लाइफस्टाइल

Parenting Tips: बच्चों में सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए इन बातों का दें ध्यान, पेरेंट्स करें ये काम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 30, 2022, 05:27 PM IST

Parenting Tips: बच्चों में सेल्फ कॉन्फिडेंस का बीज 5 साल के अंदर ही पड़ जाता है। पैरेंट्स अगर बच्चों से जुड़ी कुछ बातों पर ध्यान न दें तो उनका सेल्फ कॉन्फिडेंस लो हो सकता है। अकेले रहने वाले बच्चों में कॉन्फिडेंस कमी होती है लेकिन जो पैरेंट्स अपने बच्चों पर ध्यान देते हैं उनमें आत्मविश्वास ज्यादा होता है।

Image

बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए पैरेंट्स करें ये काम

KEY HIGHLIGHTS
  • इन टिप्स की मदद से बच्चे का Confidence बढ़ाएं
  • बच्चे को कॉन्फिडेंट बनाना है तो कभी न करें ये गलती
  • पैरेंट्स के इन बातों से कम होता है बच्चों का सेल्फ कॉन्फिडेंस

Parenting Tips: व्यक्ति के मस्तिष्क का विकास 5 साल की उम्र तक सबसे ज्यादा होता है। यदि आप शुरुआती 5 वर्षों तक बच्चों का ध्यान अच्छे से देते हैं तो उनका मानसिक विकास भली-भांति होता है। जैसे ही वे बड़े होते हैं तो नई आदतें सीखते हैं, नए दोस्त बनाते हैं और नई कलाएं सीखते हैं। बच्चे जब भी कुछ करने में सक्षम महसूस करते हैं तो उनमें आत्मविश्वास की भावना अपने आप विकसित होती ।है आत्मविश्वास का होना बच्चों के लिए बहुत जरूरी है। यह उन्हें हर काम को कर गुजरने की ताकत देता है। सिर्फ आत्मविश्वास से ही 50 प्रतिशत काम तो अपने आप हो जाता है।

कैसे बढ़ाएं बच्चों में आत्मविश्वास-

बच्चों की प्रशंसा करें-

जब बच्चों के कार्यों की तारीफ की जाती है तो वह बहुत गर्व महसूस करते हैं। तारीफ बटोरने के लिए भी कुछ न कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। जब भी बच्चा कुछ नया करें तो उसकी जमकर तारीफ करें। जब वह किसी काम में असफल हो जाता है तो उसे और अच्छा करने के लिए प्रेरित करें। गलत चीजों पर बच्चों का कभी साथ ना दें।

जिम्मेदारियां सौंपे-

आप बच्चों को छोटी-छोटी जिम्मेदारियां दें। जैसे, अपने बैग में किताबों को रखने का, बिस्तर ठीक करने का बच्चों को जब जिम्मेदारी दी जाती हैं तो वह उसे पूरा करके बहुत खुश होते हैं। इसके साथ ही उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

स्वयं प्रयास करने दें-

बच्चों को सब कुछ बना बनाया ही न दें बल्कि उन्हें खुद भी कुछ करने दें। बच्चे छोटे-मोटे काम स्वयं कर सकते हैं। किसी कठिन परिस्थिति में उन्हें सिर्फ गाइड करें और परिस्थिति को ठीक उन्हें स्वयं ही करने दें। ऐसे ही बच्चा सीखेगा और उसका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

बच्चे की तुलना ना करें-

सबसे ज्यादा यही समस्या देखने को मिलती है कि पेरेंट्स अपने बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से करते हैं। इससे बच्चों के अंदर हीन भावना पैदा होती है और वह खुद को कम आंकने लगते हैं। इसके चलते बच्चों में आत्मविश्वास की कमी होती है।

कभी-कभी अपने बच्चों से भी सलाह लें। इससे एक तो आप को उनके मेंटल स्ट्रैंथ का भी पता चल पाएगा साथ ही बच्चों को भी गर्व महसूस होता है कि वह परिवार का अहम हिस्सा है और अपने बड़ों की मदद कर सकते हैं। यह उनमें आत्मविश्वास की भावना भर देता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल author

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच ए... और देखें

End of Article