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मिट्टी या प्लास्टिक? तुलसी के पौधे के लिए कौन सा गमला बेहतर, किस गमले में ज्यादा चलती है तुलसी

Best Pot for Tulsi Plant: गार्डनिंग एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही गमला और सही देखभाल तुलसी को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

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किस तरह के गमले में ज्यादा फलती-फैलती है तुलसी

Best Pot for Tulsi Plant: भारत में लोग अपने घर में तुलसी का पौधा खूब लगाते हैं। यह पौधा कुछ लोग आध्यात्मिक कारणों से लगाते हैं तो कुछ लोग स्वास्थ्य कारणों से। लेकिन ज्यादातर लोगों की शिकायत रहती है कि उनकी तुलसी जल्दी सूख जाती है या ज्यादा दिनों तक हरी-भरी नहीं रहती। उनके मन में कई तरह के सवालउठने लगते हैं। एक सवाल जो सबसे ज्यादा परेशान करता है वो ये है कि तुलसी के लिए प्लास्टिक का गमला बेहतर है या मिट्टी का?

गार्डनिंग एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही गमला और सही देखभाल तुलसी को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। तो आइए जानते हैं कि तुलसी के पौधे की लंबी उम्र और उसे हरा भरा रखने के लिए किस तरह का गमला उपयुक्त होता है:

तुलसी के लिए कौन सा गमला बेहतर?

तुलसी के पौधे के लिए मिट्टी का गमला सबसे अच्छा माना जाता है। मिट्टी के गमले में हवा का प्रवाह प्लास्टिक के गमले की तुलना में बेहतर होता है। मिट्टी के गमले मेंपौधे की जड़ें आसानी से सांस ले पाती हैं। मिट्टी का गमला पौधे की मिट्टी में आने वाली अतिरिक्त नमी को भी सोख लेता है, जिससे जड़ों में पानी जमा नहीं होता।

वहीं प्लास्टिक के गमले हल्के और सस्ते जरूर होते हैं, लेकिन इनमें पानी ज्यादा देर तक रुका रह सकता है। गर्मियों में प्लास्टिक जल्दी गर्म हो जाता है, जिससे पौधे की जड़ों पर असर पड़ सकता है।

किस गमले में ज्यादा दिनों तक चलती है तुलसी?

अगर सही देखभाल की जाए तो तुलसी मिट्टी के गमले में ज्यादा अच्छी तरह बढ़ती है। मिट्टी प्राकृतिक रूप से तापमान को संतुलित रखने में मदद करती है। खासकर गर्मियों में यह पौधे को ज्यादा गर्म होने से बचाती है।

हालांकि अगर आपके पास केवल प्लास्टिक का गमला है, तो उसमें नीचे अच्छे ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके।

तुलसी को हरा-भरा कैसे रखें?

तुलसी के पौधे को रोज हल्की धूप मिलना जरूरी होता है। इसे ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप आसानी से पहुंच सके। बहुत ज्यादा तेज दोपहर की धूप में रखने से पत्तियां झुलस सकती हैं।

पानी जरूरत के अनुसार ही दें। कई लोग रोज जरूरत से ज्यादा पानी डाल देते हैं, जिससे जड़ें सड़ने लगती हैं। जब मिट्टी सूखी महसूस हो तभी पानी देना बेहतर माना जाता है।

तुलसी को समय-समय पर प्राकृतिक खाद देना फायदेमंद होता है। इसके अलावा सूखी और पीली पत्तियों को हटाते रहें। नियमित छंटाई करने से तुलसी ज्यादा घनी और हरी बनी रहती है।

तुलसी के पौधे के साथ क्या ना करें

तुलसी को हमेशा साफ और खुली जगह पर रखें। एसी या कूलर की सीधी हवा, बहुत ज्यादा नमी या लगातार अंधेरे में रखने से पौधा कमजोर हो सकता है।

तो अगर आप चाहते हैं कि घर की तुलसी लंबे समय तक हरी-भरी और स्वस्थ रहे, तो मिट्टी का गमला, संतुलित पानी और सही धूप तीन सबसे जरूरी बातें मानी जाती हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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