भारत बना ई-थ्री-व्हीलर का बादशाह, चीन को भी पछाड़ा

Electric three-wheelers Market: भारत में 2024 में इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर की बिक्री में 20 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है, जो कि बढ़कर 7 लाख वाहन हो गए हैं। इसी के साथ इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत को लगातार दूसरे साल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार माना गया है, जो चीन से भी आगे बना हुआ है।

Authored by: Vishal MathelUpdated May 19 2025, 15:28 IST
थ्री-व्हीलर बाजार​Image Credit : Istock01 / 07

थ्री-व्हीलर बाजार​

आईईए की ग्लोबल ईवी आउटलुक 2025 रिपोर्ट बताती है कि थ्री-व्हीलर बाजार अत्यधिक केंद्रित है, जिसमें इलेक्ट्रिक और पारंपरिक थ्री-व्हीलर की बिक्री का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा चीन और भारत में है।​

भारत ने चीन को पछाड़ाImage Credit : Istock02 / 07

भारत ने चीन को पछाड़ा

​रिपोर्ट में कहा गया है, "पिछले तीन वर्षों में चीन में थ्री-व्हीलर का इलेक्ट्रिफिकेशन 15 प्रतिशत से भी कम पर स्थिर रहा है। 2023 में, चीन को पीछे छोड़कर भारत इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन गया और 2024 में भी यह स्थिति बनी रही, जिसमें बिक्री में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह लगभग 7,00,000 वाहनों तक पहुंच गई।"​

नई पीएम ई-ड्राइव योजनाImage Credit : Istock03 / 07

नई पीएम ई-ड्राइव योजना

​रिपोर्ट में कहा गया है कि नई पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत सरकार के समर्थन से यह बढ़ती प्रवृत्ति जारी रहने की संभावना है, जिसने 2024 में कमर्शियल उपयोग के लिए 3,00,000 से अधिक इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर को रोल-आउट करने में सहायता की।​

भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट​Image Credit : Istock04 / 07

भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट​

​रिपोर्ट के अनुसार, चीन, भारत और दक्षिण पूर्व एशिया दुनिया के सबसे बड़े टू और थ्री-व्हीलर बाजार बने हुए हैं, जो 2024 की वैश्विक बिक्री का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा हैं, जिसमें टू और थ्री-व्हीलर इन क्षेत्रों में निजी यात्री परिवहन के प्राथमिक साधन के रूप में काम कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, "भारत के तेजी से गतिशील इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में 2024 में कुल 220 ओईएम हैं, जो 2023 में 180 थे। हालांकि 2024 में देश में बेचे गए 1.3 मिलियन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में से 80 प्रतिशत (कुल टू-व्हीलर बाजार का 6 प्रतिशत) चार मार्केट लीडर्स ने संयुक्त रूप से दर्ज करवाया।" जबकि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की अग्रिम खरीद मूल्य पारंपरिक टू-व्हीलर की तुलना में औसतन अधिक है, बढ़ती प्रतिस्पर्धा ओईएम को अधिक किफायती इलेक्ट्रिक मॉडल पेश करने के लिए प्रेरित कर रही है।​

पीएम ई- ड्राइव नीति​Image Credit : Istock05 / 07

पीएम ई- ड्राइव नीति​

​आईईए रिपोर्ट में कहा गया है, "नीतिगत समर्थन इलेक्ट्रिक और आईसीई टू-व्हीलर मॉडल के बीच अफॉर्डेबिलिटी अंतर को पाटने में भी मदद कर रहा है, जिसमें नई पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव क्रांति इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट (पीएम ई- ड्राइव) नीति पहले से ही फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एफएएमई)-II और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम उपायों के तहत प्रदान की गई वित्तीय सहायता जारी रखती है।"इस योजना को मार्च 2026 तक संचालित करने की योजना है, ताकि लगभग 2.5 मिलियन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के रोल-आउट का समर्थन किया जा सके, जो पिछली एफएएमई-II नीति के तहत लक्षित 1 मिलियन से अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 80 सबसे बड़े इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माताओं ने 2024 में 10 मिलियन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की संयुक्त उत्पादन क्षमता दर्ज करवाई, जो उस वर्ष घरेलू बिक्री का लगभग 8 गुना है। अगर सभी ओईएम घोषणाएं सफल होती हैं, तो निकट भविष्य में क्षमता बढ़कर 17 मिलियन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर होने की उम्मीद है।​

इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री बढ़ी​Image Credit : Istock06 / 07

इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री बढ़ी​

​आईईए की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में इलेक्ट्रिक कारों की कुल बिक्री 2024 में मात्र 2 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1,00,000 यूनिट हो गई। 2025 की पहली तिमाही में 35,000 इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री दर्ज की गई, जो कि सालाना आधार पर 45 प्रतिशत की वृद्धि थी। भारत में, ईवी पर उच्च आयात शुल्क और स्थानीय रूप से निर्मित, किफायती इलेक्ट्रिक मॉडल की उपलब्धता का मतलब है कि देश की ईवी बिक्री में 2024 में चीनी आयात का हिस्सा 15 प्रतिशत से नीचे रहा।​

​बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनImage Credit : Istock07 / 07

​बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन

रिपोर्ट में बताया गया है कि सबसे सस्ती बैटरी इलेक्ट्रिक कार मॉडल को चीनी ओईएम ने स्थानीय रूप से निर्मित किया था, वहीं, आयातित चीनी बीईवी की औसत कीमत घरेलू निर्माताओं द्वारा बनाए गए मॉडल की तुलना में दोगुनी थी। भारतीय कार निर्माताओं द्वारा निर्मित सभी बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (बीईवी) मॉडल 2024 में 20,000 डॉलर से कम कीमत पर शुरू हुए, जबकि आयातित चीनी में से बीईवी मॉडल की कीमत इससे अधिक थी। कुल मिलाकर, बैटरी इलेक्ट्रिक और आईसीई कारों के बीच औसत मूल्य अंतर 2024 में छोटी कारों के लिए 15 प्रतिशत से कम और एसयूवी के लिए 25 प्रतिशत से कम हो गया। आईईए ने कहा कि भारत ने 2020 से इलेक्ट्रिक बसों को लाने में भी तेजी से वृद्धि देखी है, जिसकी संख्या 2024 के अंत तक 3,000 से लगभग 4 गुना बढ़कर 11,500 से अधिक हो गई है।इनपुट-आईएएनएस

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