E85 Fuel: किन-किन चीजों से और कैसे बनता है इथेनॉल? पेट्रोल से कितना सस्ता

E85 Fuel Explained: देश और दुनिया में लगातार बढ़ती तेल कीमतों और ऊर्जा संकट के बीच वैकल्पिक ईंधन की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत भी पेट्रोल और डीजल पर अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी कड़ी में E85 फ्यूल चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। E85 ऐसा ईंधन है, जिसमें 85 प्रतिशत इथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है। हाल के वर्षों में सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिससे भविष्य में इथेनॉल आधारित ईंधन का उपयोग और बढ़ सकता है।

Authored by: रामानुज सिंहUpdated Jun 9 2026, 13:30 IST
​क्या होता है इथेनॉल?​Image Credit : Istock01 / 08

​क्या होता है इथेनॉल?​

इथेनॉल, जिसे एथिल अल्कोहल भी कहा जाता है, एक प्रकार का बायो-फ्यूल है। यह प्राकृतिक स्रोतों से तैयार किया जाता है और पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है। इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाकर वाहन चलाए जा सकते हैं। इसके इस्तेमाल से जीवाश्म ईंधनों की खपत कम होती है और प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिलती है। यही वजह है कि दुनिया के कई देश इथेनॉल आधारित ईंधन को बढ़ावा दे रहे हैं।

​इथेनॉल बनाने की प्रक्रिया क्या है?​Image Credit : Istock02 / 08

​इथेनॉल बनाने की प्रक्रिया क्या है?​

इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से फर्मेंटेशन यानी किण्वन प्रक्रिया के जरिए किया जाता है। इसके लिए सबसे पहले गन्ना, मक्का या अन्य स्टार्च और शर्करा युक्त फसलों को प्रोसेस किया जाता है। गन्ने का रस निकाला जाता है या अनाजों को पीसकर तरल मिश्रण तैयार किया जाता है। इसके बाद इस मिश्रण में यीस्ट मिलाया जाता है। यीस्ट शर्करा को तोड़कर इथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में बदल देता है। इस प्रक्रिया के बाद प्राप्त तरल में इथेनॉल की मात्रा कम होती है, इसलिए उसे डिस्टिलेशन प्रक्रिया से गुजारा जाता है। इससे पानी और अन्य अशुद्धियां अलग हो जाती हैं और शुद्ध इथेनॉल तैयार होता है। अंत में इसे पेट्रोल के साथ मिश्रण के लिए उपयुक्त बनाया जाता है।

​किन-किन चीजों से बनता है इथेनॉल?​Image Credit : Istock03 / 08

​किन-किन चीजों से बनता है इथेनॉल?​

भारत में इथेनॉल मुख्य रूप से कृषि प्रोडक्ट्स से तैयार किया जाता है। गन्ने का रस, चीनी उद्योग से निकलने वाला शीरा (मोलासेस), मक्का, खराब हो चुके चावल, गेहूं और बाजरा इसके प्रमुख स्रोत हैं। इसके अलावा वैज्ञानिक और उद्योग जगत कृषि अवशेषों से भी इथेनॉल बनाने पर काम कर रहे हैं। सड़े-गले फल, शकरकंद, पराली और अन्य जैविक कचरे से भी इथेनॉल उत्पादन की संभावनाओं पर शोध जारी है। अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर सफल होती है तो कृषि अपशिष्ट भी किसानों के लिए आय का नया स्रोत बन सकता है।

​किसानों के लिए नई कमाई का जरिया​Image Credit : Istock04 / 08

​किसानों के लिए नई कमाई का जरिया​

इथेनॉल उत्पादन का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिल सकता है। किसान अपनी अतिरिक्त फसल को इथेनॉल उत्पादन इकाइयों को बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। कई बार बाजार में गन्ने, मक्का या अन्य फसलों की कीमतें गिर जाती हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे समय में इथेनॉल उद्योग किसानों के लिए एक वैकल्पिक खरीदार के रूप में काम करता है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ जाती है और उनकी आय अधिक स्थिर हो सकती है।

​पराली की समस्या का भी मिल सकता है समाधान​Image Credit : Istock05 / 08

​पराली की समस्या का भी मिल सकता है समाधान​

हर साल पराली जलाने से उत्तर भारत के कई राज्यों में गंभीर प्रदूषण की समस्या पैदा होती है। सरकार और वैज्ञानिक संस्थान ऐसी तकनीकों पर काम कर रहे हैं, जिनके जरिए पराली और अन्य कृषि अवशेषों से इथेनॉल बनाया जा सके। यदि यह व्यवस्था बड़े पैमाने पर लागू होती है तो किसानों को पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे इसे बेचकर अतिरिक्त कमाई कर सकेंगे और प्रदूषण की समस्या को कम करने में भी योगदान देंगे। इससे पर्यावरण और किसानों दोनों को फायदा होगा।

​पेट्रोल पर निर्भरता घटाने में मददगार​Image Credit : Istock06 / 08

​पेट्रोल पर निर्भरता घटाने में मददगार​

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। इससे देश पर विदेशी मुद्रा का भारी बोझ पड़ता है। इथेनॉल के बढ़ते उपयोग से पेट्रोल की खपत कम की जा सकती है। जब देश में ही तैयार होने वाला इथेनॉल ईंधन के रूप में इस्तेमाल होगा तो आयातित तेल पर निर्भरता घटेगी। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। यही कारण है कि सरकार इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रही है।

​क्या पेट्रोल से सस्ता है E85 फ्यूल?​Image Credit : Istock07 / 08

​क्या पेट्रोल से सस्ता है E85 फ्यूल?​

एक्सपर्ट्स अनुसार इथेनॉल की उत्पादन लागत और बाजार मूल्य आमतौर पर पेट्रोल की तुलना में कम होता है। इसी वजह से E85 फ्यूल पेट्रोल से सस्ता पड़ सकता है। हालांकि इसकी वास्तविक कीमत क्षेत्र, टैक्स और सरकारी नीतियों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से थोड़ी कम होती है, इसलिए माइलेज में कुछ अंतर आ सकता है। इसके बावजूद कम लागत, कम प्रदूषण और आयातित तेल पर निर्भरता घटाने जैसे फायदों के कारण E85 फ्यूल को भविष्य का महत्वपूर्ण ईंधन माना जा रहा है। भारत में इथेनॉल उत्पादन और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देकर सरकार किसानों, पर्यावरण और देश की अर्थव्यवस्था तीनों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

​पेट्रोल से 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता​Image Credit : Istock08 / 08

​पेट्रोल से 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता​

सरकार ने E85 फ्यूल की कीमत आम पेट्रोल के मुकाबले लगभग 20 रुपये प्रति लीटर कम तय की है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य देश में उत्पादित इथेनॉल का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। कम कीमत के कारण फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का उपयोग करने वालों का ईंधन खर्च घटेगा, जिससे ऐसे वाहनों को अपनाने के लिए लोगों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!