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Basanti Pulao Recipe: बसंत पंचमी पर क्यों बनते हैं मीठे-मीठे पीले चावल, यहां से नोट करें बसंती पुलाव की रेसिपी

Vasant Panchami Special Basanti Pulao Recipe: वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर बसंती पुलाव तो हर घर में जरूर बनता है। ये खुशबूदार, हल्का मीठा और केसरिया रंग का खास पुलाव होता है। तो अगर आपको बसंत पंचमी पर पुलाव बनाना है तो आप यहां से इसकी पूरी रेसिपी देख सकते हैं।

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बसंत पंचमी स्पेशल बसंती पुलाव रेसिपी (pc: canva)

Vasant Panchami Special Basanti Pulao Recipe: उत्तर भारत में हर दूसरे त्योहार में बसंती पुलाव बनता है। मां सरस्वती की पूजा में ये प्रसाद के रूप में भी चढ़ाया जाता है। इसलिए सरस्वती पूजा यानी वसंत पंचमी के दिन भी इसे बनाया जाता है। सूखे मेवे इसकी शान बढ़ाते हैं। वैसे तो इसे बनाना काफी आसान है लेकिन एक सही तरीका है इसे बनाने का भी। यहां से आप वसंत पंचमी वाली बसंती चावल बनाने का तरीका जान सकते हैं। यहां इसकी पूरी रेसिपी मौजूद है।

बसंती पुलाव बनाने की सामग्री-

  • बासमती चावल – 1 कप
  • घी – 2 टेबलस्पून
  • तेज पत्ता – 1
  • दालचीनी – 1 छोटा टुकड़ा
  • हरी इलायची – 3
  • लौंग – 3–4
  • काजू – 10–12 (आधे कटे)
  • किशमिश – 1 टेबलस्पून
  • चीनी – 2 टेबलस्
  • केसर – 8 से 10 धागे (2 टेबलस्पून गुनगुने दूध में भिगोए)
  • नमक – 1 चुटकी
  • पानी – 2 कप

बसंती चावल बनाने की विधि-

बसंती चावल बनाने के लिए सबसे पहले चावल धोकर 20 से 30 मिनट के लिए भिगो दें। फिर कढ़ाही या कुकर में घी गरम करें और उसी में काजू और किशमिश हल्के तलकर निकाल लें। उसी घी में तेज पत्ता, दालचीनी, इलायची और लौंग डालकर खुशबू आने दें। अब भीगे हुए चावल डालकर 1 से 2 मिनट हल्के से भूनें। इसके बाद केसर वाला दूध, चीनी, नमक और पानी डालें। अब ढककर धीमी आंच पर पकाएं। फिर कुकर में 1 सीटी दें और इसके बाद कढ़ाही में 10 से 12 मिनट पकाएं। गैस बंद कर 5 मिनट दम दें। आखिर में ऊपर से तले हुए काजू-किशमिश डालकर हल्के हाथ से मिलाएं, आपका बसंती चावल या बसंती पुलाव तैयार है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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