मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने रामनवमी के मौके पर मुंबई में शिवसेना पार्टी मुख्यालय 'शिवसेना भवन' के बाहर लाउडस्पीकर पर 'हनुमान चालीसा' बजाया। हालांकि कुछ समय बाद पुलिस ने इसे बंद करवा दिया। यह मामला ऐसे मय में आया है जब मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने पिछले हफ्ते मुंबई में अपनी गुड़ी पड़वा रैली के दौरान बयान दिया। राज ठाकरे ने में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार से मस्जिदों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले लाउडस्पीकरों को बंद करने के लिए कहा गया था।
क्या कहा था राज ठाकरे ने
मुंबई के शिवाजी पार्क में एक रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने कहा था, 'मस्जिदों में लाउडस्पीकर इतनी तेज आवाज में क्यों बजाया जाता है? अगर इसे नहीं रोका गया, तो मस्जिदों के बाहर तेज आवाज में हनुमान चालीसा बजाने वाले स्पीकर लगाए जाएंगे।' उन्होंने आगे कहा कि वह नमाज के खिलाफ नहीं हैं, लोग अपने घरों में रहकर इबादत कर सकते हैं।
लगा था जुर्माना
ठाकरे की टिप्पणी के एक दिन बाद, उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने 3 अप्रैल को मुंबई के घाटकोपर में मनसे कार्यालय के सामने लाउडस्पीकर से हनुमान चालीसा बजाना शुरू कर दिया। इसके बाद, मनसे नेता महेंद्र भानुशाली ने कहा कि मुंबई पुलिस ने उन पर 5,050 रुपये का जुर्माना लगाया और नोटिस दिया कि यदि उन्होंने इसे फिर से बजाया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संजय राउत का मनसे पर निशाना
शिवसेना सांसद संजय राउत ने मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर को बंद करने की राज ठाकरे की मांग को लेकर रविवार को उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मनसे प्रमुख का भाषण भाजपा द्वारा ‘लिखित और प्रायोजित’ था। राउत ने सवाल किया कि क्या भाजपा शासित राज्यों में लाउडस्पीकर पर ‘अजान’ बजाना बंद कर दिया गया है? शिवसेना प्रवक्ता ने राज ठाकरे पर उनकी उस टिप्पणी को लेकर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राकांपा प्रमुख शरद पवार ‘जाति कार्ड’ खेलते हैं और ‘समाज को बांटते हैं।’

