पिछले कुछ सालों में क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट टी20 की लोकप्रियता में गजब की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर वनडे क्रिकेट को हुआ है जो धीरे-धीरे फैंस के लिए नीरस होता जा रहा है। ऐसे में आईसीसी इसे रोमांचक बनाने के लिए विचार कर रही है। 8-11 जुलाई के बीच हुए आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन में इसको लेकर बात की जानी थी। ऐसा कहा जा रहा था कि 50 ओवर के बदले इसे 40 ओवर का कर दिया जाएगा, लेकिन 11 जुलाई को संपन्न हुए सम्मेलन के बाद साफ हो गया कि ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। अब टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया है कि ओवर घटाने से इसमें बदलाव नहीं आएगा।
उन्होंने वनडे क्रिकेट को 40 ओवर का बनाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि इस फॉर्मेट को अधिक आकर्षक बनाने के लिए बाइलेटरल की बजाय ट्राई सीरीज या फिर 4 टीमों के बीच टूर्नामेंट आयोजित किए जाने चाहिए। इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले गिल ने कहा, ’’मुझे नहीं लगता कि वनडे को 40 ओवर का बनाया जाना चाहिए।’’
गिल ने सुझाया मजेदार तरीका
गिल ने कहा, ’’पहले हम काफी ट्राई सीरीज खेलते थे और उन्हें देखना बेहद मजेदार होता था। ऑस्ट्रेलिया में भारत, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी टीमें खेलती थीं। आप केवल एक टीम के खिलाफ नहीं, बल्कि दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ अलग-अलग मैदानों पर खेलते थे।’’ उन्होंने कहा, ’’अगर वनडे क्रिकेट को और रोचक बनाना है तो बाइलेटरल सीरीज के बजाय ट्राई सीरीज या फिर 4 टीमों के बीच की सीरीज आयोजित की जानी चाहिए। इससे खिलाड़ियों और दर्शकों, दोनों के लिए यह फॉर्मेट ज्यादा दिलचस्प बनेगा।’’
मुझे 50 ओवर का वर्ल्ड कप जीतना है
इस 26 साल के खिलाड़ी ने कहा कि उनके लिए 50 ओवर का विश्व कप अब भी क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है। उन्होंने कहा, ’’मैंने बचपन में सबसे ज्यादा 50 ओवर का क्रिकेट देखा है। जब भी विश्व कप का नाम आता है तो सबसे पहले 50 ओवर के विश्व कप की याद आती है। मुझे किसी एक विश्व कप को जीतना हो तो वह 50 ओवर का विश्व कप ही होगा।’’
वर्ल्ड कप के लिहाज से अहम सीरीज
गिल ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे श्रृंखला 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, ’’विश्व कप की तैयारी हमारे लिए बहुत अहम है। दक्षिण अफ्रीका में जैसी परिस्थितियां मिलेंगी, वैसी ही परिस्थितियां यहां भी मिल सकती हैं। इसलिए हम यह परखना चाहते हैं कि कौन-सा टीम संयोजन हमारे लिए सबसे बेहतर रहेगा। इस लिहाज से यह सीरीज काफी महत्वपूर्ण है।’’ गिल ने कहा, ’’एक कप्तान के तौर पर अब से हर सीरीज मेरे लिए महत्वपूर्ण होगी। विश्व कप तक जो भी अनुभव और सीख मुझे मिलेगी, वह आगे बहुत काम आएगी।’’
ना चाहते हुए भी करने पड़े बदलाव
गिल ने स्वीकार किया कि नीतिश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा की चोटों के कारण टीम प्रबंधन को अंतिम एकादश में बदलाव करने पड़े। उन्होंने कहा, ’’हम थोड़े दुर्भाग्यशाली रहे। श्रृंखला से पहले रेड्डी चोटिल हो गए और राणा भी उपलब्ध नहीं हैं। हम चाहते थे कि ये खिलाड़ी विश्व कप से पहले ज्यादा से ज्यादा मैच खेलें ताकि उन्हें अनुभव मिले। इसी वजह से हमें अलग संयोजन के साथ उतरना पड़ा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारी टीम अस्थिर है।’’
