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Shayari of the Day: वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना ना हो मुमकिन.., जानें क्या है साहिर लुधियानवी के मशहूर शेर का असल मतलब

Shayari of the Day, Sahir Ludhianvi Shayari: साहिर लुधियानवी का यह शेर उर्दू शायरी की अनमोल रचनाओं में से एक है। यह शेर उन रिश्तों, प्रेम कहानियों या जीवन की परिस्थितियों के बारे में है, जिन्हें पूरा करने या सही अंजाम तक ले जाने की कोई संभावना नहीं रह जाती।

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आज की शायरी

Shayari of the Day, Sahir Ludhianvi Shayari: साहिर लुधियानवी शेर-ओ-शायरी और हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली और प्रगतिशील शायरों में शुमार थे। साहिर की शायरी में इंसानी भावनाओं के साथ विद्रोह और सामाजिक चेतना भी थी। उन्होंने गरीबी, स्त्री-शोषण, सांप्रदायिकता, पूंजीवाद और मानवीय पीड़ा को बड़ी सच्चाई के साथ अपनी नज्मों में उतारा। उनके कई नगमें आज भी लोगों के बीच खूब पॉपुलर हैं। साहिर लुधियानवी का एक मशहूर शेर है जिसे लोग अकसर शेयर करते रहते हैं। वह शेर कुछ इस तरह से है:

'वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन, उसे इक ख़ूबसूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा'

क्या कहता है साहिर लुधियानवी का यह शेर

साहिर लुधियानवी का यह शेर उर्दू शायरी की अनमोल रचनाओं में से एक है। यह शेर उन रिश्तों, प्रेम कहानियों या जीवन की परिस्थितियों के बारे में है, जिन्हें पूरा करने या सही अंजाम तक ले जाने की कोई संभावना नहीं रह जाती।

शेर का पहला मिसरा है - वो अफसाना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन। यहां साहिर उन कहानियों या रिश्तों की बात करते हैं, जिन्हें चाहे जितनी कोशिश कर लें, लेकिन उनका मुकम्मल अंजाम संभव नहीं होता। यह ऐसी मोहब्बत या जीवन की स्थिति हो सकती है, जहां हालात, समय या परिस्थितियां साथ नहीं देतीं।

वहीं शेर का दूसरा मिसरा है - उसे इक ख़ूबसूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा। यहां साहिर अपनी बात मजबूती से रखते हैं। वह कहते हैं कि जब किसी रिश्ते या कहानी का अंत सुखद नहीं हो सकता, तो उसे कड़वाहट या दर्द के साथ खत्म करने के बजाय, एक सुंदर मोड़ देकर छोड़ देना बेहतर होता है। यानी यादों को खूबसूरत बनाए रखना ज्यादा मायने रखता है।

इस शेर का सार यह है कि हर चीज को अंत तक खींचना जरूरी नहीं होता। कुछ रिश्ते और कहानियां अधूरी रहकर ही अपनी खूबसूरती बनाए रखती हैं। अगर उन्हें जबरदस्ती आगे बढ़ाया जाए, तो वे दर्द और पछतावे में बदल सकती हैं।

साहिर यहां हमें यह सिखाते हैं कि जीवन में समझदारी यही है कि हम समय पर फैसले लें और उन चीजों को सम्मान के साथ अलविदा कहें, जिन्हें पूरा करना संभव नहीं है। कभी-कभी अधूरापन ही सबसे सुंदर सच होता है।

साहिर लुधियानवी के 5 मशहूर शेर:

ऊपर दिये गए शेर के अलावा भी साहिर लुधियानवी के कई ऐसे शेर हैं जो दशकों से लोगों का दिल जीत रहे हैं। आइए पढ़ते हैं साहिर के ऐसे ही 5 मशहूर शेर:

1. ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है

क्यूं देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम

2. ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहां

मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया

3. देखा है ज़िंदगी को कुछ इतने क़रीब से

चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से

4. कौन रोता है किसी और की ख़ातिर ऐ दोस्त

सब को अपनी ही किसी बात पे रोना आया

5. इस तरह ज़िंदगी ने दिया है हमारा साथ

जैसे कोई निबाह रहा हो रक़ीब से

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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