प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8वें CPC) के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि यह कदम भारत में जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा और उपभोग में वृद्धि करेगा। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) के तहत वेतन संशोधन 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। हालांकि, वेतन वृद्धि की आधिकारिक घोषणा 2026 के अंत तक या 2027 में भी की जा सकती है। (तस्वीर-istock)
सरकार ने 8वें CPC के नियम (Terms of Reference) और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेने की बात कही है, लेकिन अभी तक आधिकारिक अधिसूचना, चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई है। (तस्वीर-canva)
वित्त मंत्रालय ने बताया कि सरकार अभी भी मंत्रालयों और विभिन्न राज्यों से नियमावली के लिए सुझाव प्राप्त कर रही है। जनवरी और फरवरी 2025 में इनपुट मांगे गए थे, लेकिन अभी तक इन पर काम चल रहा है। (तस्वीर-canva)
वेतन संशोधन 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है, लेकिन आधिकारिक घोषणा 2026 के अंत या 2027 में हो सकती है। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने में करीब 1.5 से 2 साल लग सकते हैं। (तस्वीर-canva)
7वें CPC की घोषणा और नियमावली के बीच करीब 156 दिन का अंतर था, जबकि 8वें CPC के लिए अब तक 230 दिनों से अधिक बीत चुके हैं, जिससे देरी ज्यादा हो गई है। कर्मचारी और पेंशनभोगी जल्द स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। (तस्वीर-canva)
जुलाई 2025 में इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) में वृद्धि देखी गई है। यह डेटा महंगाई भत्ता (DA) तय करने में अहम भूमिका निभाता है, जो वेतन और पेंशन में वृद्धि के लिए आधार होता है। (तस्वीर-canva)
महंगाई भत्ता दर 8वें CPC के लागू होने के बाद जीरो से शुरू होगी। जुलाई 2025 से लागू होने वाले DA/DR के संशोधित दरों की घोषणा सितंबर 2025 में होने की उम्मीद है। (तस्वीर-canva)
8वें CPC के तहत पेंशनभोगियों को भी वेतन वृद्धि के समान लाभ मिलेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, पेंशन में 1.8 से 2.46 गुना तक की वृद्धि संभव है, जिससे वास्तविक वेतन में करीब 13% तक की वृद्धि हो सकती है। (तस्वीर-canva)