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भूलकर भी बच्चों के सामने ना करें ये 7 हरकतें, बुरी तरह से टूट जाता है बच्चा, नोट कर लें पेरेट्स

Healthy Parenting Tips: भारत में पेरेंटिंग तेजी से बदल रही है। आज के बच्चे पहले से ज्यादा जागरूक हैं। UNICEF की एक रिपोर्ट कहती है कि बच्चे का व्यवहार 70% माता-पिता के व्यवहार से बनता है। अगर हम बच्चों के सामने सकारात्मक माहौल बनाएं तो वो आत्मविश्वास और अच्छे मूल्यों के साथ बड़े होंगे।

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भूलकर भी बच्चों के सामने ना करें ये 7 हरकतें, बुरी तरह से टूट जाता है बच्चा, नोट कर लें पेरेट्स (Photo: iStock)

Healthy Parenting Tips in Hindi: बच्चे हमारी नकल करने में माहिर होते हैं। वो जो देखते हैं, वही सीखते हैं। इसलिए माता-पिता के तौर पर हमें अपने व्यवहार पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। पेरेंट्स को हर हाल में बच्चों के सामने इन आदतों से बाज आना चाहिए। कुछ बातें ऐसी होती हैं जो बच्चों के सामने की जाएं तो उनके दिमाग और व्यवहार पर बुरा असर पड़ता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि वो सात हरकतें क्या हैं, जो हमें बच्चों के सामने भूलकर भी नहीं करनी चाहिए:

1. गुस्से में चीखना-चिल्लाना

जब आप बच्चों के सामने गुस्सा दिखाते हैं जैसे पार्टनर से ऊंची आवाज में बहस करना या किसी पर चिल्लाना, तो बच्चे डर जाते हैं। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इससे बच्चे में असुरक्षा की भावना पनपती है। वो सोचने लगते हैं कि गुस्सा दिखाना हर समस्या का हल है।

2. स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना

अगर आप दिनभर फोन स्क्रॉल करते रहते हैं, तो बच्चे भी यही सीखेंगे। एक स्टडी के मुताबिक, भारत में 60% बच्चे अपने माता-पिता को देखकर ज्यादा स्क्रीन टाइम की आदत डाल रहे हैं। बच्चों के सामने फोन कम यूज करें।

3. दूसरों की बुराई करना

किसी की निंदा या गॉसिप करना बच्चों के सामने ठीक नहीं। इससे वो दूसरों को जज करना सीखते हैं। अगर आप पड़ोसी या रिश्तेदार की बुराई करेंगे, तो बच्चा भी यही व्यवहार दोहराएगा। बेहतर है कि बच्चों को दूसरों की अच्छाइयां गिनाना सिखाएं।

4. झूठ बोलना

पेरेंट्स के छोटे-मोटे झूठ भी बच्चों को गलत संदेश देते हैं। बच्चे सच और झूठ का फर्क समझते हैं। अगर आप ईमानदारी की बात करेंगे, तो वो भी सच बोलना सीखेंगे।

5. पैसे की चिंता जाहिर करना

अगर आप बार-बार बच्चों के सामने आर्थिक समस्याओं का जिक्र करते हैं तो बच्चे में डर, चिंता और गिल्ट की भावना पैदा हो सकती है। इसलिए आर्थिक तनाव को बच्चों से छुपा कर बात करें।

6. अस्वस्थ आदतें अपनाना

जंक फूड खाना, देर तक जागना या एक्सरसाइज न करना, ये सब बच्चों पर असर डालता है। अगर आप हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएंगे तो बच्चे भी उसे फॉलो करेंगे।

7. अपनी भावनाओं को दबाना

कई बार माता-पिता बच्चों के सामने अपनी भावनाएं छिपाते हैं, जैसे उदासी या तनाव। लेकिन बच्चों को ये दिखाना जरूरी है कि भावनाएं व्यक्त करना ठीक है। इससे बच्चे अपनी भावनाओं को समझना और शेयर करना सीखते हैं।

क्यों जरूरी है ये सब?

भारत में पेरेंटिंग तेजी से बदल रही है। आज के बच्चे पहले से ज्यादा जागरूक हैं। UNICEF की एक रिपोर्ट कहती है कि बच्चे का व्यवहार 70% माता-पिता के व्यवहार से बनता है। अगर हम बच्चों के सामने सकारात्मक माहौल बनाएं तो वो आत्मविश्वास और अच्छे मूल्यों के साथ बड़े होंगे। ऊपर बताई गई छोटी-छोटी बातें बच्चों के भविष्य को बेहतर बना सकती हैं। आइए, अपने बच्चों के लिए वो रोल मॉडल बनें, जैसा हम उन्हें बनता देखना चाहते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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