लाइफस्टाइल

Shayari of the day: आज की शायरी में पढ़ें अहमद फराज का रोमांटिक शेर, बड़ी खूबसूरती से बयां है दर्द

Shayari of the Day (अहमद फराज की शायरी): अहमद फराज का यह शेर रिश्ते के पूरे सफर, चाहत से दूरी तक, को दिखाता है। यह बताता है कि समय और हालात इंसान के जज्बात बदल देते हैं। जो नाम कभी सुकून देता था, वही अब यादों का बोझ बन जाता है। शायर की खामोशी और बात बदल देना ही उसके टूटे हुए दिल की कहानी कह देता है।

Image

आज की शायरी में पढ़ें अहमद फराज का रोमांटिक शेर

Shayari of the Day, Ahmed Faraz Shayari in Hindi: अहमद फराज उर्दू शायरी के सबसे लोकप्रिय और असरदार शायरों में गिने जाते हैं। उनका जन्म 1931 में कोहाट (अब पाकिस्तान) में हुआ। वे अपनी रोमांटिक और प्रतिरोध की शायरी के लिए खास तौर पर पहचाने जाते हैं। फराज की गजलों में मोहब्बत की नर्मी भी है और सत्ता के खिलाफ बेबाक आवाज भी।

उनकी शायरी का अंदाज सीधा दिल में उतर जाने वाला है। उन्होंने प्रेम, जुदाई, तन्हाई और सामाजिक अन्याय जैसे विषयों को अपनी रचनाओं में जगह दी। फराज केवल इश्क के शायर नहीं थे, बल्कि उन्होंने राजनीतिक हालात पर भी खुलकर लिखा। इसी कारण उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ा और कुछ समय देश से बाहर रहना पड़ा। अहमद फराज की शायरी आज भी नई पीढ़ी को आकर्षित करती है।

आज की शायरी

आज की शायरी में आइए नजर डालते हैं अहमद फराज के एक मशहूर शेर पर। यह शेर मोहब्बत के बदलते एहसास और दिल की टूटन को बेहद नर्म लहजे में बयान करता है:

"अब तिरे जिक्र पे हम बात बदल देते हैं, कितनी रगबत थी तिरे नाम से पहले पहले"

फराज कहते हैं कि अब जब किसी महफिल या बातचीत में तुम्हारा जिक्र आता है, तो वह तुरंत बात बदल देता है। यह व्यवहार यूं ही नहीं है। इसके पीछे कोई गहरी चोट, कोई अधूरा रिश्ता या टूटी हुई उम्मीद छिपी है। कभी जिस नाम को सुनकर चेहरा खिल उठता था, आज वही नाम दिल में चुभन पैदा करता है। इसलिए वह उससे बचना चाहता है।

दूसरे मिसरे में रगबत यानी गहरी चाहत या लगाव की बात की गई है। शायर याद करते हैं कि एक समय ऐसा था जब तुम्हारे नाम से ही मोहब्बत झलकती थी। तुम्हारा जिक्र होना खुशी का कारण था, दिल धड़क उठता था। पहले-पहले शब्द इस बात की ओर इशारा करते हैं कि शुरुआत में इश्क कितना सच्चा, मासूम और उत्साह से भरा हुआ था।

यह शेर दरअसल रिश्ते के पूरे सफर, चाहत से दूरी तक, को दिखाता है। यह बताता है कि समय और हालात इंसान के जज्बात बदल देते हैं। जो नाम कभी सुकून देता था, वही अब यादों का बोझ बन जाता है। शायर की खामोशी और बात बदल देना ही उसके टूटे हुए दिल की कहानी कह देता है।

Ahmad Faraz Romantic Shayari

आइए इसी कड़ी में पढ़ें अहमद फराज के कुछ और मशहूर शेर:

1. रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ

आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ

2. किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल

कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा

3. तुम तकल्लुफ़ को भी इख़्लास समझते हो 'फ़राज़'

दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला

4. अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें

जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें

5. हुआ है तुझ से बिछड़ने के बा'द ये मा'लूम

कि तू नहीं था तिरे साथ एक दुनिया थी

6. किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम

तू मुझ से ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

और पढ़ें
End of Article