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हर वीकेंड क्यों होता है घर में झगड़ा, पति या पत्नी में से कौन करता है ज्यादा लड़ाई

वीकेंड पर शनिवार और रविवार - पर घर में लड़ाइयां आम हैं। कहां तो हम दो दिन पहले से ही सोचते हैं कि दो दिन की छुट्टी में बढ़िया खाना खाएंगे, आराम करेंगे और फैमिली टाइम मनाएंगे। लेकिन अचानक कलह शुरू हो जाती है और मूड की ही छुट्टी हो जाती है। लेकिन ऐसा क्यों होता है और महाभारत बनते घर में शांति ला सकते हैं - जानें।

why there are fights over weekends in homes

क्यों होते हैं सैटरेडे-संडे को इतने झगड़े (pic: AI Image)

Why there are weekend fights: गुरुवार की शाम से ही लगता है कि बस एक दिन का काम और, फिर दो दिन आराम रहेगा। शुक्रवार की दोपहर से घूमने, खाने और फुर्सत से बैठने की प्लानिंग बनाते-बनाते मन एकदम खुश हो जाता है। लेकिन शनिवार को सुबह की चाय से ही आपसी बात में कुछ ऐसा खटकता है कि देखते ही देखते घर महाभारत का मैदान सा लगता है और वहां से निकल जाने का मन करता है..... बताएं ये कहानी किसकी है।

इन लाइनों को पढ़ते हुए अगर आपके चेहरे के भाव बदल रहे हैं और मन कुछ कहने को तड़प रहा है तो मतलब साफ है... कहानी आपकी ही है।

वीकेंड फाइट्स किन्हीं अरुण-अपर्णा, सुधीर-मीरा, कृष-कायरा, अभिषेक-स्मृति के ही घर का मामला नहीं हैं। ये हमारे-आपके हर घर की कहानी है। एक अच्छा प्लान बनाते-बनाते हम कब प्यारे से घर को जंग के मैदान में बदल देते हैं- पता ही नहीं चलता। जो टाइम हम बहुत अच्छे से हफ्ते के तनाव को कम करने में बिता सकते थे, वो समय एकदूसरे से लड़ने में बिताते हैं। वो बात अलग है कि थोड़ी देर के बाद में कपल को खुद ही इस फाइट की असली वजह का नहीं पता होता है।

घर की शांति किन बातों से होती है खराब (Pic: AI Image)
घर की शांति किन बातों से होती है खराब (Pic: AI Image)

वीकेंड फाइट्स क्यों होती हैं

वैसे यहां कुछ आम वजहें दी गई हैं, जिनकी वजह से कई घरों में वीकेंड पर झगड़े बढ़ जाते हैं। ये मनोवैज्ञानिक और प्रैक्टिकल दोनों तरह के कारण हैं:

1. पूरे हफ्ते का स्ट्रेस

सप्ताह भर लोग काम, बच्चों और घर की जिम्मेदारियों में दबे रहते हैं। वीकेंड आते ही थकान, चिड़चिड़ापन और स्ट्रेस एक साथ बाहर निकलता है नतीजा होता है छोटी-छोटी बात पर झगड़ा।

2. उम्मीदें ज्यादा, रियलिटी कम

वीकेंड को लेकर हर किसी की अलग उम्मीद होती है। किसी को आराम चाहिए, किसी को बाहर जाना है, किसी को घरेलू काम पूरे करने हैं। जब ये उम्मीदें मैच नहीं होतीं, तो कपल का आपसी टकराव शुरू हो जाता है।

3. एक साथ ज्यादा खाली टाइम

जी हां, ये भी कपल के बीच लड़ाई की बड़ी वजह बनता है। दरअसल, वीकडेज में लोग कम मिलते हैं, इसलिए टकराव भी कम होता है। वीकेंड पर हर कोई घर पर होता है। ऐसे में ज्यादा बातचीत, ज्यादा मांगें, ज्यादा जिम्मेदारियां… इससे आपस में तालमेल नहीं बैठ पाता।

उम्मीदों का मैच न होना लड़ाई का बड़ा कारण (Pic: AI)
उम्मीदों का मैच न होना लड़ाई का बड़ा कारण (Pic: AI)

4. घरेलू कामों लंबी लिस्ट

अक्सर घरों में वीकेंड का मतलब क्लीनिंग, ग्रोसरी, बच्चों का होमवर्क, रिश्तेदारों के काम आदि से होता है। कब, क्या, कैसे और कितना करना है परअगर प्लान स्पष्ट नहीं है तो झगड़ा पक्का है।

5. क्वालिटी टाइम की कमी

अक्सर पति-पत्नी या परिवार के लोग वीकेंड पर क्वालिटी टाइम की उम्मीद रखते हैं, लेकिन जब वो पूरा नहीं होता तो नाराजगी झगड़े में बदल जाती है।

6. पैसे और प्लानिंग पर बहस

वीकेंड पर आउटिंग, खाना बाहर से मंगवाना, शॉपिंग - पैसों, प्लान बदलने या अंतिम समय पर लिए फैसलों पर बहस सामान्य है।

7. सोने–जागने का रुटीन बिगड़ना

वीकेंड पर देर से सोना–जागना मूड और रूटीन दोनों बिगाड़ देता है। इससे भी चिड़चिड़ापन बढ़ता है।

8. अटेंशन की चाहत

हर कोई चाहता है कि उसकी बात पहले सुनी जाए, उसकी जरूरतों को प्राथमिकता मिले। जब कपल में ऐसा नहीं होता तो बहस हो जाती है।

वीकेंड पर झगड़ा कम कैसे कर सकते हैं

ये हफ्ता शांति से बीते और अगले हफ्ते का आरंभ अच्छे मूड से हो- इसके लिए जरूरी है कि कुछ बातों पर अभी से ध्यान दिया जाए।

  1. पहले से प्लानिंग - वीकेंड का मिनी शेड्यूल शुक्रवार रात ही बना लें कि कौन क्या करेगा, किस समय आराम करेंगे, कब आउटिंग होगी आदि।
  2. Me-time और Family-time अलग-अलग रखें। हर किसी को थोड़ा वक्त अपने लिए भी चाहिए होता है। रिश्तेदारों से मिलने के लिए आपस में बात करके ही प्लान सेट करें।
  3. घर के कामों की बराबरी भी कलह को टाल सकती है। इससे कुढ़न कम होगी और प्यार को नया रंग भी मिलेगा।
  4. ये भी नोट करें कि बात करने के सही समय को चुनना भी जरूरी है। वीकेंड की सुबह-सुबह टकराव की बातें न करें।
  5. आउटिंग और आराम दोनों को जगह दें। सिर्फ काम या सिर्फ घूमना - दोनों ही स्थितियों में झगड़े बढ़ते हैं।

ध्यान रखें कि घर में शांति रहे- इसके लिए दोनों पार्टनर को मिलकर प्रयास करने होंगे। और ये भी कि अगर आपकी इच्छा एक बार पूरी नहीं हुई तो पूरा दिन घर में तनाव का माहौल ना बनाकर रखें। छोटी-छोटी बातों पर जहां तक हो सके- उन पर लड़ाई टालने की ही कोशिश करें। घर की गुड वाइब्स बाहर के स्ट्रेस की बैड वाइब्स पर हमेशा भारी पड़ती हैं। ये वही बैड वाइब्स हैं जो शरीर में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों को बढ़ाती हैं। इसलिए घर पर तनाव कम से कम लोड करें ताकि मूड के साथ हेल्थ भी हैपी रह सके।

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मेधा चावला
मेधा चावला Author

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वा... और देखें

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