प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के चर्चे दुनिया भर में हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर मोदी जी की इटली की प्रभानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ कई सारी वीडियोज वायरल हुई हैं। जिनमें एक वीडियो दोनों की साथ पौधारोपण करने की भी है। एक पेड़ मां के नाम पहल के तहत दोनों देशों के प्रधानमंत्री द्वारा खास सदियों पुराना शहतूत का पौधा लगाया गया है। ऐसे में अब लोग अब इंटरनेट पर शहतूत के पेड़ से जुड़ी कई बातें खोज रहे हैं। कोई जानना चाहता है कि क्या इसे घर में लगाया जा सकता है, तो कोई यह समझना चाहता है कि आखिर यह पेड़ इतना खास क्यों माना जाता है।
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शहतूत का पेड़ सिर्फ अपने मीठे फलों के लिए ही नहीं बल्कि लंबे समय तक जीवित रहने की वजह से भी जाना जाता है। माना जाता है कि सही देखभाल मिलने पर यह पेड़ कई पीढ़ियों तक फल दे सकता है। अच्छी बात यह है कि इसे घर के आंगन, छत या बड़े गमले में भी उगाया जा सकता है। हालांकि इसके लिए सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और संतुलित पानी का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
PM मोदी और मेलोनी ने कौनसा पेड़ उगाया
मोदी जी और मेलोनी ने बहुत ही खूबसूरत से बगीचे के बीचों बीच ब्लैक मलबेरी का पेड़ उगाया है। जिसे भारत में कृष्ण टूट के नाम से जाना जाता है। अगर आपके घर में थोड़ी खुली जगह या बड़ी बालकनी है तो शहतूत का पौधा लगाया जा सकता है। यह घर की हरियाली बढ़ाने के साथ स्वादिष्ट फल भी देता है।

Modi Melony Planting black mulberry tree
शहतूत का पेड़ कब फल देता है
आमतौर पर शहतूत का पौधा लगाने के 2 से 4 साल बाद फल देना शुरू कर सकता है। सही देखभाल मिलने पर हर साल इसमें अच्छे फल आते हैं। अगर आप ग्राफ्टिंग करके ये पेड़ लगा रहे हैं, तो 1 से 2 साल में फल आने लग जाएंगे।
कैसी मिट्टी रहती है सही?
शहतूत के पौधे के लिए हल्की और पानी निकालने वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है। मिट्टी में गोबर की खाद मिलाने से पौधे की बढ़त बेहतर हो सकती है।
कितनी धूप चाहिए?
इस पेड़ को रोज कम से कम 5 से 6 घंटे की धूप मिलना जरूरी माना जाता है। अच्छी धूप मिलने से फल ज्यादा मीठे और स्वस्थ बनते हैं।
कितना पानी डालना चाहिए?
गर्मी में पौधे को रोज थोड़ा पानी देना सही रहता है, लेकिन मिट्टी में पानी जमा नहीं होना चाहिए। शहतूत का पौधा बहुत ज्यादा देखभाल नहीं मांगता। समय-समय पर सूखी टहनियां काटने और खाद देने से यह स्वस्थ बना रहता है। इसे उगाने के लिए सबसे सही समय फरवरी से मार्च और जुलाई से अगस्त के बीच का माना जाता है।
