SIP से 10 साल में करोड़पति कैसे बनें? ये रहा पूरा कैलकुलेशन

हर कोई चाहता है कि वह जल्द से जल्द करोड़पति बने, लेकिन सही निवेश योजना के अभाव में यह महज एक सपना रह जाता है। म्यूचुअल फंड में एसआईपी (SIP) एक ऐसा जरिया है जिसने हाल के वर्षों में आम लोगों को बड़ी संपत्ति बनाने में मदद की है। आइए आपको बताते हैं आप कैसे 10 साल में करोड़पति बन सकते हैं?

Authored by: रिचा त्रिपाठीUpdated Jan 26 2026, 12:06 IST
​10 साल में करोड़पति बनने का लक्ष्य​Image Credit : Canva01 / 07

​10 साल में करोड़पति बनने का लक्ष्य​

अगर आपका लक्ष्य अगले 10 साल में 1 करोड़ रुपये का फंड जमा करना है, तो आपको अपनी बचत को लेकर बहुत अनुशासित होना होगा। चूंकि 10 साल का समय निवेश के लिहाज से मध्यम अवधि माना जाता है, इसलिए आपको हर महीने एक बड़ी राशि निवेश करनी होगी। एसआईपी की ताकत 'कंपाउंडिंग' में छिपी है, जो समय के साथ आपके छोटे निवेश को बड़ा बना देती है।

​कितनी करनी होगी मासिक SIP?​Image Credit : Canva02 / 07

​कितनी करनी होगी मासिक SIP?​

गणित के हिसाब से देखें तो, अगर आप किसी अच्छे म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं और आपको औसतन 12% से 15% का सालाना रिटर्न मिलता है, तो 1 करोड़ रुपये तक पहुँचने के लिए आपको हर महीने लगभग 45,000 से 55,000 रुपये की एसआईपी करनी होगी। यदि रिटर्न 15% से अधिक रहता है, तो यह राशि थोड़ी कम भी हो सकती है।

​स्टेप-अप एसआईपी का जादू​Image Credit : Canva03 / 07

​स्टेप-अप एसआईपी का जादू​

अगर आप शुरुआत में 50,000 रुपये प्रति माह निवेश नहीं कर सकते, तो 'स्टेप-अप एसआईपी' एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें आप हर साल अपने निवेश में 10% या 15% की बढ़ोतरी करते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप 20,000 रुपये से शुरू करते हैं और हर साल इसे थोड़ा-थोड़ा बढ़ाते हैं, तो भी आप 10-12 साल में अपने लक्ष्य के करीब पहुंच सकते हैं।

​एसआईपी (SIP) बनाम सोना (Gold)​Image Credit : Canva04 / 07

​एसआईपी (SIP) बनाम सोना (Gold)​

अक्सर भारतीय परिवारों में सोने को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन आंकड़ों की तुलना करें तो लंबी अवधि में म्यूचुअल फंड एसआईपी ने सोने की तुलना में कहीं बेहतर रिटर्न दिया है। जहाँ सोना औसतन 8-10% का रिटर्न देता है, वहीं शेयर बाजार से जुड़े म्यूचुअल फंड्स ने ऐतिहासिक रूप से 12-18% तक का रिटर्न दिया है। बड़ी संपत्ति बनाने के लिए इक्विटी एसआईपी अधिक प्रभावी है।

​जोखिम और सुरक्षा का संतुलन​Image Credit : Canva05 / 07

​जोखिम और सुरक्षा का संतुलन​

म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होता है, लेकिन विविधीकरण (Diversification) के कारण इसमें सीधे शेयर खरीदने की तुलना में जोखिम कम होता है। सोना पोर्टफोलियो को स्थिरता देता है, जबकि एसआईपी पोर्टफोलियो को रफ्तार देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक आदर्श पोर्टफोलियो में 10-15% निवेश सोने में और बाकी अच्छी एसआईपी में होना चाहिए।

​कंपाउंडिंग की ताकत​Image Credit : Canva06 / 07

​कंपाउंडिंग की ताकत​

अल्बर्ट आइंस्टीन ने कंपाउंडिंग को दुनिया का आठवां अजूबा कहा था। एसआईपी में आपके द्वारा कमाए गए मुनाफे पर भी मुनाफा मिलता है। 10 साल के निवेश में शुरुआती 5 साल में विकास धीमा लग सकता है, लेकिन आखिरी के 2-3 सालों में आपका पैसा बहुत तेजी से बढ़ता है क्योंकि तब तक आपका मूल आधार काफी बड़ा हो चुका होता है।

​निवेश में निरंतरता जरूरी​Image Credit : Canva07 / 07

​निवेश में निरंतरता जरूरी​

करोड़पति बनने की राह में सबसे बड़ी बाधा बाजार की गिरावट देखकर निवेश रोक देना है। समझदार निवेशक वही है जो बाजार के उतार-चढ़ाव की परवाह किए बिना अपनी एसआईपी जारी रखे। जब बाजार गिरता है, तो आपको उसी पैसे में ज्यादा 'यूनिट्स' मिलती हैं, जो बाजार सुधरने पर आपके मुनाफे को दोगुना कर देती हैं।

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