Sunday Shayari (इतवार पर शायरी, संडे शायरी): सप्ताह में इतवार का दिन ऐसा होता है जिसे हर कोई एक खास बेफिक्री और बेपरवाही से जीता है। रविवार अपने आप में सुकून का दूसरा नाम है। इस दिन ना तो कहीं जाने की जल्दी होती है और ना ही किसी तरह की दौड़भाग। हर कोई रविवार की सुस्ती को अपने ही तरीके से एंजॉय करता है। इसी रविवार पर बहुत से शायरों ने काफी अच्छे शेर लिखे हैं। रविवार पर लिखी इन शायरियों में आपको इस खास दिन के सारे रंग देखने को मिल जाएंगे। इतवार पर लिखे ये शेर आपके संडे को और भी मजेदार बना देंगे। यहां देखें रविवार पर शायरी हिंदी में:
इतवार पर शेर (Sunday Shayari in Hindi)
1. आज मिलना है कहा पीर को उस ने 'काशिफ़'
मैं ने रिप्लाई किया जान ये इतवार नहीं
- काशिफ़ शकील
2. दर्जनों क़िस्से-कहानी ख़ुद ही चल कर आ गए
उस से जब भी मैं मिला इतवार छोटा पड़ गया
- प्रताप सोमवंशी
3. हाकिम-ए-वक़्त यूं मग़रूर न बन होश में आ
पीर आता है तो इतवार बदल जाता है
- आदिल राही
इतवार शायरी
4. कि आठों पहर मुझ को फ़ुर्सत नहीं
कहीं खो गया मेरा इतवार अब
- असग़र शमीम
5. ये सच है वो हर हफ़्ते ही आता है
सब की क़िस्मत में इतवार नहीं होता
- प्रताप सोमवंशी
6. रह कर ज़मीं पे चांद के दीदार के लिए
दफ़्तर में दिन गुज़रते हैं इतवार के लिए
- ओम अवस्थी
Sunday Shayari
7. ख़ुद को दफ़्तर में ये समझाते हैं
रोज़ इतवार नहीं हो सकता
- सपना मूलचंदानी
8. हुक्म दें ऐसे कैलन्डर के लिए
जिस में दो दिन बाद इक इतवार हो
- साहिर लुधियानवी
9. दुनिया में सदा चलती है चाहत की हुकूमत
आ जाओ मना लेंगे हम इतवार किसी दिन
- बद्र वास्ती
रविवार शायरी
10. मुश्किल से आता है और उड़ जाता है
इस हफ़्ते इतवार छुपा कर रखना तुम
- भास्कर शुक्ला
11. नज़र उन से ये संडे को बाग़ीचे में मिली ऐसी
कि अब हफ़्ते के हर दिन को मुझे इतवार करना है
- आनंद वर्मा
12. अगर मैं वो ख़त न लिखता तो मेरे दोस्त नाराज़ हो जाते
और कहते हम इतवार के दिन तुम्हारे साथ
- ज़ीशान साहिल
Itvaar Par Shayari
13. हुक्म दें ऐसे कैलन्डर के लिए
जिस में दो दिन बाद इक इतवार हो
- साहिर लुधियानवी
बता दें कि रोज की भागदौड़, थकान और उलझनों के बाद जब रविवार आता है तो अपने साथ ढेर सारा सुकून भी लेकर आता है। यह दिन ऐसा होता है जब हम बिना घड़ी देखे भी दिन काट सकते हैं। उम्मीद करते हैं कि ये इतवार शायरी आपके हफ्ते के सबसे खास दिन का मजा और बढ़ा देंगे।
