कार इंश्योरेंस खरीदने या रिन्यू कराने से पहले अलग-अलग कंपनियों की पॉलिसी और प्रीमियम की तुलना करनी चाहिए। कई बार एक जैसी कवरेज अलग-अलग कंपनियां अलग कीमत पर देती हैं। हालांकि केवल सस्ती पॉलिसी देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए, क्योंकि कम कीमत वाली पॉलिसी में जरूरी सुविधाएं कम हो सकती हैं।
कई लोग ऐसे ऐड-ऑन ले लेते हैं, जिनकी उन्हें जरूरत नहीं होती। इससे प्रीमियम बढ़ जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर आप ऐसे इलाके में रहते हैं जहां बाढ़ की समस्या नहीं होती, तो इंजन प्रोटेक्शन कवर जरूरी नहीं हो सकता। इसलिए केवल वही कवरेज और ऐड-ऑन चुनें जो आपके इस्तेमाल और जरूरत के हिसाब से सही हों।
Deductible वह रकम होती है, जो क्लेम के समय वाहन मालिक खुद भरता है। अगर आप ज्यादा Voluntary Deductible चुनते हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी का जोखिम कम हो जाता है और प्रीमियम घट सकता है। हालांकि उतनी ही राशि चुननी चाहिए जिसे जरूरत पड़ने पर आसानी से भुगतान किया जा सके।
अगर आपका ड्राइविंग रिकॉर्ड अच्छा है और आपने लंबे समय तक कोई क्लेम नहीं किया है, तो इंश्योरेंस कंपनियां आपको कम प्रीमियम का फायदा दे सकती हैं। ट्रैफिक नियमों का पालन करना और सुरक्षित ड्राइविंग न केवल दुर्घटना का खतरा कम करता है, बल्कि No Claim Bonus (NCB) का फायदा भी दिला सकता है।
अगर आपकी कार में एंटी-थेफ्ट डिवाइस, अलार्म सिस्टम, ट्रैकिंग सिस्टम या एडवांस सेफ्टी फीचर्स लगे हैं, तो इससे चोरी और दुर्घटना का जोखिम कम माना जाता है। कई इंश्योरेंस कंपनियां ऐसी कारों पर कम प्रीमियम ऑफर करती हैं।
अब कई कंपनियां Pay As You Drive जैसी पॉलिसी भी ऑफर कर रही हैं। इसमें जितनी कम कार चलाई जाती है, उतना कम प्रीमियम देना पड़ सकता है। अगर आप वर्क फ्रॉम होम करते हैं या रोज कम दूरी तय करते हैं, तो ऐसी पॉलिसी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
समय के साथ आपकी जरूरतें बदल सकती हैं, इसलिए हर साल इंश्योरेंस पॉलिसी को रिव्यू करना जरूरी माना जाता है। कई बार पुराने ऐड-ऑन या अतिरिक्त सुविधाएं अब जरूरी नहीं रहतीं। ऐसे में अनावश्यक कवरेज हटाकर प्रीमियम कम किया जा सकता है। साथ ही No Claim Bonus को ट्रांसफर करके भी बचत की जा सकती है।