बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु (Samantha Ruth Prabhu) अपनी बेहतरीन एक्टिंग के साथ-साथ अपनी जबरदस्त फिटनेस के लिए भी पहचानी जाती हैं। इन दिनों वह अपनी प्रेग्नेंसी के आखिरी दौर से गुजर रही हैं और जल्द ही वह और उनके पति राज निदिमोरू अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाले हैं। मदरहुड के इस खूबसूरत सफर को सामंथा हेल्दी तरीके से एंजॉय कर रही हैं।
हाल ही में सामंथा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी के पहले महीने और नौवें महीने के वर्कआउट की तुलना करके दिखाई है। इस वीडियो में उन्होंने यह साबित कर दिया है कि लगन और सही मार्गदर्शन हो, तो प्रेग्नेंसी के दौरान भी खुद को एक्टिव और फिट रखा जा सकता है।
प्रेग्नेंसी के 9वें महीने में भी नहीं बदला वर्कआउट
अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सामंथा ने एक रील शेयर किया। इस वीडियो में उन्हें प्रेग्नेंसी के पहले महीने की तरह ही नौवें महीने में भी भारी वजन के साथ स्क्वाट्स करते हुए देखा जा सकता है। वजन के साथ किए जाने वाले स्क्वाट्स एक बेहतरीन कंपाउंड एक्सरसाइज हैं, जो शरीर के निचले हिस्से (क्वाड्रसेप्स, हैमस्ट्रिंग, ग्लूट्स और काव्स) की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, सहनशक्ति बढ़ाते हैं और डिलीवरी के समय शरीर को जरूरी ताकत देते हैं।
उनके इस जज्बे को देखकर फैंस और सेलिब्रिटीज उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें सुपरमॉम और फिटनेस इंस्पिरेशन कहकर उनकी सराहना कर रहे हैं।

प्रेग्नेंसी में फिट रहना है बहुत जरूरी
क्या प्रेग्नेंसी में वर्कआउट करना सुरक्षित है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान सही तरीके से एक्सरसाइज करना मां और होने वाले बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग सहित अन्य सुरक्षित व्यायाम महिलाओं को मांसपेशियों को टोन रखने, वजन को नियंत्रित करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
यह डिलीवरी के लिए शरीर की सहनशक्ति को भी मजबूत करता है। हालांकि, किसी भी तरह की भारी कसरत या वजन उठाने से पहले डॉक्टर या फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह लेना अनिवार्य है। सुरक्षित तरीके और पेशेवर निगरानी में किया गया वर्कआउट प्रसव की तैयारियों में बेहद मददगार साबित हो सकता है।
सामंथा का यह सफर उन सभी महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो अक्सर यह मान लेती हैं कि गर्भावस्था के दौरान पूरी तरह आराम करना ही एकमात्र विकल्प है। उनकी यह फिटनेस जर्नी साबित करती है कि अगर शरीर साथ दे और डॉक्टर की देखरेख हो, तो मातृत्व के इस पड़ाव को भी सक्रियता के साथ जिया जा सकता है। यह न सिर्फ शारीरिक सेहत को दुरुस्त रखता है, बल्कि प्रसव के बाद रिकवरी को भी आसान बनाता है।
