RBI MPC Meeting 2026: महंगाई से लेकर GDP पर क्या बोले आरबीआई गवर्नर, 7 पॉइंट में समझें

RBI MPC Meeting April 2026 highlights: Reserve Bank of India ने अपनी मौद्रिक नीति के फैसलों की घोषणा कर दी है। गवर्नर Sanjay Malhotra की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की यह FY27 की पहली द्विमासिक बैठक 6 से 8 अप्रैल के बीच आयोजित हुई, जिसमें आज रेपो रेट समेत प्रमुख नीतिगत फैसलों की घोषणा की गई।

Authored by: शिवानी कोटनालाUpdated Apr 8 2026, 11:35 IST
प्रमुख दरों में कोई बदलाव नहींImage Credit : IStock01 / 07

प्रमुख दरों में कोई बदलाव नहीं

Reserve Bank of India की MPC बैठक के बाद आज की मौद्रिक नीति में प्रमुख दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखा गया है और पॉलिसी स्टांस ‘Neutral’ बनाए रखा गया है, जिस पर सभी MPC सदस्यों ने सहमति जताई है। इसके अलावा CRR 3% पर, SDF दर 5.00% पर, जबकि MSF दर और बैंक रेट 5.50% पर बने हुए हैं।

जीडीपी वृद्धि दर 6.9% रहने का अनुमान​Image Credit : IStock02 / 07

जीडीपी वृद्धि दर 6.9% रहने का अनुमान​

Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति बैठक में FY27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.9% रहने का अनुमान जताया गया है। तिमाही आधार पर देखें तो Q1FY27 में 6.8%, Q2FY27 में 6.7%, Q3FY27 में 7% और Q4FY27 में 7.2% की ग्रोथ का अनुमान है, जो साल के अंत तक आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने का संकेत देता है।

स्वस्थ वित्तीय स्थिति अर्थव्यवस्था के लिए सहारा​Image Credit : IStock03 / 07

स्वस्थ वित्तीय स्थिति अर्थव्यवस्था के लिए सहारा​

आरबीआई गवर्नर Sanjay Malhotra ने कहा कि पिछले साल भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि (real GDP growth) 7.6% रही, जो मजबूत खपत और निवेश का संकेत है। हालांकि, इस साल ऊंची ऊर्जा और कमोडिटी कीमतों के साथ-साथ सप्लाई में बाधाएं विकास पर असर डाल सकती हैं, लेकिन मजबूत सर्विस सेक्टर, GST सुधार और स्वस्थ वित्तीय स्थिति अर्थव्यवस्था को सहारा देती रहेंगी।

​CPI आधारित महंगाई दर 4.6% रहने का अनुमानImage Credit : IStock04 / 07

​CPI आधारित महंगाई दर 4.6% रहने का अनुमान

RBI की मौद्रिक नीति बैठक में FY27 के लिए CPI आधारित महंगाई दर 4.6% रहने का अनुमान लगाया गया है। तिमाही आधार पर देखें तो Q1FY27 में 4.0%, Q2FY27 में 4.4%, Q3FY27 में 5.2% और Q4FY27 में 4.7% महंगाई रहने की संभावना जताई गई है, जो साल के दौरान कुछ उतार-चढ़ाव के बावजूद कुल मिलाकर नियंत्रित स्तर को दर्शाती है।

​ईज-ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा​Image Credit : IStock05 / 07

​ईज-ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा​

RBI गवर्नर ने व्यापार को आसान बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की है। इसमें बैंक बोर्ड समय के बेहतर इस्तेमाल के लिए सुधार, हजारों नियामकीय निर्देशों को समेकित कर सरल बनाना और MSME सेक्टर के लिए कारोबार करना आसान बनाने की पहल शामिल है, जिससे व्यावसायिक माहौल और अधिक सुगम बनने की उम्मीद है।

बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी  Image Credit : IStock06 / 07

बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी

Reserve Bank of India के गवर्नर Sanjay Malhotra ने बताया कि MPC बैठक के बाद से बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी पर्याप्त रही है, जहां LAF के तहत औसतन 2.3 लाख करोड़ रुपए का सरप्लस दर्ज किया गया। हालांकि, वैश्विक तनाव और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण G-SEC यील्ड में उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन RBI ने आश्वस्त किया कि आगे भी पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठाए जाते रहेंगे।

भारतीय अर्थव्यवस्था के मूल आधार मजबूतImage Credit : IStock07 / 07

भारतीय अर्थव्यवस्था के मूल आधार मजबूत

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे संघर्ष और उससे एनर्जी और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान से महंगाई और ग्रोथ आउटलुक पर जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था के मूल आधार मजबूत हैं, जिससे वह पहले की तुलना में ऐसे झटकों को बेहतर तरीके से संभालने में सक्षम है, इसलिए फिलहाल हालात पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

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