लाइफस्टाइल

Shaheed Diwas 2023 Wishes, Messages, Shayari, Quotes: शहीद दिवस पर शहीदों को ऐसे करें याद, करीबियों के मोबाइल पर भेजें ये मैसेजेस और शायरी

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Mar 23, 2023, 06:09 AM IST

Shaheed Diwas 2023 Wishes, Messages, Shayari, Quotes In Hindi: साल 1931 में आज ही के दिन शहीद-ए-आजम भगत सिंह और उनके दो साथियों सुखदेव और राजगुरु को अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी। तीनों की फांसी देने का दिन 24 मार्च तय था, लेकिन देश में जनाक्रोश को देखते हुए एक दिन पहले यानी 23 मार्च को फांसी दे दी गई थी। हर साल शहीद दिवस पर देश के लोग इन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं और उनके लिए अपना सम्मान दिखाते हैं।

Image

Shaheed Diwas 2023

Shaheed Diwas 2023 Wishes, Messages, Shayari, Quotes In Hindi: 23 मार्च को हर साल भारत में शहीद दिवस (Shaheed Diwas 2023) मनाया जाता है। साल 1931 में आज ही के दिन शहीद-ए-आजम भगत सिंह और उनके दो साथियों सुखदेव और राजगुरु को अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी। तीनों की फांसी देने का दिन 24 मार्च तय था, लेकिन देश में जनाक्रोश को देखते हुए एक दिन पहले यानी 23 मार्च को फांसी दे दी गई थी। हर साल शहीद दिवस पर देश के लोग इन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं और उनके लिए अपना सम्मान दिखाते हैं। शहीद दिवस (Shaheed Diwas) पर आप अपने रिश्तेदारों, परिजनों, करीबियों और दोस्तों को शहीद दिवस से संबंधित विशेज, कोट्स, शायरी, मैसेज आदि भेजकर शहीदों को श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

शहीद दिवस 2023 विशेज (Shaheed Diwas 2023 Wishes)

वतन वालो वतन ना बेच देना,

ये धरती ये चमन ना बेच देना,

शहीदों ने जान दी है वतन के वास्ते,

शहीदों के कफन ना बेच देना..

शहीदों को नमन

चलो फिर से आज वो नजारा याद कर लें,

शहीदों के दिल में थी जो ज्वाला वो याद कर लें,

जिसमें बहकर आजादी पहुंची थी किनारे पे,

देशभक्तों के खून की वो धारा याद कर लें...

शहीदों को नमन

किसी – किसी किस्से में आता है

शहादत, नसीब वालो के हिस्से में आता है

शहीदों को नमन

कभी वह दिन भी आयेगा जब अपना राज देखेंगे

जब अपनी ही जमीं होगी जब अपना आसमां होगा

-जगदंबा प्रसाद मिश्र हितैषी

कभी वतन के लिए सोच के देख लेना

कभी माँ के चरण चूम के देख लेना

कितना मजा आता है मरने में यारो

कभी मुल्क के लिए मर के देख लेना

शहीदों को नमन

मैं जला हुआ राख नहीं, अमर दीप हूं

जो मिट गया वतन पर, मैं वो शहीद हूं

शहीदों को नमन

शहादत की ख़ुशी ऐसी है मुश्ताक़-ए-शहादत को

कभी ख़ंजर से मिलता है कभी क़ातिल से मिलता है

- जलील मानिकपूरी

शहीदों की चिताओं पर जुड़ेंगे हर बरस मेले

वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा

-जगदंबा प्रसाद मिश्र हितैषी

न इंतिज़ार करो इनका ऐ अज़ा-दारो

शहीद जाते हैं जन्नत को घर नहीं आते

-साबिर ज़फ़र

अपनी आज़ादी को हम हरगिज

भुला नहीं सकते

सर कटा सकते है लेकिन सर झुका सकते नहीं

देश के शहीदों को शत् शत् नमन

भारत माता की जय

शहीदों को नमन

सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाजु-ए-कातिल में है।

शहीदों को नमन

प्रेमी पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं और देशभक्‍तों को अक्‍सर लोग पागल कहते हैं।

शहीदों को नमन

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

और पढ़ें
End of Article