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Weekend Marriage: हफ्ते भर सिंगल और वीकेंड में हसबैंड वाइफ, आखिर क्या है ये वीकेंड मैरिज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 23, 2023, 08:08 AM IST

Weekend Meaning Meaning: भारत जैसे देश में विवाह को 7 जन्मों का संबंध बताया जाता है, लेकिन कुछ पश्चिमी देशों और जापान जैसे आधुनिक देशों में शादी का एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है जिसे ‘वीकेंड मैरिज’ नाम दिया जा रहा है। जानिए वीकेंड मैरिज क्या है और इसके फायदे नुकसान कितने हैं।

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Weekend Marriage: हफ्ते भर सिंगल और वीकेंड में हसबैंड वाइफ, आखिर क्या है ये वीकेंड मैरिज

Weekend Meaning Meaning: भारतीय समाज में विवाह को पवित्र एवं सात जन्मों का बंधन माना जाता है। शादी ऐसा गठबंधन है जिसमें पति पत्नी का एक दूसरे के प्रति समर्पण रिश्ते की डोर को मजबूत करता है। समय आधुनिक है और इस आधुनिक युग में शादी जैसे पवित्र बंधन में भी समझौते देखने को मिल रहे हैं। जापान जैसे कई अन्य देशों में इन दिनों एक नया कल्चर देखने को मिल रहा है जिसे वीकेंड मैरिज का नाम दिया जा रहा है। आखिर क्या है ये वीकेंड मैरिज? शादी के इस अनोखे संबंध में कपल्स सोमवार से शुक्रवार तक अकेले रहते हैं और हफ्ते में दो दिन शनिवार और रविवार वह शादीशुदा जिंदगी बिताते हैं। पति पत्नी इस तरह की लाइफ के लिए आपस में एक समझौता भी साइन करते हैं। आधुनिकता की ऊंचाई को लगातार छू रहे ‘जापान’ में इस तरह के विवाह तेजी से प्रचलित हो रहे हैं।

वीकेंड मैरिज की शुरुआत

वीकेंड मैरिज की शुरुआत जापान से हुई है। वीकेंड मैरिज का चलन देखने को मिल रहा है। जापानी लोगों का मानना है कि शादी हो जाने के बाद उनका व्यक्तिगत जीवन खराब हो जाता है। इस वजह से वह अपने साथी के साथ हफ्ते में केवल 2 ही दिन रहना पसंद कर रहे हैं।

वीकेंड मैरिज के क्या हैं फायदे Weekend Marriage Benefits

इस तरह के विवाह में लोग हफ्ते में 2 दिन और महीने में केवल 8 दिन ही साथ रहते हैं बाकी के समय वे अकेले रहते हैं। इस तरह के जीवन में लोग खुद को ज्यादा फ्री महसूस करते हैं और अपनी जिंदगी को अपने हिसाब से जी सकते हैं।

  • मिलती है सिंगल वाली फीलिंग
  • करियर पर दे पाते हैं ज्यादा ध्यान
  • मिलता है अपने लिए समय
  • अलग-अलग मैंटालिटी वाले लोगों के लिए है वरदान

वीकेंड मैरिज के नुकसान Weekend Marriage Ke Nuksaan

इस तरह का जीवन जी रहे कपल्स को कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है जिसे वे अकेले रहकर बड़ी मुश्किल से झेल पाते हैं।

  • बच्चे की परवरिश के लिए महिला को पति का साथ नहीं मिल पाता जिस वजह से उसे अकेले ही बच्चे की देखभाल करनी होगी।
  • घर का काम भी महिला को अकेले करना होता है जिससे उसे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
  • आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वीकेंड मैरिज में रहना और भी नुकसानदायक होता है।
टाइम्स नाउ नवभारत
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