कई बार बरसात के मौसम में फिसलन बढ़ जाती है। बहुत से लोग फिसलकर चोटिल हो जाते हैं। हमारे चप्पल फिसलने का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि हम जो चप्पल पहन रहे हैं वो पानी में ना फिसले, इसके लिए क्या करना होगा। यहां हम आपकी मदद कर रहे हैं। हमने इंटरनेट की दुनिया को खंगाला और कुछ ऐसे आसान उपाय ढूंढ़ कर लाए जो आपके चप्पल की पकड़ को बेहतर बना सकते हैं:
चप्पल का चुनाव सही हो
बारिश के मौसम में हमेशा ऐसी चप्पल पहनें, जिसके सोल पर गहरी ग्रिप या खांचे बने हों। सपाट और घिसे हुए सोल वाली चप्पलें गीली सतह पर जल्दी फिसलती हैं। अगर आपकी पुरानी चप्पल का सोल चिकना हो गया है, तो उसे बदल देना ही बेहतर होगा।
सैंडपेपर से बढ़ाएं ग्रिप
अगर चप्पल का सोल थोड़ा चिकना हो गया है, तो उस पर हल्के हाथ से सैंडपेपर रगड़ सकते हैं। इससे सोल की सतह थोड़ी खुरदरी हो जाएगी और जमीन पर पकड़ बेहतर बनेगी।
चप्पल को रखें साफ
कई बार चप्पल के सोल में मिट्टी, काई या चिकनाई जम जाती है। इससे ग्रिप कम हो जाती है। बारिश के दिनों में समय-समय पर चप्पल को पानी से धोकर ब्रश की मदद से साफ करें।
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गीले फर्श पर धीरे चलें
चप्पल कितनी भी अच्छी क्यों न हो, अगर आप तेजी से चलेंगे तो फिसलने का खतरा बढ़ जाएगा। बारिश में सावधान रहें और खासकर सीढ़ियों, टाइल्स और मार्बल वाले फर्श पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।
सही मटेरियल की चप्पल पहनें
मानसून में रबर या ईवीए मटेरियल की चप्पलें बेहतर मानी जाती हैं। ये जल्दी सूख जाती हैं और आमतौर पर अच्छी ग्रिप भी देती हैं। वहीं चमड़े या बहुत चिकने प्लास्टिक की चप्पलें गीली होने पर ज्यादा फिसल सकती हैं।
घिसी हुई चप्पल का इस्तेमाल बंद करें
अगर चप्पल का सोल पूरी तरह घिस चुका है या उसमें दरारें आ गई हैं, तो उसे रिपेयर कराने समझदारी नहीं है। कुछ रुपये बचाने के चक्कर में चोट लगना कहीं ज्यादा महंगा साबित हो सकता है।
बारिश के मौसम में फिसलकर गिरने से मोच, फ्रैक्चर या सिर में चोट जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सिर्फ स्टाइल नहीं, चप्पल की सुरक्षा और ग्रिप पर भी ध्यान दें। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर आप बारिश का आनंद भी ले सकते हैं और दुर्घटनाओं से भी बच सकते हैं।
