकूल रहती है। यहां बड़े पैमाने पर संगठित कृषि प्रणाली और मधुमक्खी पालन नेटवर्क काम करते हैं, जिससे उत्पादन बहुत अधिक होता है। चीन के अलग-अलग प्रांतों में फल बागान और जंगली फूलों की भरपूर उपलब्धता शहद उत्पादन को और बढ़ाती है। देश में करीब 75% शहद घरेलू खपत में उपयोग होता है, जबकि बाकी बड़ी मात्रा में निर्यात किया जाता है।
भारत करीब 146 हजार मीट्रिक टन उत्पादन के साथ दूसरे स्थान पर है और तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत में “स्वीट रिवोल्यूशन” जैसी सरकारी योजनाओं ने मधुमक्खी पालन को ग्रामीण विकास से जोड़ा है। यहां विशाल कृषि भूमि और विविध फसलें शहद उत्पादन को बढ़ावा देती हैं। आयुर्वेदिक उपयोग और प्राकृतिक उत्पादों की मांग भी इसकी वृद्धि का कारण है। भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए निर्यात रणनीतियों पर काम कर रहा है।
तुर्की करीब 95.49 हजार मीट्रिक टन उत्पादन के साथ दुनिया में तीसरे स्थान पर है। तुर्की खास तौर पर पाइन हनी के लिए जाना जाता है और वैश्विक उत्पादन का करीब 90% हिस्सा यहीं से आता है। देश में चेस्टनट और पाइन जैसे प्रीमियम शहद की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत अधिक है। हालांकि कभी-कभी मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पादन में गिरावट आती है, फिर भी तुर्की का शहद उद्योग मजबूत बना हुआ है और यह वैश्विक व्यापार में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
Food & Agricultural Organisation (FAO) द्वारा जारी अंतरराष्ट्रीय उत्पादन आंकड़ों के अनुसार प्राकृतिक शहद (Honey, Natural) के वैश्विक उत्पादन में इथियोपिया चौथे स्थान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 में इथियोपिया में प्राकृतिक शहद का उत्पादन 85.96 हजार मीट्रिक टन (000 MT) दर्ज किया गया है, जो वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है। इस उत्पादन का हिस्सा करीब 4.64% बताया गया है, जो देश की मधुमक्खी पालन और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था में शहद उत्पादन के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।
ईरान करीब 80.25 हजार मीट्रिक टन उत्पादन के साथ पांचवें स्थान पर है। ईरान में मधुमक्खी पालन की पुरानी परंपरा है और यहां के पहाड़ी क्षेत्र विविध प्रकार के जंगली फूलों से भरे हुए हैं। पश्चिम अजरबैजान जैसे क्षेत्र प्रमुख उत्पादन केंद्र हैं। यहां कम कीटनाशक उपयोग और प्राकृतिक वातावरण मधुमक्खियों के लिए अनुकूल स्थिति बनाते हैं। सरकार भी ग्रामीण विकास के लिए मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दे रही है, जिससे उत्पादन स्थिर बना हुआ है।
अर्जेंटीना करीब 69.30 हजार टन उत्पादन के साथ 6ठे स्थान पर है। यह दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा शहद उत्पादक देश माना जाता है। यहां का शहद मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोप जैसे देशों को निर्यात किया जाता है। पम्पास क्षेत्र की उपजाऊ घासभूमि मधुमक्खियों के लिए भरपूर नेक्टर उपलब्ध कराती है। इसी कारण यहां उच्च गुणवत्ता वाला मल्टीफ्लोरल और अल्फाल्फा शहद बड़े पैमाने पर तैयार होता है।
खाद्य एवं कृषि संगठन (Food and Agriculture Organization) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार रिपोर्ट के मुताबिक, ब्राजील में प्राकृतिक शहद का उत्पादन में 7वें नंबर पर है। यहां करीब 2024 में करीब 67.31 हजार मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। जो पूरी दुनिया का 3.63 प्रतिशत है। ब्राजील दुनिया के प्रमुख शहद उत्पादक देशों में से एक माना जाता है और वहां का शहद वैश्विक बाजार में अच्छी मांग रखता है। मधुमक्खी पालन (beekeeping) न केवल शहद उत्पादन बल्कि परागण (pollination) के माध्यम से कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है। FAO की यह रिपोर्ट वैश्विक स्तर पर शहद उत्पादन की स्थिति और देशों की भागीदारी को समझने में मदद करती है।