सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख बढ़ाकर अब 15 सितंबर 2025 कर दी है। इसलिए सभी जिम्मेदार टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपने जरूरी कागजात तैयार कर लें। इससे न केवल रिटर्न भरना सरल होगा, बल्कि सही और सटीक जानकारी के साथ टैक्स फाइलिंग भी की जा सकेगी। (तस्वीर-istock)
इनकम टैक्स रिटर्न के लिए पैन कार्ड और आधार का लिंक होना जरूरी है। साथ ही बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड भी जरूरी हैं, ताकि रिफंड आसानी से आपके खाते में आ सके। (तस्वीर-istock)
फॉर्म 16: अगर आप नौकरी करते हैं, तो कंपनी से मिला फॉर्म 16 ज़रूरी है। फॉर्म 16A: यह नॉन-सैलरी इनकम पर कटे टैक्स (जैसे FD, किराया) के लिए होता है। फॉर्म 26AS: इसमें TDS, एडवांस टैक्स और रिफंड का पूरा ब्योरा होता है। (तस्वीर-istock)
AIS (Annual Information Statement): इसमें आपकी सालभर की इनकम, ब्याज, डिविडेंड आदि की जानकारी होती है। TIS (Taxpayer Information Summary): यह आपकी इनकम और टैक्स की संक्षिप्त जानकारी देता है। दोनों दस्तावेज इनकम टैक्स पोर्टल से डाउनलोड किए जा सकते हैं। (तस्वीर-istock)
अगर आपने टैक्स बचाने के लिए निवेश किया है जैसे कि PPF, ELSS, LIC (धारा 80C), हेल्थ इंश्योरेंस (80D), एजुकेशन लोन का ब्याज (80E), हाउस लोन, किराए का एग्रीमेंट तो इनके रसीदों को जरूर संभालकर रखें। (तस्वीर-istock)
अगर आपने शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेची है, तो उससे हुई कमाई (Capital Gains) का पूरा स्टेटमेंट जरूरी है। अपने ब्रोकर्स या AMC से स्टेटमेंट मंगवाएं ताकि चार्टर्ड अकाउंटेंट सही टैक्स की गणना कर सके। (तस्वीर-istock)
अगर आपकी कोई विदेशी आय या संपत्ति है, तो विदेशी बैंक स्टेटमेंट, फॉर्म 67 (DTAA के तहत टैक्स राहत के लिए), विदेश में निवेश या प्रॉपर्टी का पूरा ब्योरा, ये दस्तावेज़ अनिवार्य हैं ताकि टैक्स नियमों का पालन सही ढंग से हो सके। (तस्वीर-istock)
पिछले साल की ITR की कॉपी, अगर आपकी आय ऑडिट के दायरे में आती है, तो फॉर्म 3CB-3CD, अंतरराष्ट्रीय या खास घरेलू लेनदेन है, तो फॉर्म 3CEB ये सब डॉक्यूमेंट्स संभाल कर रखें। (तस्वीर-istock)
फॉर्म 16 में जो जानकारी दी गई है, उसे फॉर्म 26AS और AIS से जरूर मिलाकर जांचें। इससे अगर कोई गलती या मिसमैच है, तो आप समय रहते सुधार सकते हैं। (तस्वीर-istock)