लाइफस्टाइल

रिलेशनशिप और सिचुएशनशिप दोनों में क्या है अंतर? जानें किस तरफ आकर्षित हो रही युवा पीढ़ी

रिलेशनशिप हो या सिचुएशनशिप हो दोनों ही दो व्यक्तियों के बीच बने एक संबंध को परिभाषित करते हैं। हालांकि ये दोनों संबंध कैसे अलग हैं इसकी सही जानकारी आपको इनके बारे में विस्तार से जानकर ही होगी। आज हम आपको रिलेशनशिप और सिचुएशनशिप दोनों के अंतर को स्पष्ट बताने जा रहे हैं।

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Relationship vs Situationship

आज की युवा पीढ़ी के लिए प्यार और रिश्तों की परिभाषा तेजी से बदल रही है। जहां पहले रिश्ते का मतलब था एक पक्का कमिटमेंट और भविष्य की योजना होता था, वहीं आज "सिचुएशनशिप" जैसा नया शब्द युवाओं की लाइफस्टाइल का हिस्सा बनता जा रहा है। रिलेशनशिप और सिचुएशनशिप दोनों ही आपसी समझ और जुड़ाव पर आधारित संबंध हैं। लेकिन इसके बाद भी दोनों में काफी बुनियादी अंतर है। आइए जानते हैं क्या है ये फर्क और आज किस ओर ज्यादा आकर्षित हो रही है युवा पीढ़ी।

रिलेशनशिप क्या है?

रिलेशनशिप का अर्थ है एक ऐसा रिश्ता जिसमें भावनाएं, जिम्मेदारी और कमिटमेंट शामिल होता है। रिलेशनशिप के संबंध में दोनों पार्टनर्स एक-दूसरे के साथ अपने भविष्य की कल्पना भी करते हैं और इसके लिए अपनी-अपनी योजनाएं भी बनाते हैं। इसमें भरोसा, वफादारी और पारदर्शिता की अहम भूमिका होती है। इसका सही अर्थ है कि रिलेशनशिप में केवल रोमांटिक ही नहीं बल्कि भावनात्मक और सामाजिक रूप से भी मजबूत जुड़ाव दोनों के बीच होता है।

सिचुएशनशिप क्या है?

सिचुएशनशिप रिलेशनशिप और फ्रेंडशिप के बीच की एक स्थिति है। इसमें शारीरिक आकर्षण और साथ में रहना तो होता है, लेकिन साथ में भविष्य की कोई स्पष्टता या इससे जुड़ा किसी तरह का कमिटमेंट नहीं होता। जो पार्टनर्स सिचुएशनशिप में साथ होते हैं वह नहीं जानते कि “क्या यह रिश्ता आगे बढ़ेगा।" इसमें अक्सर “कैज़ुअल कनेक्शन” यानी शारीरिक संतुष्टि ज्यादा होती है। यही कारण है कि जरूरत खत्म होने या स्वाभाव बदलने पर संबंध खत्म हो जाता है।

युवा पीढ़ी किस ओर आकर्षित हो रही है?

आज के समय में युवा तेजी से रिलेशनशिप की जगह सिचुएशनशिप की ओर तेजी से आकर्षित हो रही है। इसके पीछे कई कारण हैं। जिसमें करियर और पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देने की वजह से गंभीर रिश्तों से बचना। इसके साथ ही स्वतंत्र जीवन जीने की चाह और “बिना बंधन” वाले रिश्ते पसंद करना। सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के माध्यम से रिश्ते में आने से पहले एक दूसरे की शर्तों पर राजी होना जैसे कारण देखने को मिलते हैं। हालांकि ये बात भी ठीक है कि युवाओं के लिए लंबे समय तक सिचुएशनशिप वाला संबंध टिक नहीं पाता और वे स्थिर रिलेशनशिप की तलाश में रहते हैं।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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