नितिन गडकरी ने कहा कि जब भी किसी भवन या आवासीय परियोजना की योजना बनाई जाए, तो यह देखा जाए कि आम आदमी की कमाई कितनी है और वह कितना खर्च उठा सकता है। अगर घरों की कीमत बहुत ज्यादा होगी, तो मिडिल क्लास और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए डिजाइन और निर्माण की शुरुआत से ही लागत कम रखने की सोच अपनानी चाहिए।
गडकरी ने कहा कि वर्तमान समय में देश की बड़ी आबादी को कम लागत वाले घरों की आवश्यकता है। शहरों में तेजी से बढ़ती जनसंख्या और महंगी जमीन के कारण घरों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में जरूरत है कि ऐसे मॉडल तैयार किए जाएं, जिनसे कम खर्च में मजबूत और टिकाऊ घर बनाए जा सकें।
केंद्रीय मंत्री ने यह बातें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीरियर डिजाइनर्स द्वारा आयोजित ‘डिजाइन शोकेस एंड कॉन्फ्लुएंस 3.0’ कार्यक्रम में कहीं। इस कार्यक्रम में देशभर के आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और निर्माण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए। गडकरी ने सभी से अपील की कि वे अपनी रचनात्मकता का उपयोग आम लोगों के हित में करें।
गडकरी ने कहा कि रियल एस्टेट देश के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है। यह क्षेत्र न केवल शहरों का विकास करता है, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी देता है। निर्माण कार्य में मजदूरों से लेकर इंजीनियरों और डिजाइनरों तक, कई लोगों को काम मिलता है। इस कारण यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
गडकरी ने यह भी बताया कि रियल एस्टेट क्षेत्र से सरकार को जीएसटी के रूप में बड़ा राजस्व प्राप्त होता है। राज्यों और केंद्र सरकार दोनों को इस क्षेत्र से अच्छी आय होती है। इसलिए इस क्षेत्र का मजबूत और संतुलित विकास जरूरी है, ताकि देश की आर्थिक स्थिति और मजबूत हो सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि निर्माण क्षेत्र को अपनी उत्पादन लागत कम करने के उपाय खोजने चाहिए। नई तकनीक, बेहतर प्रबंधन और सस्ते लेकिन टिकाऊ निर्माण सामग्री के उपयोग से लागत घटाई जा सकती है। इससे घरों की कीमत कम होगी और ज्यादा लोग घर खरीद पाएंगे।
गडकरी ने नए डिजाइन, नवाचार और शोध पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उनका कहना था कि समय के साथ निर्माण तकनीक में बदलाव जरूरी है। अगर आधुनिक तकनीक और नए विचार अपनाए जाएंगे, तो कम लागत में बेहतर गुणवत्ता वाले घर बनाए जा सकते हैं। इससे पर्यावरण को भी कम नुकसान होगा।
अपने संबोधन के अंत में नितिन गडकरी ने कहा कि निर्माण क्षेत्र को यह लक्ष्य रखना चाहिए कि हर आम आदमी को किफायती और सुरक्षित घर मिल सके। डिजाइनर और बिल्डर अगर लोगों की जरूरतों और उनकी आर्थिक स्थिति को समझकर योजना बनाएंगे, तो देश में आवास की समस्या काफी हद तक हल हो सकती है। उन्होंने सभी से मिलकर काम करने और निर्माण क्षेत्र को नई दिशा देने की अपील की।