Assam Drug Destruction Drive: असम को नशा मुक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) की सरकार ने एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। रविवार को नलबाड़ी जिले के दौलाशाल में स्थित असम पुलिस की 14वीं बटालियन के परिसर में एक विशाल मादक पदार्थ नष्टीकरण अभियान (Narcotics Destruction Programme) की शुरुआत की गई।
इस अभियान के तहत एक झटके में कुल 472.51 करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय कीमत वाले नशीले पदार्थों को आग के हवाले कर नष्ट किया गया। इस मौके पर राज्य के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ और विधायक नारायण डेका भी मौजूद रहे।
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आधुनिक मशीन से 10 दिनों तक खाक होगा नशा
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान बताया कि भारत सरकार की ओर से दौलाशाल में एक अत्याधुनिक 'ड्रग इंसिनरेशन मशीन' लगाई गई है। आने वाले 10 दिनों तक इस मशीन के जरिए भारी मात्रा में जब्त की गई ड्रग्स को पूरी तरह नष्ट किया जाएगा।
नष्ट की जाने वाली सामग्री में 118 करोड़ रुपये की हेरोइन, 189 करोड़ रुपये का गांजा, 75 करोड़ रुपये की मेथमफेटामाइन टैबलेट्स के साथ-साथ भारी मात्रा में कफ सिरप, अफीम और कोकीन शामिल हैं। असम बीजेपी ने साफ किया है कि राजधानी के बाद अब राज्य के सभी जिला पुलिस मुख्यालयों में भी इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे।
असम पुलिस के आंकड़े दे रहे गवाही
सभा को संबोधित करते हुए सीएम सरमा ने कहा कि असम में हर साल औसतन 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा के नशीले पदार्थ जब्त किए जाते हैं। पिछले 5 सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो असम पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब 3,300 मामले दर्ज किए हैं और 3,227 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग्स बरामद की है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah Anti Drug Campaign) के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने अंतर-राज्यीय समन्वय को मजबूत किया है, जिससे ड्रग्स तस्करी पर लगाम कसी जा सकी है। उन्होंने पड़ोसी राज्यों के सियासी बदलावों का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि अब तस्करों के लिए असम को एक ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया है। सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ और भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
