लाइफस्टाइल

ऑफिस के लिए परफ्यूम चुनते वक्त रखें इन खास बातों का ध्यान, खिल जाएगी पर्सनैलिटी

आजकल कई बड़ी कंपनियां फ्रेगरेंस एटीकेट यानी परफ्यूम इस्तेमाल करने के सही तरीके पर भी जोर देती हैं। इसी कारण ऑफिस के लिए परफ्यूम खरीदते समय सिर्फ उसकी खुशबू पसंद आना ही काफी नहीं है

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आफिस के लिए परफ्यूम चुनने में ना करें ये गलतियां (Photo: iStock)

ऑफिस में आपकी ड्रेसिंग, बात करने का तरीका और काम करने का स्टाइल जितना मायने रखता है, उतनी ही अहम आपकी फ्रेगरेंस भी होती है। एक अच्छा परफ्यूम आपका कॉन्फिडेंस बढ़ाता है और लोगों पर पॉजिटिव इम्प्रेशन छोड़ता है। दूसरी तरफ अगर परफ्यूम की खुशबू बहुत तेज हो या गलत तरह की हो, तो वही आपके आसपास बैठे लोगों के लिए असहजता की वजह बन सकती है।

आजकल कई बड़ी कंपनियां फ्रेगरेंस एटीकेट यानी परफ्यूम इस्तेमाल करने के सही तरीके पर भी जोर देती हैं। इसी कारण ऑफिस के लिए परफ्यूम खरीदते समय सिर्फ उसकी खुशबू पसंद आना ही काफी नहीं है। कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

हमेशा हल्की और फ्रेश फ्रेगरेंस चुनें

ऑफिस कोई पार्टी या शादी नहीं है। यहां आपको कई घंटे अपने कलीग्स के साथ एक ही जगह बैठकर काम करना होता है। ऐसे में बहुत स्ट्रॉन्ग परफ्यूम दूसरों के लिए परेशान करने वाले हो सकते हैं।

ऑफिस के लिए सिट्रस, एक्वाटिक, ग्रीन या हल्के फ्लोरल नोट्स वाले परफ्यूम सबसे अच्छे माने जाते हैं। वहीं बहुत ज्यादा ऊद, मस्क या स्वीट फ्रेगरेंस छोटे ऑफिस स्पेस में भारी लग सकती हैं।

ज्यादा के चक्कर में ना पड़ें

लोग सोचते हैं कि जितना ज्यादा परफ्यूम लगाएंगे, उतना बेहतर होगा। जबकि सच इसका उल्टा है। अच्छे परफ्यूम की पहचान यही है कि उसकी खुशबू तभी महसूस हो, जब कोई आपके करीब आए। ऑफिस के लिए आमतौर पर 2 से 4 स्प्रे काफी होते हैं। परफ्यूम को कलाई, गर्दन और कानों के पीछे जैसे पल्स पॉइंट्स पर लगाने से उसकी खुशबू ज्यादा देर तक बनी रहती है।

चुनें लॉन्ग लास्टिंग परफ्यूम

अगर आपको हर दो-तीन घंटे में परफ्यूम दोबारा लगाना पड़ रहा है, तो शायद आपने सही प्रोडक्ट नहीं चुना। कोशिश करें कि ऐसा परफ्यूम लें जो कम से कम 6 से 8 घंटे तक टिका रहे। इसके लिए अच्छी क्वालिटी का ईडीपी (Eau de Parfum) बेहतर ऑप्शन माना जाता है।

मौसम के हिसाब से बदलें परफ्यूम

हर मौसम में एक जैसा परफ्यूम अच्छा नहीं लगता। समर और मानसून में फ्रेश और हल्की खुशबू वाले परफ्यूम ज्यादा बेहतर रहते हैं। वहीं विंटर में थोड़े वुडी या वार्म नोट्स वाले फ्रेगरेंस ज्यादा अच्छे लगते हैं। मौसम के हिसाब से परफ्यूम चुनने से उसकी खुशबू भी बेहतर रहती है और आसपास के लोगों को भी आरामदायक महसूस होता है।

खरीदने से पहले जरूर करें टेस्ट

किसी दोस्त या कलीग पर अच्छा लगने वाला परफ्यूम जरूरी नहीं कि आपकी स्किन पर भी वैसा ही महके। हर व्यक्ति की स्किन केमिस्ट्री अलग होती है। इसलिए परफ्यूम खरीदने से पहले उसे अपनी कलाई पर स्प्रे करें और कम से कम 20-30 मिनट इंतजार करें। शुरुआत की खुशबू और कुछ देर बाद आने वाली खुशबू में काफी फर्क हो सकता है।

प्रोफेशनल पर्सनैलिटी का हिस्सा है परफ्यूम

ऑफिस में परफ्यूम का मकसद लोगों का ध्यान खींचना नहीं, बल्कि खुद को फ्रेश, क्लीन और प्रोफेशनल दिखाना होना चाहिए। सही परफ्यूम आपकी पर्सनैलिटी को बेहतर बनाता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा स्ट्रॉन्ग फ्रेगरेंस आपके बारे में गलत इम्प्रेशन भी छोड़ सकती है।

जब भी ऑफिस के लिए परफ्यूम खरीदें, तो उसकी फ्रेगरेंस, लॉन्ग-लास्टिंग क्वालिटी और ऑफिस के माहौल के हिसाब से उसे जरूर चुनें। यही छोटी-सी बात आपको दूसरों से अलग और ज्यादा प्रोफेशनल बना सकती है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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