Geely का यह नया i-HEV सिस्टम AI आधारित एनर्जी मैनेजमेंट से लैस है। यह तकनीक ड्राइविंग कंडीशंस को पहले से भांपकर तय करती है कि कार को इलेक्ट्रिक, सीरीज हाइब्रिड या पैरेलल मोड में चलाना है। इससे इंजन हमेशा अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता पर काम करता है और ईंधन की बचत होती है। कंपनी के मुताबिक, यह सिस्टम पुराने हाइब्रिड मॉडल्स के मुकाबले 10% ज्यादा एफिशिएंट है।
इस हाइब्रिड सिस्टम में 230 kW (313 PS) की इलेक्ट्रिक पावर मिलती है, जिससे कार 0 से 30 किमी/घंटा की रफ्तार सिर्फ 1.84 सेकंड में पकड़ लेती है। माइलेज के मामले में भी यह सिस्टम काफी आगे है। इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से प्रमाणित 2.22 लीटर/100 किमी यानी लगभग 45.05 kmpl का माइलेज मिला है, जो इसे खास बनाता है।
Geely इस नए i-HEV सिस्टम को अपनी आने वाली कारों जैसे Geely Preface और Geely Monjaro में शामिल करने जा रही है। Preface i-HEV लगभग 25.1 kmpl और Monjaro i-HEV करीब 21.05 kmpl का माइलेज देगी। ये आंकड़े मौजूदा मॉडल्स से बेहतर हैं, जो पहले कम माइलेज देते थे।
नई i-HEV कारों में केवल इंजन ही नहीं, बल्कि डिजाइन और टेक्नोलॉजी में भी सुधार किया गया है। इनमें नए अलॉय व्हील्स, नए कलर ऑप्शन, डुअल स्क्रीन, Huawei HiCar, Flyme Auto इंफोटेनमेंट सिस्टम, वेंटिलेटेड और मसाजिंग सीट्स के साथ HUD डिस्प्ले जैसे एडवांस फीचर्स मिलेंगे।
चीन में ग्राहकों और कंपनियों के बीच हाइब्रिड कारों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। हाइब्रिड टेक्नोलॉजी पारंपरिक पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक सिस्टम दोनों का संतुलन देती है, जिससे यह एक व्यावहारिक विकल्प बनती जा रही है। Geely भी इस दिशा में आगे बढ़ते हुए Emgrand और Boyue जैसे अन्य मॉडल्स में इस तकनीक को लाने की योजना बना रही है।
Geely के अलावा Chery और Changan जैसी कंपनियां भी एडवांस हाइब्रिड इंजन पर काम कर रही हैं। आने वाले समय में 2–3 लीटर/100 किमी माइलेज को नया स्टैंडर्ड माना जा सकता है।