यह वह पैसा है जो सालों तक कोई उपयोग न होने की वजह से निष्क्रिय (Inactive) हो गया और बाद में ‘अनक्लेम्ड’ कैटेगरी में चला गया। अब सरकार और RBI ने इस भूले हुए पैसे को असली मालिक तक वापस पहुंचाने के लिए देशभर में एक बड़ा अभियान शुरू किया है।
पिछले तीन सालों में इस अभियान का बड़ा असर देखने को मिला है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के अनुसार, अप्रैल 2022 से नवंबर 2025 तक 33 लाख से ज्यादा डॉर्मेंट अकाउंट्स को फिर से सक्रिय किया गया है और इनमें पड़े ₹10,297 करोड़ से ज्यादा की राशि लोगों को वापस लौटाई गई है। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी मात्रा में अनक्लेम्ड रकम लोगों को वापस मिली है।
अक्टूबर 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने “आपका पैसा, आपका अधिकार” नाम का एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है ताकि वे समझ सकें कि उनका भूला हुआ पैसा वापस पाया जा सकता है। कई लोग समझ ही नहीं पाते कि उनके पिता, दादा या खुद उनके पुराने खातों में पैसा पड़ा हो सकता है, जो अब बैंक की रिकॉर्ड में ‘बिना क्लेम’ दिख रहा है।
सरकार का यह अभियान गांव-गांव और शहर-शहर में लोगों को जानकारी दे रहा है कि वे अपने नाम का अनक्लेम्ड पैसा किस तरह खोज और वापस पा सकते हैं। इसके साथ ही RBI ने भी एक खास एक-वर्षीय अभियान चलाया है, जिसका उद्देश्य अनक्लेम्ड बैंक डिपॉजिट को खोजने, पहचानने और क्लेम की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
अगर किसी बैंक खाते में लगातार 10 साल तक कोई गतिविधि नहीं होती, तो बैंक उसे ‘अनक्लेम्ड’ श्रेणी में डाल देता है। इसमें शामिल होते हैं सेविंग्स अकाउंट, करंट अकाउंट, FD और RD, मैच्योर डिपॉजिट, जिन्हें कभी निकाला ही नहीं गया.
10 साल पूरे होने पर ऐसे खातों में पड़ा पैसा RBI के Depositor Education and Awareness (DEA) फंड में ट्रांसफर कर दिया जाता है। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पैसा हमेशा क्लेम किया जा सकता है इस पर कोई समय सीमा नहीं होती।
लोगों की सुविधा के लिए RBI ने “UDGAM पोर्टल” लॉन्च किया है, जहां कोई भी व्यक्ति अपने नाम से जुड़े अनक्लेम्ड बैंक डिपॉजिट को सिर्फ तीन जानकारी डालकर खोज सकता है आपका नाम, मोबाइल नंबर और जन्मतिथि। अगर आपके नाम का कोई भूला हुआ पैसा मिलता है, तो पोर्टल बता देता है कि वह किस बैंक या संस्था के पास है। इसके बाद आप सीधे क्लेम कर सकते हैं।
अधिकतर लोग सिर्फ बैंक अकाउंट ही जांचते हैं, जबकि बड़ा पैसा अन्य जगहों पर भी फंसा हो सकता है। इन्हें ऐसे खोजें म्यूचुअल फंड: CAMS या KFintech के “Unclaimed Amounts” सेक्शन में. शेयर/डिविडेंड: IEPF (Investor Education and Protection Fund) वेबसाइट, इंश्योरेंस पॉलिसी: बीमा कंपनियों के Unclaimed Amount पोर्टल और राज्य सरकार की योजनाएं के लिए स्टेट ट्रेजरी पोर्टल।
पैसा क्लेम करने के लिए आपको कुछ ज़रूरी दस्तावेज बैंक में जमा करने होते हैं। इसमें सबसे पहले बैंक का क्लेम फॉर्म भरना होता है। इसके साथ वैध KYC डॉक्यूमेंट जैसे आधार या पैन कार्ड देना अनिवार्य है। अगर आपके पास पुरानी FD या डिपॉज़िट की रसीद मौजूद है, तो उसे भी साथ में लगाना होता है। वहीं, अगर मामला वारिस का है, तो मृत व्यक्ति का मृत्यु प्रमाण पत्र और लीगल हियरशिप से जुड़े दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं।