प्रीमियम पेट्रोल और नॉर्मल पेट्रोल में क्या अंतर होता है, जानें कार-बाइक के लिए कौन है बेस्ट?
Premium Petrol और Normal Petrol की क्वालिटी में काफी बड़ा अंतर होता है। अगर आप भी कंफ्यूज हैं कि किस गाड़ी के लिए कौन का फ्यूल बेस्ट होता है तो आइए आपको इसके बारे में आज पूरी जानकारी देते हैं।
Authored by: गौरव तिवारीUpdated Mar 21 2026, 21:23 IST
Image Credit : IStock01 / 08
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब धीरे धीरे डेली रूटीन लाइफ में पड़ने लगा है। जहां पहले एलपीजी की समस्या से लोग परेशान थे वहीं अब प्रीमियम पेट्रोल कीमतमें भी बढ़ चुकी हैं।
Image Credit : IStock02 / 08
दिल्ली एनसीआर समेत कई शहरों में अब प्रीमियम पेट्रोल जिसे हम पावर के नाम से भी जानते हैं उनकी कीमत में 2 से 3 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी पर पड़ने वाला है।
Image Credit : IStock03 / 08
कई लोगों को अक्सर प्रीमियम और नॉर्मल पेट्रोल को लेकर काफी कंफ्यूजन होता है। अगर आपको भी इनके अंतर को लेकर डाउट है तो हम आपको इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं। आइए आपको बताते हैं कि प्रीमियम या पावर पेट्रोल नॉर्मल से कितना अलग होता है।
Image Credit : IStock04 / 08
सबसे पहले आपको बता दें कि प्रीमियम पेट्रोल ज्यादातर महंगी और जग्जरी गाड़ियों में या फिर यह कहें कि हैवी इंजन वाली बाइक और कार में इस्तेमाल होता है। सामान्य शब्दों में कहें तो यह हाई कंप्रेशन इंजन वाली कारों के लिए यह एक बेस्ट फ्यूल होता है।
Image Credit : IStock05 / 08
प्रीमियम पेट्रोल: प्रीमियम पेट्रोल और सामान्य पेट्रोल में मुख्य फर्क यह है कि प्रीमियम पेट्रोल में ऑक्टेन ज्यादा होता है। इससे इंजन ज्यादा स्मूद तरीके से चलता है। इसमें नॉकिंग कम होती है और इंजन भी साफ रहता है। इसलिए यह खास तौर पर तेज और बेहतर परफॉर्मेंस वाले इंजनों के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जाता है।
Image Credit : IStock06 / 08
नॉर्मल पेट्रोल: सामान्य पेट्रोल में ऑक्टेन की मात्रा कम होती है, लेकिन यह रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले ज्यादातर वाहनों के लिए बिल्कुल ठीक रहता है। आम कार, बाइक और स्कूटर इसी पेट्रोल पर आसानी से चलते हैं और किसी खास दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता। यह प्रीमियम पेट्रोल के मुकाबले सस्ता भी होता है, इसलिए ज्यादातर लोग अपनी रोज की जरूरतों के लिए इसी का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं।
Image Credit : IStock07 / 08
ऑक्टेन नंबर क्या होता है?: आसान शब्दों में समझें तो ऑक्टेन नंबर किसी फ्यूल की एंटी-नॉकिंग क्षमता को बताता है, यानी यह बताता है कि फ्यूल इंजन में समय से पहले जलने से कितना रोक सकता है। अगर फ्यूल जल्दी जल जाता है, तो इंजन में “नॉकिंग” होती है, यानी हल्की-हल्की आवाज और झटके महसूस होते हैं।
Image Credit : IStock08 / 08
हाई ऑक्टेन नंबर वाले पेट्रोल में यह समस्या कम होती है, जिससे इंजन स्मूद चलता है। इसी वजह से हाई ऑक्टेन वाला प्रीमियम पेट्रोल ज्यादा ताकतवर और लग्जरी कारों के लिए बेहतर माना जाता है। यही कारण है कि प्रीमियम पेट्रोल, सामान्य पेट्रोल की तुलना में महंगा होता है।