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Chhath Puja 2023 Geet: Sharda Sinha के इन गानों के बिना अधूरा सा लगता है छठ पूजा, यहां देखें बिहार की स्वर कोकिला के छठ गीत

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Nov 17, 2023, 07:41 AM IST

Chhath Puja 2023 Geet: 17 नवंबर से देशभर में आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत होगी। वैसे तो इस त्योहार की धूम पूरे भारतवर्ष में देखने को मिलती है लेकिन बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में इस पर्व की अलग ही रौनक देखने को मिलती है। बिहारियों के लिए यह सिर्प त्योहार नहीं बल्कि इमोशन है। बिहार के रहने वाले लोग किसी भी जगह रहें इस त्योहार को मनाने के लिए जरूर आते हैं।

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Sharda Sinha Chhath songs

Chhath Puja 2023 Geet: 17 नवंबर से देशभर में आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत होगी। वैसे तो इस त्योहार की धूम पूरे भारतवर्ष में देखने को मिलती है लेकिन बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में इस पर्व की अलग ही रौनक देखने को मिलती है। बिहारियों के लिए यह सिर्प त्योहार नहीं बल्कि इमोशन है। बिहार के रहने वाले लोग किसी भी जगह रहें इस त्योहार को मनाने के लिए जरूर आते हैं। छठ पूजा बिहारियों का सबसे बड़ा पर्व होता है। चार दिनों तक मनाया जाने वाला यह पर्व नहाय खाय के साथ शुरू होता है। दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य और चौथे यानि आखिरी दिन उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। छठ एकलौता ऐसा पर्व है जिसमें डूबते सूर्य की भी पूजा की जाती है। जब बात छठ की हो और शारदा सिन्हा के गानों का जिक्र ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता है।

छठ महापर्व आते ही पूरा बिहार शारदा सिन्हा के छठ के गानों से गुंजता नज़र आता है। वहीं कुछ लोगों के लिए छठ का मतलब शारदा सिन्हा ही है। शारदा सिन्हा के गानों के बिना छठ पर्व अधूरा सा लगता है। बुजूर्ग ही नहीं बल्कि बच्चों की जुबान पर भी शारदा सिन्हा के गाने रहते हैं। ऐसे में आज हम आपको शारदा सिन्हा के 3-4 गानों के बारे में बताएंगे जिन्हें छठ महापर्व के दौरान जरूर सुनें।

छठ पूजा के गीत - Chhath Puja Songs

सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ

हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार

सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ

हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार

आन दिन उगइ छा हो दीनानाथ

आहे भोर भिनसार, आहे भोर भिनसार

आजू के दिनवा हो दीनानाथ

हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर

बाट में भेटिए गेल गे अबला

एकटा अन्हरा पुरुष, एकटा अन्हरा पुरुष

अंखिया दियेते गे अबला

हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर

बाट में भेटिए गेल गे अबला

एकटा बाझिनिया, एकटा बाझिनिया

बालक दियेते गे अबला

हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर

केलवा के पात पर

केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके

केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके

हो करेलु छठ बरतिया से झांके ऊंके

हम तोसे पूछी बरतिया ऐ बरितया से केकरा लागी

हम तोसे पूछी बरतिया ऐ बरितया से केकरा लागी

हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी

हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी

हमरो जे बेटवा पवन ऐसन बेटवा से उनके लागी

हमरो जे बेटवा पवन ऐसन बेटवा से उनके लागी

हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी

हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी

अमरुदिया के पात पर उगेलन सुरूज मल झांके झुके

अमरुदिया के पात पर उगेलन सुरूज मल झांके झुके

हे करेलु छठ बरतिया से झांके झुके

हे करेलु छठ बरतिया से झांके झुके

हम तोसे पूछी बरतिया ए बरितिया से केकरा लागी

हम तोसे पूछी बरतिया ए बरितिया से केकरा लागी

हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी

हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी

हमरो जे स्वामी पवन एसन स्वामी उनके लागी

हमरो जे स्वामी पवन एसन स्वामी उनके लागी

हे करेली छठ बरतिया से उनके लागी

हे करेली छठ बरतिया से उनके लागी

नारियर के पात पर उगेलन सुरूजमल झांके झूके

नारियर के पात पर उगेलन सुरूजमल झांके झूके

हे करेलू छठ बरतिया से झांके झूके

हे करेलू छठ बरतिया से झांके झूके

हम तोसे पूछी बरतिया ए बरतिया से केकरा लागी

हम तोसे पूछी बरतिया ए बरतिया से केकरा लागी

हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी

हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी

हमरो जे बेटी पवन ऐसन बेटिया से उनके लागी

हमरो जे बेटी पवन ऐसन बेटिया से उनके लागी

हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी

हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी

पहिले पहिल हम कईनी

पहिले पहिल हम कईनी

पहिले पहिल हम कईनी

छठी मईया व्रत तोहार

करिहा क्षमा छठी मईया

भूल-चूक गलती हमार

सब के बलकवा के दिहा

छठी मईया ममता-दुलार

पिया के सनईहा बनईहा

मईया दिहा सुख-सार

नारियल-केरवा घोउदवा

साजल नदिया किनार

सुनिहा अरज छठी मईया

बढ़े कुल-परिवार

घाट सजेवली मनोहर

मईया तोरा भगती अपार

लिहिएं अरग हे मईया

दिहीं आशीष हजार

पहिले पहिल हम कईनी

छठी मईया व्रत तोहर

करिहा क्षमा छठी मईया

भूल-चूक गलती हमार

ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से

ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से

ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से

ओह पर सुगा मेड़राए

मारबो रे सुगवा धनुख से

सुगा गिरे मुरझाए

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से

आदित होई ना सहाय

ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से

ओह पर सुगा मेड़राए

मारबो रे सुगवा धनुख से

सुगा गिरे मुरझाए

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से

आदित होई ना सहाय

अमरुदवा जे फरेला खबद से

ओह पर सुगा मेड़राए

मारबो रे सुगवा धनुख से

सुगा गिरे मुरझाए

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से

आदित होई ना सहाय

शरीफवा जे फरेला खबद से

ओह पर सुगा मेड़राए

मारबो रे सुगवा धनुख से

सुगा गिरे मुरझाए

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से

आदित होई ना सहाय

ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से

ओह पर सुगा मेड़राए

मारबो रे सुगवा धनुख से

सुगा गिरे मुरझाए

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से

आदित होई ना सहाय

सभे फलवा जे फरेला खबद से

ओह पर सुगा मेड़राए

मारबो रे सुगवा धनुख से

सुगा गिरे मुरझाए

ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से

आदित होई ना सहाय

रितु राज
Ritu rajauthor

<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

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