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Thought of the day: जिंदगी को बेहतर बनाने का आसान तरीका, आज का सुविचार आपको देगा नई ऊर्जा

Thought of the day: आज का सुविचार हमें सिखाता है कि सत्य कोई बाहर मिलने वाली वस्तु नहीं है, बल्कि यह हमारे अंदर जागने वाली एक अनुभूति है। स्थायी शांति हमारे अंदर की स्थिति से ही आती है।

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आज का सुविचार (फोटो: AI)

Thought of the day: एक अच्छा विचार आपकी पूरी की पूरी सोच को बदलने का काम कर सकता है। जब आपको ऐसा लगे की सारे रास्ते बंद हो गए हैं और चारों तरफ सिर्फ अंधेरा ही अंधेरा है तो एक पॉजिटिव विचार आपको नई दिशा में ले जाने का काम कर सकता है। आज का सुविचार (Aaj ka suvichar) हमें बताता है कि सत्य कोई बाहर मिलने वाली वस्तु नहीं है, बल्कि यह हमारे अंदर जागने वाली एक अनुभूति है।

सत्य को अक्सर हम किसी जानकारी, तथ्य या किसी जवाब के रूप में देखते हैं। लेकिन असल में सत्य सिर्फ शब्दों या किताबों में बंद कोई बात नहीं है। सत्य एक एहसास है। इसी कड़ी में हमारा आज का सुविचार है:

आज का सुविचार

'सत्य कोई ऐसी बाहरी वस्तु नहीं है जिसे खोजना पड़े, बल्कि यह भीतर ही महसूस करने और जागृत होने की अवस्था है।'

ज्यादातर लोग सोचते हैं- अच्छा घर मिल जाए तो खुशी आ जाएगी, अच्छी नौकरी मिल जाए तो खुशी आ जाएगी, विवाह हो जाए या फिर बच्चे की नौकरी लग जाए तब खुश हो जाऊंगा। लेकिन, जो सत्य की खोज में लगा है वो इसे बाहर नहीं बल्कि भीतर तलाशता है। कभी-कभी जिंदगी के सबसे बड़े जवाब बाहर नहीं, बल्कि हमारे अपने अंदर छिपे होते हैं इस बात को समझना बेहद जरूरी है। ओशो के विचार इसी बात की ओर इशारा करते हैं कि सत्य हमारे भीतर छिपा है इसकी खोज करने के लिए हमें कहीं जाने की जरूरत नहीं है।

ओशो का मानना था कि अगर हम खुदमें जीना शुरू करें तो सत्य और आनंद को महसूस किया जाता है। जो साधक सत्य को बाहर खोजने जाता है उसे सत्य तो नहीं मिलता बल्कि रास्ते में वो और भी ज्यादा भटक जाता है। ऐसे में इधर-उधर की यात्रा के बजाए खुदमें रहकर हमें जीना चाहिए। अगर हम शांत और मौन रहकर जीवन जीना शुरू कर दें तो सत्य हमशे ज्यादा दूर नहीं है। बाहर की उपलब्धियां हमें कुछ समय के लिए खुशी दे सकती हैं, लेकिन स्थायी शांति हमारे अंदर की स्थिति से ही आती है।

ओशो कहते थे सत्य कोई वस्तु नहीं है जो भागदौड़ करके पा ली जाए। बल्कि सत्य जागृत होने की अवस्था है। अगर आप होश में जीवन जीना शुरू कर देते हैं तो सत्य और आनंद आपके पीछे दौड़ा चला आता है। जब मन शांत होता है, सोच साफ होती है और इंसान अपने वास्तविक स्वरूप को समझने लगता है, तब सत्य का अनुभव होता है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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