लाइफस्टाइल

24 साल बाद भी लोग नहीं भूले ऐश्वर्या राय की वो आइकॉनिक साड़ी, महज एक रात में हुई था तैयार

Aishwarya Rai Saree: फिल्म देवदास के कॉस्ट्यूम्स को भारतीय सिनेमा के सबसे शानदार कॉस्ट्यूम्स में गिना जाता है। फिल्म में पारंपरिक बंगाली अंदाज, भारी जरी का काम, बनारसी साड़ियां और रॉयल गहनों का इस्तेमाल किया गया था।

Image

फिल्म देवदास से ऐश्वर्या राय के इस लुक को नहीं भूल पाए हैं लोग (Photo: Youtube)

संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास आज भी अपनी भव्यता, संगीत और शानदार कॉस्ट्यूम्स के कारण पसंद की जाती है। फिल्म में ऐश्वर्या राय ने पारो का जो किरदार निभाया वो दर्शकों के दिल में बस गया था। खासकर फिल्म का वो सीन, जिसमें पारो सफेद साड़ी में नजर आती हैं, आज भी लोगों को याद है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ऐश्वर्या के जिस लुक को आप करीब 25 सालों से याद रखे हुए हैं वो महज एक रात में तैयार किया गया था।

जी हां, ऐश्वर्या राय का वो आइकॉनिक लुक फिल्म की कॉस्ट्यूम डिजाइनर नीता लुल्ला की टीम ने एक रात में तैयार कर दिया था। नीता लुल्ला के मुताबिक शूटिंग से ठीक पहले यह तय हुआ कि उस खास सीन के लिए पारो का लुक बदलना होगा। समय बहुत कम था, इसलिए पूरी टीम ने रातभर काम किया और अगली सुबह तक सफेद साड़ी वाला लुक तैयार कर दिया गया। जब कॉस्ट्यूम तैयार हुआ तो किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि ये इतिहास रचने वाला है।

क्यों खास था यह लुक?

फिल्म में यह सीन पारो के जीवन के सबसे दर्द भरे पलों में से एक था। डायरेक्टर चाहते थे कि कपड़े बस सुंदर न लगें, बल्कि किरदार के टूटे हुए दिल और भावनाओं को भी दिखाएं। इसी वजह से भारी कढ़ाई या चमकीले रंगों की जगह हल्की सफेद साड़ी चुनी गई।

सफेद रंग को इस तरह इस्तेमाल किया गया कि उसमें उदासी, खामोशी और भावनाएं, तीनों दिखाई दें। यही कारण है कि यह लुक फिल्म के सबसे यादगार कॉस्ट्यूम्स में शामिल हो गया।

ऐश्वर्या राय की भी रही बड़ी भूमिका

नीता लुल्ला के अनुसार, किसी भी कॉस्ट्यूम को जीवंत बनाने में कलाकार की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। ऐश्वर्या राय ने पारो के दर्द और भावनाओं को इतनी खूबसूरती से निभाया कि साधारण दिखने वाली सफेद साड़ी भी यादगार बन गई।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: हमेशा नंगे पैर क्यों रहते थे एमएफ हुसैन

देवदास के कॉस्ट्यूम्स क्यों हुए मशहूर?

देवदास के कपड़ों को भारतीय सिनेमा के सबसे शानदार कॉस्ट्यूम्स में गिना जाता है। फिल्म में पारंपरिक बंगाली अंदाज, भारी जरी का काम, बनारसी साड़ियां और शाही गहनों का इस्तेमाल किया गया था। इन डिजाइनों ने न सिर्फ फिल्म की खूबसूरती बढ़ाई, भारतीय फैशन जगत पर भी गहरा असर डाला।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article