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Nelson Mandela Motivational Quotes: जीवन को सही दिशा देने का काम करेंगी नेल्सन मंडेला की ये बातें, आज ही बांध लें गांठ

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Mar 21, 2025, 06:35 AM IST

Nelson Mandela Motivational Quotes in Hindi: नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ़्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति थे। उन्होंने रंगभेद के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी थी। उनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। ऐसे में यहां पढ़ें उनके प्रेरक विचार।

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Nelson Mandela Motivational Quotes in Hindi

Nelson Mandela Motivational Quotes in Hindi: नेल्सन मंडेला को उनके साहस, दृढ़ संकल्प के लिए व्यापक रूप से सम्मानित किया जाता है। उन्हें 20वीं सदी के सबसे महान नेताओं में से एक माना जाता है और उनकी विरासत दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करती है। नेल्सन मंडेला एक दक्षिण अफ़्रीकी राजनीतिज्ञ जिन्होंने 1994 से 1999 तक दक्षिण अफ़्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। उन्हें दक्षिण अफ़्रीका के मुक्तिदाता के रूप में व्यापक रूप से माना जाता है। नेल्सन मंडेला का जन्म 18 जुलाई 1918 को म्वेज़ो, दक्षिण अफ़्रीका में हुआ था। उनके पिता एक स्थानीय प्रमुख थे और उनकी मां एक गृहिणी थीं। मंडेला ने फोर्ट हेयर विश्वविद्यालय और विटवाटरसैंड विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की, जहाँ उन्होंने क़ानून की पढ़ाई की।

1940 के दशक में, मंडेला अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस (एएनसी) में शामिल हो गए, जो एक रंगभेद विरोधी संगठन था। उन्होंने जल्द ही एएनसी में एक प्रमुख भूमिका निभाई और रंगभेद के ख़िलाफ़ कई अभियानों में भाग लिया।1964 में, मंडेला और एएनसी के कई अन्य नेताओं को तोड़फोड़ के आरोपों में गिरफ़्तार किया गया। उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई और उन्होंने अगले 27 साल जेल में बिताए। 1990 में, अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद मंडेला को जेल से रिहा कर दिया गया। उनकी रिहाई ने दक्षिण अफ़्रीका में रंगभेद के अंत का मार्ग प्रशस्त किया। 1994 में, मंडेला को दक्षिण अफ़्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति के रूप में चुना गया। उनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। ऐसे में यहां पढ़ें नेल्सन मंडेला के मोटिवेशनल कोट्स।

Nelson Mandela Motivational Inspirational Quotes in hindi

1. “शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं।”

2. “जब किसी व्यक्ति को वह जीवन जीने के अधिकार से वंचित कर दिया जाता है जिसमें वह विश्वास करता है, तो उसके पास अपराधी बनने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता है।”

3. “मैंने सीखा कि साहस डर की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि उस पर विजय है। बहादुर आदमी वह नहीं है जिसे डर नहीं लगता, बल्कि वह है जो डर पर विजय पा लेता है।”

4. “एक अच्छा दिमाग और अच्छा दिल हमेशा एक जबरदस्त संयोजन होता है। लेकिन जब आप उसमें एक साक्षर जीभ या कलम जोड़ते हैं, तो आपके पास कुछ बहुत खास होता है।

5. “यह हमेशा असंभव सा लगता है जब तक कि पूरा न हो जाय।”

6.“कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की त्वचा के रंग, उसकी पृष्ठभूमि या उसके धर्म के कारण उससे नफरत करते हुए पैदा नहीं होता है। लोगों को नफरत करना सिखाया जाता है, और अगर वे नफरत करना सीख सकते हैं, तो उन्हें प्यार करना भी सिखाया जा सकता है, क्योंकि प्यार इसके विपरीत की तुलना में मानव हृदय में अधिक स्वाभाविक रूप से आता है।

6.“दृढ़ता, जिद्द और विश्वास से हम अपने हर सपने को पूरा कर सकते हैं।”

7.“यह वह समय नहीं है कि पीछे हटें। अब वह समय है जो हमने शुरू किया था उसके लिए आगे बढ़ाने का।”

8.“मुसीबतें किसी को तोड़ती हैं तो किसी को मजबूत भी बनाती हैं. कोई भी कुल्हाड़ी इतनी तेज नहीं होती कि वो लगातार प्रयास करने वाले के हौसले को तोड़ सके।”

9.“जैसे हम अपनी रोशनी को चमकने देते हैं, हम अनजाने में अन्य लोगों को भी ऐसा करने की अनुमति दे देते हैं।”

10.“पैसों से सफलता नहीं मिलती. पैसे कमाने की स्वतंत्रता से सफलता मिलती है।”

Ritu raj
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<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

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