मेहुल चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से करीब 14000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। यह भारत के इतिहास में सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक है।
अप्रैल 2025 की शुरुआत में मेहुल चोकसी को बेल्जियम में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद अब भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में लगी हुई है।
चोकसी 2018 में भारत से भागकर एंटीगुआ और बारबुडा चला गया था, जहां उसने नागरिकता ले ली। यह भारत सरकार के लिए उसे वापस लाने में एक बड़ी कानूनी चुनौती बन गई थी।
चोकसी गीतांजलि जेम्स का चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर था। उसने गिली, आस्मी, संगीनी और डी’डमास जैसे ब्रांड बनाए, और देशभर में 4,000 से अधिक स्टोर्स खोले।
2018 में घोटाले से पहले मेहुल चौकसी ने 20,000 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति होने का दावा किया था और उसका सालाना कारोबार 12,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि जब मैंने भारत छोड़ा, तो मेरी कुल संपत्ति करीब 20,000 करोड़ रुपये थी।
CBI और ED की जांच में भारत में चौकसी की ₹2,565 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त की गईं, जिनमें मर्सिडीज कार, फ्लैट्स, इंडस्ट्रियल यूनिट्स और महंगी ज्वेलरी शामिल हैं।
बेल्जियम से भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। जनता और सरकार को उम्मीद है कि चौकसी को भारत लाकर न्याय की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।