What is peanut curd: हर कुछ महीनों में इंटरनेट पर कोई नया हेल्दी फूड ट्रेंड छा जाता है। कभी चिया सीड्स, कभी ओट मिल्क और अब चर्चा में है 'मूंगफली का दही' (peanut curd)। सोशल मीडिया पर फिटनेस इंफ्लुएंसर्स से लेकर वेगन फूड ब्लॉगर्स तक, हर कोई इसे सुपर हेल्दी विकल्प बताने में लगा है। इसकी क्रीमी बनावट और हाई-प्रोटीन इमेज ने लोगों की जिज्ञासा और भी बढ़ा दी है।
लेकिन सवाल सिर्फ ट्रेंड का नहीं है। असली बात यह है कि क्या मूंगफली का दही सच में हमारे रोज के साधारण दही से बेहतर है, या फिर यह सिर्फ इंटरनेट पर कुछ दिनों का वायरल ट्रेंड है। आइए आसान भाषा में समझते हैं दोनों के बीच का फर्क।
क्या है पीनट कर्ड यानी मूंगफली का दही
आजकल लोग ऐसी चीजें तलाश रहे हैं जो हेल्दी होने के साथ-साथ प्लांट-बेस्ड भी हों। खासकर वे लोग जो दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स से दूरी बनाना चाहते हैं, उनके बीच मूंगफली का दही तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
यह दही मूंगफली को भिगोकर, पीसकर और खास तरीके से फर्मेंट करके तैयार किया जाता है। इसमें डेयरी नहीं होती, इसलिए इसे वेगन डाइट फॉलो करने वाले लोग भी आसानी से खा सकते हैं। यही वजह है कि हेल्थ-कॉन्शियस युवाओं और जिम जाने वालों के बीच इसकी चर्चा लगातार बढ़ रही है।
प्रोटीन के मामले में किसका पलड़ा भारी
अगर बात प्रोटीन की करें, तो मूंगफली का दही काफी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। मूंगफली में प्राकृतिक रूप से अच्छी मात्रा में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। यही कारण है कि इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है।
फिटनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह मसल्स रिकवरी और एनर्जी बनाए रखने में मदद कर सकता है। दूसरी ओर, साधारण दही में भी प्रोटीन मौजूद होता है, लेकिन उसकी मात्रा मूंगफली के मुकाबले कम मानी जाती है। हालांकि, दूध से मिलने वाला प्रोटीन शरीर में आसानी से अवशोषित हो जाता है, जो इसे अलग फायदा देता है।

मूंगफली की दही और आम दही में क्या है अंतर
कैल्शियम में अब भी आगे है साधारण दही
डाइटिशियन नैन शर्मा कहती है कि जहां मूंगफली का दही प्रोटीन के कारण चर्चा में है, वहीं कैल्शियम के मामले में पारंपरिक दही अभी भी ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है। दूध से बना दही हड्डियों और दांतों के लिए जरूरी कैल्शियम का अच्छा स्रोत होता है। इसके मुकाबले मूंगफली के दही में कैल्शियम स्वाभाविक रूप से कम पाया जाता है, जब तक कि उसे अलग से फोर्टिफाइड न किया जाए। इसलिए बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए साधारण दही अब भी अहम माना जाता है।
पाचन और गट हेल्थ के लिए कौन बेहतर
साधारण दही का सबसे बड़ा फायदा इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स हैं। ये अच्छे बैक्टीरिया पाचन को बेहतर बनाने और गट हेल्थ को मजबूत रखने में मदद करते हैं। गर्मियों में दही खाने की सलाह भी इसी वजह से दी जाती है।
वहीं मूंगफली का दही उन लोगों के लिए राहत बन सकता है जिन्हें दूध से एलर्जी या लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या होती है। क्योंकि इसमें लैक्टोज नहीं होता, इसलिए कई लोगों को यह ज्यादा हल्का महसूस हो सकता है।
हालांकि, हर मूंगफली का दही प्रोबायोटिक नहीं होता। अगर उसे सही तरीके से फर्मेंट न किया जाए, तो उसमें वे फायदे नहीं मिल पाते जो पारंपरिक दही में आसानी से मिल जाते हैं।
क्या दोनों में से कोई एक पूरी तरह बेहतर है
असल में दोनों की अपनी-अपनी खूबियां हैं। अगर आपकी प्राथमिकता हाई-प्रोटीन और प्लांट-बेस्ड डाइट है, तो मूंगफली का दही अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन अगर आप मजबूत हड्डियां, कैल्शियम और बेहतर गट हेल्थ चाहते हैं, तो साधारण दही अभी भी ज्यादा फायदेमंद माना जाएगा।
एक बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि मूंगफली से बने प्रोडक्ट्स कैलोरी में ज्यादा हो सकते हैं। ऐसे में जरूरत से ज्यादा सेवन वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है। इसलिए किसी भी ट्रेंड को आंख बंद करके अपनाने के बजाय अपनी जरूरत और शरीर के हिसाब से चुनाव करना ज्यादा समझदारी होगी।
यह लेख मूल रूप से गौरंगी (Gaurangi) द्वारा लिखा गया है, वह टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बतौर इंटर्न जुड़ी हुई हैं।
