आजकल ज्यादातर नई कारें की-लेस एंट्री तकनीक के साथ आती हैं। इस फीचर की मदद से ड्राइवर को कार खोलने के लिए चाबी निकालने की जरूरत नहीं पड़ती। जैसे ही चाबी कार के पास आती है, वाहन अपने आप अनलॉक हो जाता है। यह सुविधा काफी आरामदायक मानी जाती है, लेकिन इसी तकनीक का फायदा उठाकर चोर भी नए तरीके से गाड़ियां चुराने लगे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कई देशों में की-लेस कार चोरी के मामले तेजी से बढ़े हैं। खासतौर पर अमेरिका में यह तकनीक वाहन चोरी की बड़ी वजह बनती जा रही है। अब चोर पुराने तरीके जैसे लॉक तोड़ना या शीशा फोड़ना कम इस्तेमाल करते हैं। इसके बजाय वे डिजिटल डिवाइस के जरिए कार के सिग्नल सिस्टम को निशाना बनाते हैं।
की-लेस कार चोरी का सबसे चर्चित तरीका “रिले अटैक” माना जाता है। इसमें चोर खास इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। ये डिवाइस कार की चाबी से निकलने वाले वायरलेस सिग्नल को पकड़कर उसे कार तक पहुंचा देते हैं।
इसके बाद कार का सिस्टम यह समझ लेता है कि असली चाबी आसपास ही मौजूद है और वाहन अनलॉक हो जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में चोरों को कार की असली चाबी की जरूरत भी नहीं पड़ती। यही कारण है कि विशेषज्ञ अब लोगों को अपनी कार की डिजिटल सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
कार चोरी से बचाव के लिए एल्युमिनियम फॉइल एक आसान और सस्ता उपाय माना जा रहा है। यह तरीका “फैराडे केज” सिद्धांत पर काम करता है। एल्युमिनियम इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल को ब्लॉक करने की क्षमता रखता है। जब कार की चाबी को अच्छी तरह फॉइल में लपेट दिया जाता है, तो उससे निकलने वाले सिग्नल बाहर नहीं जा पाते।
ऐसी स्थिति में यदि कोई चोर रिले अटैक करने की कोशिश भी करे, तो उसे चाबी का सिग्नल नहीं मिल पाता और कार अनलॉक नहीं होती। लोग चाहें तो खुद भी इस उपाय को टेस्ट कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल फॉइल ही सुरक्षा का एकमात्र तरीका नहीं है। कार की चाबी को घर के मुख्य दरवाजे या खिड़की के पास रखने से बचना चाहिए। बेहतर होगा कि उसे किसी दराज या अंदर सुरक्षित स्थान पर रखा जाए।
इसके अलावा बाजार में सिग्नल ब्लॉकिंग पाउच भी उपलब्ध हैं, जो फॉइल की तुलना में ज्यादा टिकाऊ और प्रभावी माने जाते हैं।
कई नई कार कंपनियां अब मोशन सेंसर वाली स्मार्ट चाबियां भी लॉन्च कर रही हैं, जो कुछ समय तक स्थिर रहने पर सिग्नल भेजना बंद कर देती हैं। ऐसे में थोड़ी सावधानी और सही तकनीक अपनाकर कार को डिजिटल चोरी से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता