Interesting facts related to chocolate: फरवरी के महीने में वैलेंटाइन वीक की शुरुआत रोज डे से होती है और तीसरा दिन होता है चॉकलेट डे। इस दिन को कपल्स चॉकलेट गिफ्ट में दे कर मनाते हैं। चॉकलेट के बारे में यह तो हम सब जानते हैं कि इन्हें कोको बीन्स से बनाया जाता है। यह एक ऐसी चीज है, जो हर किसी को पसंद आती है। यही कारण है कि आजकल बाजार में कई प्रकार की चॉकलेट उपलब्ध हैं। डार्क चॉकलेट के कई हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं। इन्हें स्ट्रेस-बस्टर और रिलेक्सेंट माना जाता है। चॉकलेट के बारे कई ऐसे इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स हैं, जिनके बारे में आपको पता नहीं होगा जैसे एक सिंगल-सर्विंग चॉकलेट बार को बनाने में दो से चार दिन लगते हैं। आइए जानें चॉकलेट से जुड़े कुछ इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स के बारे में।
चॉकलेट से जुड़े कुछ इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स
जैसा कि पहले ही बताया गया है कि चॉकलेट वो प्रोडक्ट है, जो कोको बीन्स से बनती है और यह बीन्स कोको पेड़ पर उगते हैं। इससे जुड़े कुछ इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स इस प्रकार हैं:
सफेद चॉकलेट, चॉकलेट नहीं होती- अगर आप सफेद चॉकलेट को चॉकलेट मानते हैं, तो आप गलत हैं। चॉकलेट का एक मुख्य कॉम्पोनेन्ट कोको बीन्स है। जबकि सफेद चॉकलेट को क्रीम या अन्य डेयरी उत्पाद से बनाना जाता है। इसमें चॉकलेट लिकर 10 प्रतिशत से भी कम हो सकता है।
पेट्स को चॉकलेट नहीं देनी चाहिए- कभी भी पेट्स को चॉकलेट नहीं देनी चाहिए क्योंकि इसमें उनके लिए थियोब्रोमाइन नाम का एक टॉक्सिक कॉम्पोनेन्ट होता है। पालतू जानवे इसे सही से पचा नहीं पाते और उनके लिए यह हानिकारक हो सकता है।
दांतों की सड़न को रोके- ऐसा पाया गया है कि बैक्टेरिया के कारण होने वाली दांतों में सड़न को कोको बीन्स में मौजूद एंटीबैक्टेरियल एजेंट्स बैक्टीरियल ग्रोथ को कम करते हैं। लेकिन, इसके लिए डार्क चॉकलेट को सीमित मात्रा में खाना सही रहता है।
चॉकलेट के बारे में फैक्ट्स यहीं खत्म नहीं होते हैं। एक कोको ट्री साल में केवल दस छोटी चॉकलेट बार्स को प्रोड्यूज कर पाता है। अभी चॉकलेट के पांच सौ से भी अधिक फ्लेवर्स उपलब्ध है। यही नहीं, इसके बारे में एक फैक्ट यह भी है किसी समय पर कोको बीन्स का इस्तेमाल करेंसी के रूप में किया जाता था।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता।)
