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Relationship Tips: क्या होता है अकेलापन, क्या भीड़ में भी आप खुद को अकेला महसूस करते हैं, जानिए इसकी वजह

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 20, 2022, 11:50 AM IST

Relationship Tips in hindi: कभी आपको ऐसा महसूस हुआ कि भीड़ में होकर भी आप बहुत अकेले हैं। वैसे इस तरह की बातें इंसान को उम्र बढ़ने के साथ महसूस होती हैं। जानें इसके बारे में विस्तार से।

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Relationship Tips: क्या होता है अकेलापन, क्या भीड़ में भी आप खुद को अकेला महसूस करते हैं, जानिए इसकी वजह

Relationship Tips in hindi: अक्सर आपके मन में भी ये ख्याल आता होगा कि, बचपन में तो हमारे बहुत सारे दोस्त हुआ करते थे। जी हम दिन-रात लोगों से घिरे रहते थे, बातें हुआ करती थीं। लेकिन बड़े होने के बाद आसपास कोई बात करने तक को नहीं है। और है तो उनसे सही ढंग से बात हो नहीं पा रही या कर नहीं पाते हैं। हालांकि ऐसा हमेशा नहीं होता है, लेकिन कई मौके ऐसे आ ही जाते हैं जब अकेलेपन का ख्याल दिमाग पर हावी हो जाता है।

अब ये समझना जरूरी है कि अकेलेपन का मतलब हमेशा अकेला रहना नहीं होता है। आप लोगों के बीच रहकर भी कई दफा अकेला महसूस कर सकते हैं। अब कुछ लोग इसे एक बुरा अनुभव कहते हैं, तो कुछ को यूं अकेला रहना ही खुश करता है। एक हालिया स्टडी में इस बात का पता लगाने की कोशिश की गई है कि, उम्र के साथ हम ज्यादा अकेला क्यों महसूस करने लग जाते हैं।

स्टडी में पता लगी उम्र के साथ अकेलापन बढ़ने की ये खास वजहें

अकेलेपन को अगर आसान शब्दों में समझा जाए तो, ये हमारे द्वारा किसी भी सामाजिक रिश्ते से रखने वाली उम्मीद और असलियत के बीच का अंतर है। स्टडी इस बात को प्रमाणित करती है कि, इंसानों की जिंदगी में रिश्तों से, लोगों से कुछ उम्मीदें तय होती है। लेकिन जब वो एक्सपेक्टशंस सोचे अनुसार पूरी नहीं होती, हम खुद को अकेला महसूस करते हैं। और बढ़ती उम्र, अनुभव और उम्मीदों के साथ ऐसा ज्यादा होने लगता है।

अकेलापन दूर करने से समाधान तलाशते हुए हम बहुत सी चीजों को नजरअंदाज करते हैं। अत्यधिक अकेला महसूस होने के पीछे की एक वजह ये भी है कि, हम इस बात को भूल जाते हैं कि जिन सामाजिक संबंधों को हम 30 की उम्र में चाहते हैं। वैसा हम उन्हें 70 की उम्र तक आते आते शायद ही चाहे। और दोनों उम्मीदें एक दूसरे से भिन्न हो सकती है।

उम्र बढ़ते के साथ हमारी हमारे आस पास के लोगों से उम्मीदें भी बढ़ जाती है। हम चाहते हैं कि, हर कोई हमारी इज्जत करें, हमें सुने, हमारी गलतियों से सीखे तथा हमारे अनुभवों में दिलचस्पी ले। हम ज्यादातर समय लोगों को कुछ सिखाने, देखभाल करने, बात करने की उम्मीद में रहते हैं। और जब ये उम्मीदें पूर्ण नहीं होती, हम खुद को अकेला पाते हैं।

अकेलेपन के पीछे का एक कारण ये भी है कि, उम्रदराज लोगों के योगदान, मेहनत को अक्सर समाज आर्थिक पहलुओं के नजरिए से अनदेखा कर देता है। और जब आपकी करी हुई किसी चीज को सराहना या ध्यान न मिले तो लोनली फील करना सामान्य है।

2016 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा करवाए गए एक सर्वे के मुताबिक ये बात सामने आई थी कि, लगभग 60 प्रतिशत बूढ़े लोगों को इज्जत की कमी महसूस होती है। और नकारात्मक तरीके से बढ़ती उम्र अक्सर अकेलेपन का अनुभव करवाती है। रिसर्च के मुताबिक, अकेलेपन की दिक्कत न केवल बूढे लोगों की है बल्कि यंग एडल्ट्स भी इससे जूझ रहे हैं।

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