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World Day Against Child Labour Day 2023: बच्चे करेंगे काम तो कैसे होगा देश का नाम- विश्व बाल श्रम दिवस के कोट्स, स्टेटस, स्लोगन, शायरी, संदेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 12, 2023, 12:31 PM IST

World Day Against Child Labour 2023 Quotes, Poster, Status, Slogan in Hindi: दुनिया भर में करोड़ों ऐसे बच्चे हैं, जिनसे होटल, रेस्त्रां या घरों में करवाया जाता है, जो कि कानूनन अपराध है। यही नहीं, इस वजह से बच्चों को उचित शिक्षा और सही पोषण भी नहीं मिल पाता। इसलिए हर साल समय को जागरूक करने और बाल श्रम पर रोक लगाने के लिए 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाता है। यहां देखिए बाल श्रम निषेध दिवस पर कोट्स, विशेज, मैसेज, शायरी...

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World Day Against Child Labour 2023: इन कोट्स, शायरी, मैसेजेस से समाज में बाल श्रम के खिलाफ बढ़ाएं जागरूकता

World Day Against Child Labour 2023 Quotes, Poster, Status, Slogan in Hindi: इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में, लगभग 218 मिलियन बच्चे हैं, जिनसे रेस्टोरेंट, होटल, घर या अन्य जगहों पर काम करवाया जाता है। इसके कारण बच्चों को न तो उचित शिक्षा मिल पाती है और न ही उनका भरण-पोषण अच्छे से हो पता है। बाल मजदूरी एक कानूनन अपराध है। इसीलिए, हर साल 12 जून को विश्व बाल मजदूरी निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य बाल श्रमिक को खत्म करने और बच्चे के भविष्य को बचाना है। बच्चे देश के भविष्य होते हैं। उनसे श्रम न करवाकर, उन्हें शिक्षा दिलाने के लिए इस दिन समाज को जागरूक किया जाता है। यहां देखें समाज को जागरूक करने वाले विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर शायरी, कोट्स, मैसेज, विशेज आदि हिंदी में।

World Day Against Child Labour 2023 Shayari, Quotes, Messages, Wishes, Poster, Status, Slogan in Hindi

-बच्चे करेंगे काम तो कैसे होगा देश का नाम,

पढ़ कर करेंगे बड़े काम तभी तो बढ़ेगा देश का मान।

-बाल मजदूरी एक अभिशाप है जो किसी परिवार,

समाज और देश के विकास में बाधक होता है।

-बाल मज़दूरी बच्चों का भविष्य खा जायेगा

भारत को अंधकार की ओर ले जायेगा।

-नन्हें हाथों में ईंट नहीं किताब दो

बाल मजदूरी को ख़त्म कर दो।

-बच्चों की शिक्षा का कार्य है सबसे बड़ा परमार्थ।

बाल मज़दूरी का अपने मन में ना पालो स्वार्थ।।

-मजबूरी चाहे कितनी भी हो,

बच्चों से मजदूरी न कराएं।

-बाल व्यापार की रोक थाम,

हम सब मिल करें ये काम।

-शिक्षा और स्नेह है बच्चों के जीवन का मूल आधार।

इनके बिना बचपन हो जाता बेकार।

-बालश्रम जब कोई करवाता है

तब वह एक बच्चे का सपना छीन जाता है।

-मत करवाओ बच्चों से इतनी कमाई

अब इन्हें करनी है सिर्फ पढ़ाई।

-बच्चों से मत बाल श्रम करवाओ

नन्हें हाथों को ना दुःख पहुंचाओ।

-बच्चे तो देश को आगे ले जाएंगे

यदि उन्हें मज़दूरी पर ना लगाएंगे।

-सब मिलकर बाल मज़दूरी को जड़ से मिटायें

पैसों के लिए बच्चों को न सताएं।

-हर किसी को जगाना है

बाल मज़दूरी को जड़ से मिटाना है।

-बच्चों को बचपन की उड़ान दे दें

मज़दूरी रोक उनके चेहरे पर मुस्कान दे दें।

-बच्चों से मज़दूरी कराना बंद करें

उनकी पढ़ाई पर अब ध्यान धरें।

-मज़दूरी छोड़ शिक्षा का करना होगा विचार।

तभी होगा यह विकसित देश का सपना साकार।

-अच्छे मां बाप वही, जो बच्चों को पढ़ाए।

और मज़दूरी को अपने देश से भगाएं।

-हम सबने अब यह है ठाना

बाल मज़दूरी को जड़ से है मिटाना।

बाल श्रमिक निषेध दिवस की शुरुआत कब हुई?

बाल श्रमिक निषेध दिवस की शुरूआत अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ ने साल 2002 में की थी। साल 1979 में ही सबसे पहले सरकार ने बाल मजदूरी को खत्म करने के लिए एक समिति का गठन की था। फिर, इस पर साल 1987 में बाल मजदूरी के लिए कुछ नीतियां बनाने के बारे में सोचा गया। इसके बाद साल 1990 में न्यूयार्क में इस विषय पर एक सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें 151 राष्ट्रों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया। तब जाकर 2002 में बाल श्रम के खिलाफ इंटरनेशनल लेवल पर शुरुआत हुई।

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