PF का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा देना है। इसलिए EPFO ने स्पष्ट नियम बनाए हैं कि PF से बिना जरूरत के बार-बार निकासी न हो। लेकिन जरूरत पड़ने पर विशिष्ट परिस्थितियों में पैसे निकालने की पूरी सुविधा भी दी गई है। पहले जहां 13 महीने की वेटिंग अवधि का नियम था, अब इसे घटाकर 3 महीने कर दिया गया है। इतना ही नहीं, अब 12 महीने की नौकरी पूरी करने के बाद भी 100% निकासी की अनुमति है, जो पहले कई सालों की सर्विस के बाद मिलती थी।
अगर आप नया घर खरीदने की सोच रहे हैं या पुराने घर की मरम्मत कराना चाहते हैं, तो EPFO आपके PF खाते से 90% तक निकासी की अनुमति देता है। इसका मतलब, यदि आपके PF में ₹1,00,000 जमा है, तो आप ₹90,000 तक निकाल सकते हैं। यह निकासी जीवन में कुछ सीमित बार ही मंजूर होती है, लेकिन एक साल में कितनी बार निकासी संभव है, यह पूरी तरह आपकी जरूरत और दस्तावेजों पर निर्भर करता है। घर और आवास संबंधी PF निकासी को EPFO विशेष श्रेणी में रखता है और यह बड़े खर्चों के लिए सबसे उपयोगी माना जाता है।
परिवार में किसी भी गंभीर बीमारी की स्थिति में EPFO सबसे ज्यादा राहत देता है। मेडिकल इमरजेंसी में PF की 100% निकासी तक की अनुमति है। चाहे बीमारी कर्मचारी की हो, पत्नी/पति की, बच्चों या माता-पिता की EPFO किसी भी चिकित्सा स्थिति को प्राथमिकता देता है। मेडिकल निकासी साल में कितनी बार होगी इस पर कोई सख्त सीमा नहीं है, क्योंकि यह जरूरत के आधार पर दी जाती है।
शादी, बच्चों की पढ़ाई या भाई-बहन की शादी जैसे मामलों में PF का इस्तेमाल किया जा सकता है। EPFO इसके लिए 75% तक निकालने की सुविधा देता है। यानी यदि PF में ₹1 लाख है, तो ₹75,000 तक की निकासी संभव है। यह निकासी जीवन में कुछ ही बार की अनुमति होती है, लेकिन इन आवश्यकताओं को देखते हुए EPFO ने इसे काफी सरल रखा है।
अगर आपने अपनी वर्तमान नौकरी में 12 महीने पूरे कर लिए हैं, तो आप PF का 75% तक निकाल सकते हैं। यह निकासी एक साल में 2–3 बार तक हो सकती है, बशर्ते कि वजह मजबूत हो और सही दस्तावेज हों। EPFO यह सुनिश्चित करता है कि लगातार निकासी से रिटायरमेंट फंड खत्म न हो जाए, इसलिए यह निकासी आंशिक रखी जाती है।
अगर किसी कारणवश नौकरी छूट जाती है या आप खुद नौकरी छोड़ देते हैं, तो PF निकासी का नियम बदल जाता है। 2 महीने बेरोजगार रहने के बाद 100% निकासी की अनुमति है। पहले 5–7 साल की सर्विस अनिवार्य थी, लेकिन नए नियमों ने इसे सरल कर दिया है। इस निकासी की संख्या पर कोई सख्त सीमा नहीं है, क्योंकि आमतौर पर बेरोजगारी में पूरा PF एक बार में ही निकाल लिया जाता है।
रिटायरमेंट के समय PF निकासी पर कोई रोक नहीं है। कर्मचारी अपने खाते की 100% रकम बिना किसी बाधा के निकाल सकता है। नए नियमों के बाद यह प्रक्रिया और भी सरल हो गई है ऑनलाइन क्लेम डालने पर कुछ ही दिनों में पैसा सीधे खाते में आ जाता है।
EPFO निकासी की संख्या पर सख्त प्रतिबंध नहीं लगाता, बल्कि यह देखता है कि निकासी किस कारण से की जा रही है। EPFO के नए नियमों ने कर्मचारियों को निकासी के मामले में पहले की तुलना में ज्यादा लचीलापन दिया है। मेडिकल जरूरतों के लिए अब असीमित निकासी की सुविधा है, यानी बीमारी या इलाज जैसी परिस्थिति में आप बार-बार अपनी जरूरत के अनुसार पैसा निकाल सकते हैं।